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कुत्तों से ग्रामीणों ने हिरन को बचाया
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Sat, 07 May 2016 12:09 AM IST
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हिरन को बचाया।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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क्षेत्र के पचेठी गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार की भोर में एक हिरन को कुत्तों से बचाया। गांव के मनोज पटेल की सूचना पर तीन घंटे बाद पहुंचे वनकर्मियों ने घायल हिरन को इलाज के बाद जंगल में छोड़ दिया।
आमी नदी के आसपास जंगल और झाड़ियों में हिरन बहुतायत में मौजूद है। ग्रामीण अक्सर हिरनों को टहलते हुए देखते है। शुक्रवार को भोर में कुछ ग्रामीण शौच के लिए गए थे। उसी समय लोगों ने देखा एक हिरण को आधा दर्जन कुत्ते दौड़ाते हुए आ रहे है। इसे देखकर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। भीड़ देख कुत्ते भाग गए। घायल हिरन को ग्रामीण पचेठी गांव में लेकर आए। ग्रामीणों ने देखा हिरण के शरीर पर जगह-जगह काटने का निशान है।
खून का रिसाव भी हो रहा था। गांव में मौजूद एक पशु डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज कर उसकी जान बचाई। इस घटना की सूचना मनोज पटेल ने मुख्यालय स्थित वन विभाग कार्यालय पर दिया, किन्तु सूचना के घंटों बाद भी कोई नही पहुंचा था। काफी देर बाद मौके पर पशु डॉ. और वन कर्मी पहुंचे। पशु डॉक्टर ने हिरण का इलाज किया। बाद में वनकर्मी अपने साथ हिरण को लेकर चले गए, जिसे बाद में जंगल में छोड़ दिया गया। इसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में है।
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आमी नदी के आसपास जंगल और झाड़ियों में हिरन बहुतायत में मौजूद है। ग्रामीण अक्सर हिरनों को टहलते हुए देखते है। शुक्रवार को भोर में कुछ ग्रामीण शौच के लिए गए थे। उसी समय लोगों ने देखा एक हिरण को आधा दर्जन कुत्ते दौड़ाते हुए आ रहे है। इसे देखकर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। भीड़ देख कुत्ते भाग गए। घायल हिरन को ग्रामीण पचेठी गांव में लेकर आए। ग्रामीणों ने देखा हिरण के शरीर पर जगह-जगह काटने का निशान है।
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खून का रिसाव भी हो रहा था। गांव में मौजूद एक पशु डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज कर उसकी जान बचाई। इस घटना की सूचना मनोज पटेल ने मुख्यालय स्थित वन विभाग कार्यालय पर दिया, किन्तु सूचना के घंटों बाद भी कोई नही पहुंचा था। काफी देर बाद मौके पर पशु डॉ. और वन कर्मी पहुंचे। पशु डॉक्टर ने हिरण का इलाज किया। बाद में वनकर्मी अपने साथ हिरण को लेकर चले गए, जिसे बाद में जंगल में छोड़ दिया गया। इसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में है।
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