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Sant Kabir Nagar News: शिफ्ट होंगे स्कूलों के ऊपर से गुजर रहे तार
Fri, 14 Feb 2025 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 14 Feb 2025 11:27 PM IST
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सांथा विकास खंड के कंपोजिट विद्यालय के ऊपर से गुजरा हाईटेंशन बिजली का तार। संवाद
संतकबीरनगर। जिले के 61 विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरे हैं। इसके चलते हादसे की आशंका बनी हुई थी। इसको लेकर शासन को प्रशासन ने रिपोर्ट भेज दी है। शीघ्र ही इन स्कूलों से बिजली के तार हटाए जाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न घरों के ऊपर से भी बिजली के तार गुजरे हुए हैं, इसे भी हटाने की पहल हुई है।
प्रशासन की रिपोर्ट पर गौर करें तो जिले के 61 परिषदीय विद्यालयों की छतों और परिसर से हाईटेंशन तार गुजरे हैं। शासन ने तार शिफ्ट करने में लगने वाले खर्च का ब्योरा मांगा है। बेसिक शिक्षा विभाग ने बिजली निगम से हाईटेंशन तार को हटाने में होने वाले खर्च की जानकारी मांगी थी। विद्युत निगम ने 52.62 लाख रुपये खर्च होने की बात कही। बीएसए ने स्कूलों की सूची बेसिक शिक्षा निदेशक को भेज दी है। शासन ने इसके लिए बजट उपलब्ध करा दिया है।
इससे उम्मीद है कि जल्द ही स्कूलों के ऊपर से गुजरे तारों को शिफ्ट कर दिया जाएगा। इससे न सिर्फ हादसे रुकने की संभावना है, बल्कि अभिभावकों की चिंता भी दूर होगी। वैसे जिले में 1247 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें 805 प्राथमिक विद्यालय, 192 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 250 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में 61 ऐसे स्कूल हैं जिनके परिसर और भवन की छत से हाईटेंशन तार गुजरे हैं। शासन के संज्ञान में लेने के बाद अब समस्या से राहत मिल जाएगी।
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हो चुके हैं कई हादसे : चार जनवरी 2025 को मेंहदूपार में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से तीन बच्चे झुलस गए थे। जिनका कई दिनों तक इलाज चला, जबकि मेंहदावल के विसौवा टोला में सितंबर 2024 में टेंट का पाइप उतारते समय 23 वर्षीय अजय की मौत हो गई थी। इसके साथ ही मेंहदावल बाईपास पर छत पर गए युवक की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
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प्रशासन की रिपोर्ट पर गौर करें तो जिले के 61 परिषदीय विद्यालयों की छतों और परिसर से हाईटेंशन तार गुजरे हैं। शासन ने तार शिफ्ट करने में लगने वाले खर्च का ब्योरा मांगा है। बेसिक शिक्षा विभाग ने बिजली निगम से हाईटेंशन तार को हटाने में होने वाले खर्च की जानकारी मांगी थी। विद्युत निगम ने 52.62 लाख रुपये खर्च होने की बात कही। बीएसए ने स्कूलों की सूची बेसिक शिक्षा निदेशक को भेज दी है। शासन ने इसके लिए बजट उपलब्ध करा दिया है।
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इससे उम्मीद है कि जल्द ही स्कूलों के ऊपर से गुजरे तारों को शिफ्ट कर दिया जाएगा। इससे न सिर्फ हादसे रुकने की संभावना है, बल्कि अभिभावकों की चिंता भी दूर होगी। वैसे जिले में 1247 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें 805 प्राथमिक विद्यालय, 192 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 250 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में 61 ऐसे स्कूल हैं जिनके परिसर और भवन की छत से हाईटेंशन तार गुजरे हैं। शासन के संज्ञान में लेने के बाद अब समस्या से राहत मिल जाएगी।
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हो चुके हैं कई हादसे : चार जनवरी 2025 को मेंहदूपार में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से तीन बच्चे झुलस गए थे। जिनका कई दिनों तक इलाज चला, जबकि मेंहदावल के विसौवा टोला में सितंबर 2024 में टेंट का पाइप उतारते समय 23 वर्षीय अजय की मौत हो गई थी। इसके साथ ही मेंहदावल बाईपास पर छत पर गए युवक की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी।