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नींव खुदी नहीं और पंचायत भवन का हो गया भुगतान
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नींव खुदी नहीं और पंचायत भवन का हो गया भुगतान
कई गांवों में कार्य नहीं होने की शिकायत
अधिकतर भुगतान एक भी फर्म के नाम पर किया गया है
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। विकास खंड हैंसर बाजार में राज्य व चौदहवें वित्त के धन की बड़े पैमाने पर बंदरबांट किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। ग्राम पंचायतों में न तो पंचायत भवन का निर्माण हुआ और न ही आंगनबाड़ी केंद्र बना, लेकिन उस पर भी भुगतान कर दिया गया है। इसकी जानकारी गांव के लोगों को अभिलेखों के माध्यम से हुई तो उन्होंने जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
गोपीपुर के प्रधान गणेश प्रसाद और दीनानाथ, सचिन, जयराम सिंह, घनश्याम, जगरनाथ, अनिल कुमार आदि का कहना है कि उनके गांव में न तो पंचायत भवन के लिए अभी तक नींव खोदी गई और न ही आंगनबाड़ी केंद्र बना है, लेकिन इन परियोजनाओं पर दो लाख 20 हजार रुपये का भुगतान लिया जा चुका है। इतना ही नहीं हैंसर बाजार, मुंडेरा शुक्ल, संठी, बेलौरा, डुहिया कला, गाईबंसतपुर, नावन खुर्द, मनिकापार, मौर, रामपुर उत्तरी, टाड़ा, सोनाड़ी, आगापुर गुलरिहा, कटार मिश्र और नेतवापुर में ग्राम समाज की भूमि न मिलने के कारण ग्राम पंचायतें शासन की सबसे प्राथमिकता वाली परियोजना पंचायत भवन का निर्माण नहीं करा पा रही हैं। जमीन की मांग को लेकर प्रधान व सचिव एसडीएम से लगायत डीएम तक से कई बार फरियाद भी कर चुके हैं। जिन ग्राम पंचायतों में ग्राम समाज की जमीन है, उस पर गांव का कोई न कोई शख्स कब्जा किए हुए है। जिसे खाली कराने में राजस्व विभाग नाकाम है। गांव वालों का कहना है कि कई गांवों में न तो सोलर लाइट लगाई गई हैं और न ही इंटरलॉकिंग कार्य कराए गए है। उस पर भी भुगतान करा लिया गया है। मजे की बात यह है कि एक ही फर्म के नाम पर अधिकतर भुगतान भी किए गए हैं। गांव वालों का कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच की गई तो इसकी पोल खुल जाएगी। इस संबंध में एडीओ पंचायत शिवकुमार तिवारी ने बताया कि कहीं भी बगैर काम के भुगतान की जानकारी उन्हें नहीं है। अगर शिकायत मिली तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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कई गांवों में कार्य नहीं होने की शिकायत
अधिकतर भुगतान एक भी फर्म के नाम पर किया गया है
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। विकास खंड हैंसर बाजार में राज्य व चौदहवें वित्त के धन की बड़े पैमाने पर बंदरबांट किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। ग्राम पंचायतों में न तो पंचायत भवन का निर्माण हुआ और न ही आंगनबाड़ी केंद्र बना, लेकिन उस पर भी भुगतान कर दिया गया है। इसकी जानकारी गांव के लोगों को अभिलेखों के माध्यम से हुई तो उन्होंने जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
गोपीपुर के प्रधान गणेश प्रसाद और दीनानाथ, सचिन, जयराम सिंह, घनश्याम, जगरनाथ, अनिल कुमार आदि का कहना है कि उनके गांव में न तो पंचायत भवन के लिए अभी तक नींव खोदी गई और न ही आंगनबाड़ी केंद्र बना है, लेकिन इन परियोजनाओं पर दो लाख 20 हजार रुपये का भुगतान लिया जा चुका है। इतना ही नहीं हैंसर बाजार, मुंडेरा शुक्ल, संठी, बेलौरा, डुहिया कला, गाईबंसतपुर, नावन खुर्द, मनिकापार, मौर, रामपुर उत्तरी, टाड़ा, सोनाड़ी, आगापुर गुलरिहा, कटार मिश्र और नेतवापुर में ग्राम समाज की भूमि न मिलने के कारण ग्राम पंचायतें शासन की सबसे प्राथमिकता वाली परियोजना पंचायत भवन का निर्माण नहीं करा पा रही हैं। जमीन की मांग को लेकर प्रधान व सचिव एसडीएम से लगायत डीएम तक से कई बार फरियाद भी कर चुके हैं। जिन ग्राम पंचायतों में ग्राम समाज की जमीन है, उस पर गांव का कोई न कोई शख्स कब्जा किए हुए है। जिसे खाली कराने में राजस्व विभाग नाकाम है। गांव वालों का कहना है कि कई गांवों में न तो सोलर लाइट लगाई गई हैं और न ही इंटरलॉकिंग कार्य कराए गए है। उस पर भी भुगतान करा लिया गया है। मजे की बात यह है कि एक ही फर्म के नाम पर अधिकतर भुगतान भी किए गए हैं। गांव वालों का कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच की गई तो इसकी पोल खुल जाएगी। इस संबंध में एडीओ पंचायत शिवकुमार तिवारी ने बताया कि कहीं भी बगैर काम के भुगतान की जानकारी उन्हें नहीं है। अगर शिकायत मिली तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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