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अवर अभियंताओं ने किया प्रदर्शन
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बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता कार्यालय पर धरना देते अवर अभियंता।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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अवर अभियंताओं ने किया प्रदर्शन
विद्युत संशोधन बिल 2022 वापस लेने की मांग
संतकबीरनगर। विद्युत निगम के अवर व प्रोन्नत सहायक अभियंताओं ने सोमवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने विद्युत संशोधन बिल 2022 को वापस लेने की मांग की।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के जिलाध्यक्ष धनंजय सिंह ने कहा कि विद्युत संशोधन बिल 2022 न उपभोक्ताओं के हित में है और न ही कर्मचारियों के। बिल में प्राविधान है कि नई विद्युत वितरण कंपनियां मौजूदा सरकारी विद्युत वितरण कंपनी के नेटवर्क का इस्तेमाल कर बिजली के वितरण का काम करेंगी। निजी क्षेत्र में नई विद्युत वितरण कंपनियों के लिए सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करने की बाध्यता नहीं होगी। जबकि सरकारी विद्युत वितरण कंपनियों के लिए पावर सप्लाई अनिवार्य होगा।
उप खंड अधिकारी ई. अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि निजी वितरण कंपनियां केवल मुनाफे वाले क्षेत्र में अर्थात औद्योगिक व व्यावसायिक उपभोक्ताओं को ही आपूर्ति करेगी। किसानों और आम घरेलू उपभोक्ताओं की सब्सिडी समाप्त कर दी जाएगी। इसका आर्थिक बोझ सरकारी विद्युत वितरण कंपनियों पर पड़ेगा।
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इस दौरान ई. मनोज कुमार, अनुभव सिंह, चंद्रभूषण, राम करन, राधेश्याम, भानू प्रताप, सनी देवल प्रताप, अजय चौरसिया आदि मौजूद रहे।
...
विद्युत कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया धरना
संतकबीरनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार को विद्युत कर्मियों ने दो घंटे कार्य बहिष्कार कर अधिशाषी अभियंता कार्यालय पर धरना दिया।
अभियंता संघ के पंकज कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने जो बिल लोकसभा में पेश किया है, वह संसदीय परंपरा के प्रतिकूल है। राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ के पूर्वांचल उप संगठन सचिव श्रवण प्रजापति ने कहा कि यदि सरकार इस बिल को वापस नहीं लेती है तो इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। कार्य बहिष्कार तीन से पांच बजे तक किया गया। इस दौरान राघवेंद्र सिंह, हिफजुर्रहमान अंसारी, धर्मेंश कुमार लाल, दिव्यरंजन, अरुण कुमार गुप्त, भाष्कर पांडेय आदि मौजूद रहे। संवाद
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विद्युत संशोधन बिल 2022 वापस लेने की मांग
संतकबीरनगर। विद्युत निगम के अवर व प्रोन्नत सहायक अभियंताओं ने सोमवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने विद्युत संशोधन बिल 2022 को वापस लेने की मांग की।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के जिलाध्यक्ष धनंजय सिंह ने कहा कि विद्युत संशोधन बिल 2022 न उपभोक्ताओं के हित में है और न ही कर्मचारियों के। बिल में प्राविधान है कि नई विद्युत वितरण कंपनियां मौजूदा सरकारी विद्युत वितरण कंपनी के नेटवर्क का इस्तेमाल कर बिजली के वितरण का काम करेंगी। निजी क्षेत्र में नई विद्युत वितरण कंपनियों के लिए सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करने की बाध्यता नहीं होगी। जबकि सरकारी विद्युत वितरण कंपनियों के लिए पावर सप्लाई अनिवार्य होगा।
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उप खंड अधिकारी ई. अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि निजी वितरण कंपनियां केवल मुनाफे वाले क्षेत्र में अर्थात औद्योगिक व व्यावसायिक उपभोक्ताओं को ही आपूर्ति करेगी। किसानों और आम घरेलू उपभोक्ताओं की सब्सिडी समाप्त कर दी जाएगी। इसका आर्थिक बोझ सरकारी विद्युत वितरण कंपनियों पर पड़ेगा।
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इस दौरान ई. मनोज कुमार, अनुभव सिंह, चंद्रभूषण, राम करन, राधेश्याम, भानू प्रताप, सनी देवल प्रताप, अजय चौरसिया आदि मौजूद रहे।
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विद्युत कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया धरना
संतकबीरनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार को विद्युत कर्मियों ने दो घंटे कार्य बहिष्कार कर अधिशाषी अभियंता कार्यालय पर धरना दिया।
अभियंता संघ के पंकज कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने जो बिल लोकसभा में पेश किया है, वह संसदीय परंपरा के प्रतिकूल है। राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ के पूर्वांचल उप संगठन सचिव श्रवण प्रजापति ने कहा कि यदि सरकार इस बिल को वापस नहीं लेती है तो इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। कार्य बहिष्कार तीन से पांच बजे तक किया गया। इस दौरान राघवेंद्र सिंह, हिफजुर्रहमान अंसारी, धर्मेंश कुमार लाल, दिव्यरंजन, अरुण कुमार गुप्त, भाष्कर पांडेय आदि मौजूद रहे। संवाद