{"_id":"68ee974fcdefa9779005374e","slug":"vehicle-lights-hurting-the-eyesrisk-of-cataract-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-139858-2025-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: आखों को चुभ रही वाहनों की रोशनी...मोतियाबिंद का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: आखों को चुभ रही वाहनों की रोशनी...मोतियाबिंद का खतरा
Wed, 15 Oct 2025 12:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 15 Oct 2025 12:02 AM IST
विज्ञापन
अस्पताल में मरीज के आंख की जांच करते नेत्र परीक्षण अधिकारी-संवाद
संतकबीरनगर। अगर आपको रात में वाहन चलाते समय रोशनी चुभती है या पढ़ते वक्त अक्षर धुंधले दिखते हैं तो यह मोतियाबिंद के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। यह आंखों की एक आम समस्या है, जो उम्र बढ़ने के साथ ज्यादातर लोगों को प्रभावित करती है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना इस तरह के मरीज 10 से 12 के करीब पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के नेत्र चिकित्सक डॉ. शिवानंद सिंह ने बताया कि मोतियाबिंद तब होता है, जब आंख के लेंस में मौजूद प्रोटीन आपस में चिपकने लगते हैं या टूटकर गुच्छे बना लेते हैं। इससे लेंस धुंधला हो जाता है। जिसके कारण रोशनी ठीक से रेटिना तक नहीं पहुंच पाती। नतीजा यह कि देखने में परेशानी होने लगती है। यह समस्या आमतौर पर 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में देखी जाती है, लेकिन कुछ मामलों में यह पहले भी हो सकती है।
उन्होंने बताया कि इस तरह से मरीज रोजाना 10 से 12 की संख्या में आ रहे हैं। जिनका इलाज किया जा रहा है। ऐसे में बाइक चलाते समय सावधानी जरूरी बरती जाए। हेलमेट लगा ले। आंखों को ठंडे पानी से घुले। उसे ज्यादार रगड़े नहीं। अगर दिक्कत आती है तो तत्काल चिकित्सक से सलाह ले।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला अस्पताल के नेत्र चिकित्सक डॉ. शिवानंद सिंह ने बताया कि मोतियाबिंद तब होता है, जब आंख के लेंस में मौजूद प्रोटीन आपस में चिपकने लगते हैं या टूटकर गुच्छे बना लेते हैं। इससे लेंस धुंधला हो जाता है। जिसके कारण रोशनी ठीक से रेटिना तक नहीं पहुंच पाती। नतीजा यह कि देखने में परेशानी होने लगती है। यह समस्या आमतौर पर 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में देखी जाती है, लेकिन कुछ मामलों में यह पहले भी हो सकती है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस तरह से मरीज रोजाना 10 से 12 की संख्या में आ रहे हैं। जिनका इलाज किया जा रहा है। ऐसे में बाइक चलाते समय सावधानी जरूरी बरती जाए। हेलमेट लगा ले। आंखों को ठंडे पानी से घुले। उसे ज्यादार रगड़े नहीं। अगर दिक्कत आती है तो तत्काल चिकित्सक से सलाह ले।
विज्ञापन