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एक ही काम का दो बार हुआ भुगतान
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एक ही काम का दो बार हुआ भुगतान
- सोशल ऑडिट के दौरान मामला हुआ उजागर
- टीम ने उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। विकास खंड हैसर बाजार के ग्राम पंचायत फुलुई में सोशल ऑडिट के दौरान विकास कार्यों में अनियमितता उजागर हुई है। एक ही कार्य पर दो वित्तीय वर्ष में भुगतान लिए जाने की बात जब सामने आई है। टीम ने कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दिया है।
ग्राम पंचायत फुलुई में पांच सितंबर को विकास कार्यों की जांच के लिए आई नेशनल लेबल मॉनीटर की टीम ने कुआनों नदी की तलहटी में खोदे गए मानक विहीन पोखरे को देखकर नाराजगी जताई थी। वहीं, जांच के दौरान अनियमितता मिली।
ऑडिट टीम में शामिल सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2020-21 में रामप्रताप के घर से सुरेमन के खेत तक मिट्टी कार्य कराकर तीन लाख 26 हजार रुपये मजदूरी के रूप में खर्च किया गया था। उसी योजना को वर्ष 2021-22 में कार्य कराया जाना दिखाकर तीन लाख 24 हजार 5 सौ 13 रुपये व्यय किया गया है। इसी तरह तीन परियोजनाओं पर बगैर काम कराए भुगतान लिए जाने का मामला प्रकाश में आया है।
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इस संबंध में पूछे जाने पर कोऑर्डिनेटर गिरीश चंद यादव ने बताया कि फुलुई में ऑडिट के दौरान जो भी मामला जांच के दौरान उजागर हुआ है। उसकी जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है।
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- सोशल ऑडिट के दौरान मामला हुआ उजागर
- टीम ने उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। विकास खंड हैसर बाजार के ग्राम पंचायत फुलुई में सोशल ऑडिट के दौरान विकास कार्यों में अनियमितता उजागर हुई है। एक ही कार्य पर दो वित्तीय वर्ष में भुगतान लिए जाने की बात जब सामने आई है। टीम ने कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दिया है।
ग्राम पंचायत फुलुई में पांच सितंबर को विकास कार्यों की जांच के लिए आई नेशनल लेबल मॉनीटर की टीम ने कुआनों नदी की तलहटी में खोदे गए मानक विहीन पोखरे को देखकर नाराजगी जताई थी। वहीं, जांच के दौरान अनियमितता मिली।
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ऑडिट टीम में शामिल सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2020-21 में रामप्रताप के घर से सुरेमन के खेत तक मिट्टी कार्य कराकर तीन लाख 26 हजार रुपये मजदूरी के रूप में खर्च किया गया था। उसी योजना को वर्ष 2021-22 में कार्य कराया जाना दिखाकर तीन लाख 24 हजार 5 सौ 13 रुपये व्यय किया गया है। इसी तरह तीन परियोजनाओं पर बगैर काम कराए भुगतान लिए जाने का मामला प्रकाश में आया है।
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इस संबंध में पूछे जाने पर कोऑर्डिनेटर गिरीश चंद यादव ने बताया कि फुलुई में ऑडिट के दौरान जो भी मामला जांच के दौरान उजागर हुआ है। उसकी जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है।