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24 घंटे में 60 सेंटीमीटर बढ़ा घाघरा नदी का जलस्तर
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धनघटा के बिड़हर घाट पर कटान करती घाघरा नदी।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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24 घंटे में 60 सेंटीमीटर बढ़ा घाघरा नदी का जलस्तर
- नदी व बांध के बीच बसे 22 गांवों में बाढ़ का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। पिछले 24 घंटे में घाघरा नदी के जलस्तर में तेजी के साथ वृद्धि हुई है। शनिवार को शाम चार बजे बिडहर घाट पर नदी 78.300 मीटर पर बह रही थी। रविवार को शाम चार बजे नदी का जलस्तर 78.900 मीटर पर पहुंच गया। इससे नदी और बांध के बीच बसे लगभग 22 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। डेढ़ सौ एकड़ फसल पानी में डूब गई है। वहीं, बिडहरघाट स्थित राम मंदिर पर भी खतरा बना हुआ है।
तीन दिनों से लगातार हुई बारिश से घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। नदी का पानी एमबीडी बांध तक कई जगहों पर पहुंच गया है। नदी और बांध के मध्य स्थित लगभग डेढ़ सौ एकड़ फसल जलमग्न हो गई। किसान हरिराम, राम चेत, रामेश्वर, बबलू सिंह, जनार्दन प्रसाद आदि का कहना है कि बाढ़ के पानी से फिलहाल अभी तो धान की फसल को कोई नुकसान नहीं है, लेकिन कुछ किसानों की धान की फसल पक कर तैयार हो गई। उनकी कटाई करने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि नदी का पानी इसी तरह बढ़ा तो नदी और बांध के बीच बसे 22 गांव चारों तरफ से पानी से घिर जाएंगे। जल स्तर में वृद्धि शुरू हुई तब से कटान कम हो गई है।
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वहीं, नदी के जलस्तर बढ़ने से बिडहर घाट पर स्थित भगवान श्रीराम के मंदिर के अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। मंदिर के महंत बाबा भूईलोटन दास का कहना है कि मंदिर के सुरक्षा के लिए पत्थर लगाए जाने की मांग प्रशासन से कई बार की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 60 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। फिलहाल नदी अभी भी खतरे के निशान से काफी नीचे है। एमबीडी बांध पर कहीं भी कोई खतरा नहीं है।
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- नदी व बांध के बीच बसे 22 गांवों में बाढ़ का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। पिछले 24 घंटे में घाघरा नदी के जलस्तर में तेजी के साथ वृद्धि हुई है। शनिवार को शाम चार बजे बिडहर घाट पर नदी 78.300 मीटर पर बह रही थी। रविवार को शाम चार बजे नदी का जलस्तर 78.900 मीटर पर पहुंच गया। इससे नदी और बांध के बीच बसे लगभग 22 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। डेढ़ सौ एकड़ फसल पानी में डूब गई है। वहीं, बिडहरघाट स्थित राम मंदिर पर भी खतरा बना हुआ है।
तीन दिनों से लगातार हुई बारिश से घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। नदी का पानी एमबीडी बांध तक कई जगहों पर पहुंच गया है। नदी और बांध के मध्य स्थित लगभग डेढ़ सौ एकड़ फसल जलमग्न हो गई। किसान हरिराम, राम चेत, रामेश्वर, बबलू सिंह, जनार्दन प्रसाद आदि का कहना है कि बाढ़ के पानी से फिलहाल अभी तो धान की फसल को कोई नुकसान नहीं है, लेकिन कुछ किसानों की धान की फसल पक कर तैयार हो गई। उनकी कटाई करने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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किसानों का कहना है कि नदी का पानी इसी तरह बढ़ा तो नदी और बांध के बीच बसे 22 गांव चारों तरफ से पानी से घिर जाएंगे। जल स्तर में वृद्धि शुरू हुई तब से कटान कम हो गई है।
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वहीं, नदी के जलस्तर बढ़ने से बिडहर घाट पर स्थित भगवान श्रीराम के मंदिर के अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। मंदिर के महंत बाबा भूईलोटन दास का कहना है कि मंदिर के सुरक्षा के लिए पत्थर लगाए जाने की मांग प्रशासन से कई बार की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 60 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। फिलहाल नदी अभी भी खतरे के निशान से काफी नीचे है। एमबीडी बांध पर कहीं भी कोई खतरा नहीं है।