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बेटे संग इलाज कराकर घर लौट रही महिला की मौत
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बेटे संग इलाज कराकर घर लौट रही महिला की मौत
पति की दिव्यांगता और गरीबी की वजह से महिला का नहीं हो पाया समुचित इलाज
ग्रामीणों की मांग पर पुलिस ने पंचनामा के बाद परिजनों को शव सुपुर्द किया
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। बेटे के साथ खलीलाबाद से इलाज कराकर घर लौट रहीं ओझापट्टी गांव की गरीब महिला की रास्ते में नाथनगर में मौत हो गई। सूचना पर आस-पास के लोगों की भीड़ जुट गई। बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों की मांग पर पंचनामा के बाद पुलिस ने शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
महुली क्षेत्र के ओझापट्टी गांव निवासी 46 वर्षीय कविता ओझा पत्नी जोगेंद्र ओझा काफी दिनों से बीमार चल रही थीं। पति जोगेंद्र ओझा दिव्याग हैं। गरीबी में परिवार जिंदगी गुजार रहा है। शनिवार को कुछ पैसा इकट्ठा कर कविता ओझा अपने सात वर्षीय बेटे ऋषभ ओझा के साथ इलाज के लिए खलीलाबाद गई थी। दवा लेकर लौटीं तो साधन नहीं मिल रहा था। किसी तरह रात्रि में करीब 11 बजे वह नाथनगर पहुंचीं। गांव जाने का समुचित साधन उपलब्ध न हो पाने की वजह से सड़क के किनारे मनोज गुप्ता की दुकान के सामने रखे तख्ते पर सो गईं। साथ में सात वर्षीय बेटा ऋषभ भी सो गया। सुबह महिला ने दम तोड़ दिया। उसकी स्थिति देखकर मोहल्ले की तमाम महिलाएं जुट गईं। मृत पड़ी महिला के बगल में सोए बेटे को जगा कर उसके बारे में पूछा तो ऋषभ ने बताया कि वह अपनी मां कविता ओझा का इलाज कराने खलीलाबाद गया था। दवा करा कर मां-बेटे लौट रहे थे। गांव जाने के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण यहीं सो गए। उसके बाद क्या हुआ उसे कुछ नहीं मालूम। सूचना पाकर चौकी प्रभारी मुखलिसपुर धर्मेंद्र कुमार मिश्र ने मौके पर पहुंचकर लाश को अपने कब्जे में ले लिया। बाद में एसओ रणविजय सिंह भी मौके पर पहुंच गए। एसओ ने मृतका के गांव वालों से बात कर तथा परिवार वालों की सहमति से शव का पंचनामा करके सुपुर्द कर दिया। ओझा पट्टी के ग्रामीणों ने बताया कि मृतका के पति जोगिंद्र पैर से दिव्यांग हैं। उनके दो लड़के सोनू (28) व ऋषभ सात वर्ष और बेटी ज्योति है। बेटी की शादी हो चुकी है। गरीबी व पति के दिव्यांगता की वजह से उसका समुचित इलाज नहीं हो पाया। इसके कारण बीमारी से जूझते हुए उसकी मौत हो गई।
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पति की दिव्यांगता और गरीबी की वजह से महिला का नहीं हो पाया समुचित इलाज
ग्रामीणों की मांग पर पुलिस ने पंचनामा के बाद परिजनों को शव सुपुर्द किया
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। बेटे के साथ खलीलाबाद से इलाज कराकर घर लौट रहीं ओझापट्टी गांव की गरीब महिला की रास्ते में नाथनगर में मौत हो गई। सूचना पर आस-पास के लोगों की भीड़ जुट गई। बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों की मांग पर पंचनामा के बाद पुलिस ने शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
महुली क्षेत्र के ओझापट्टी गांव निवासी 46 वर्षीय कविता ओझा पत्नी जोगेंद्र ओझा काफी दिनों से बीमार चल रही थीं। पति जोगेंद्र ओझा दिव्याग हैं। गरीबी में परिवार जिंदगी गुजार रहा है। शनिवार को कुछ पैसा इकट्ठा कर कविता ओझा अपने सात वर्षीय बेटे ऋषभ ओझा के साथ इलाज के लिए खलीलाबाद गई थी। दवा लेकर लौटीं तो साधन नहीं मिल रहा था। किसी तरह रात्रि में करीब 11 बजे वह नाथनगर पहुंचीं। गांव जाने का समुचित साधन उपलब्ध न हो पाने की वजह से सड़क के किनारे मनोज गुप्ता की दुकान के सामने रखे तख्ते पर सो गईं। साथ में सात वर्षीय बेटा ऋषभ भी सो गया। सुबह महिला ने दम तोड़ दिया। उसकी स्थिति देखकर मोहल्ले की तमाम महिलाएं जुट गईं। मृत पड़ी महिला के बगल में सोए बेटे को जगा कर उसके बारे में पूछा तो ऋषभ ने बताया कि वह अपनी मां कविता ओझा का इलाज कराने खलीलाबाद गया था। दवा करा कर मां-बेटे लौट रहे थे। गांव जाने के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण यहीं सो गए। उसके बाद क्या हुआ उसे कुछ नहीं मालूम। सूचना पाकर चौकी प्रभारी मुखलिसपुर धर्मेंद्र कुमार मिश्र ने मौके पर पहुंचकर लाश को अपने कब्जे में ले लिया। बाद में एसओ रणविजय सिंह भी मौके पर पहुंच गए। एसओ ने मृतका के गांव वालों से बात कर तथा परिवार वालों की सहमति से शव का पंचनामा करके सुपुर्द कर दिया। ओझा पट्टी के ग्रामीणों ने बताया कि मृतका के पति जोगिंद्र पैर से दिव्यांग हैं। उनके दो लड़के सोनू (28) व ऋषभ सात वर्ष और बेटी ज्योति है। बेटी की शादी हो चुकी है। गरीबी व पति के दिव्यांगता की वजह से उसका समुचित इलाज नहीं हो पाया। इसके कारण बीमारी से जूझते हुए उसकी मौत हो गई।
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