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आग से झुलसी महिला ने भी तोड़ा दम
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आग से झुलसी महिला ने भी तोड़ा दम
- कालीजगदीशपुर में सिलिंडर फटने से लगी आग में झुलसे थे चार लोग
- चारों की मौत से क्षेत्र के लोग गमगीन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिहरपुर। 17 अक्तूबर को महुली क्षेत्र के कालीजगदीशपुर में गैस सिलिंडर फटने से लगी आग में झुलसी महिला की उपचार के दौरान मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। परिवार के चार लोगों की मौत से क्षेत्र के लोग स्तब्ध हैं।
17 अक्तूबर को कालीजगदीशपुर निवासी 40 वर्षीय हबीबुल्लाह और उसकी पत्नी आबिदा खातून, पांच वर्षीय बेटा वाजिद अली और सात वर्षीय बेटी शमबन एक ही कमरे में सोए हुए थे। गैंस सिलिंडर में रिसाव हो रहा था। मच्छर से बचाव के लिए जलाए गए क्वायल की वजह से गैंस सिलिंडर फट गया और दंपती और दोनों बच्चे झुलस गए। झुलसे चारों लोगों का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था। शुक्रवार को पहले बेटे वाजिद की मौत हुई। फिर शनिवार को पिता हबीबुल्लाह ने दम तोड़ दिया। सोमवार को बेटी शबनम की मौत हो गई। मंगलवार को आबिदा खातून की भी मौत हो गई। इधर मौत की खबर से परिवार में बचे तीन बच्चों के सिर से ममता छीन गई। हबीबुल्लाह की कुल पांच संतानें थी। जिनमें वाजिद (5), शबनम(7) की मौत हो चुकी है। पुत्री शाजमा (16) और शाजिदा (14) हादसे की रात गांव में स्थित अपने घर में थी। जबकि बेटा अब्दुल (12) एक रिश्तेदार के घर गया था। हादसे के वक्त हबीबुल्लाह दंपति व उनके दो बच्चे उनके साथ गांव के चौराहे पर किराए के कमरे में सोए थे। शाजमा, शाजिदा और अब्दुल माता-पिता और भाई-बहन की मौत के सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। गांव व क्षेत्र में इस बात की चर्चा है कि उब इन बच्चों की परवरिश कौन करेगा। लोगों को उनके भविष्य की चिंता सता रही है।
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- कालीजगदीशपुर में सिलिंडर फटने से लगी आग में झुलसे थे चार लोग
- चारों की मौत से क्षेत्र के लोग गमगीन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिहरपुर। 17 अक्तूबर को महुली क्षेत्र के कालीजगदीशपुर में गैस सिलिंडर फटने से लगी आग में झुलसी महिला की उपचार के दौरान मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। परिवार के चार लोगों की मौत से क्षेत्र के लोग स्तब्ध हैं।
17 अक्तूबर को कालीजगदीशपुर निवासी 40 वर्षीय हबीबुल्लाह और उसकी पत्नी आबिदा खातून, पांच वर्षीय बेटा वाजिद अली और सात वर्षीय बेटी शमबन एक ही कमरे में सोए हुए थे। गैंस सिलिंडर में रिसाव हो रहा था। मच्छर से बचाव के लिए जलाए गए क्वायल की वजह से गैंस सिलिंडर फट गया और दंपती और दोनों बच्चे झुलस गए। झुलसे चारों लोगों का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था। शुक्रवार को पहले बेटे वाजिद की मौत हुई। फिर शनिवार को पिता हबीबुल्लाह ने दम तोड़ दिया। सोमवार को बेटी शबनम की मौत हो गई। मंगलवार को आबिदा खातून की भी मौत हो गई। इधर मौत की खबर से परिवार में बचे तीन बच्चों के सिर से ममता छीन गई। हबीबुल्लाह की कुल पांच संतानें थी। जिनमें वाजिद (5), शबनम(7) की मौत हो चुकी है। पुत्री शाजमा (16) और शाजिदा (14) हादसे की रात गांव में स्थित अपने घर में थी। जबकि बेटा अब्दुल (12) एक रिश्तेदार के घर गया था। हादसे के वक्त हबीबुल्लाह दंपति व उनके दो बच्चे उनके साथ गांव के चौराहे पर किराए के कमरे में सोए थे। शाजमा, शाजिदा और अब्दुल माता-पिता और भाई-बहन की मौत के सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। गांव व क्षेत्र में इस बात की चर्चा है कि उब इन बच्चों की परवरिश कौन करेगा। लोगों को उनके भविष्य की चिंता सता रही है।
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