फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   Two real brothers lost 28 lakh rupees in the greed of getting job in railway

Sant Kabir Nagar News: जालसाजी का केस

Mon, 26 Dec 2022 11:34 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 26 Dec 2022 11:34 PM IST
विज्ञापन
Two real brothers lost 28 lakh rupees in the greed of getting job in railway
दो सगे भाइयों ने रेलेवे में नौकरी पाने की लालच में गंवा दिए 28 लाख रुपये
विज्ञापन

- जालसाजों ने ईस्टर्न रेलवे कोलकाता में फर्जी तरीके से करा दिया ज्वाइनिंग
- पुलिस ने दो भाई समेत पांच नामजद और कुछ अज्ञात पर दर्ज किया केस
संतकबीरनगर। रेलवे में नौकरी पाने की लालच में दो सगे भाइयों ने 28 लाख रुपये गंवा दिए। जालसाजों ने कथित रेलवे के अधिकारियों से मिलकर कूटरचित दस्तावेज के सहारे मार्च 2016 में ईस्टर्न रेलवे कोलकाता में ज्वाइनिंग भी करवा दिया। बाद में मामला खुला तो रकम वापसी का दबाव बनाने पर 28 लाख का तीन चेक दिया जो खाते में लगाने पर बाउंस हो गया। इस मामले में मेंहदावल पुलिस ने दो सगे भाई समेत पांच नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
डॉक्टर जमील अहमद अंसारी चिकित्साधिकारी स्वास्थ्य केंद्र चिनहट लखनऊ का आरोप है कि नवंबर 2015 में कुसौना खुर्द निवासी मोहम्मद अफसर पुत्र इसहाक उसके आवास पर आकर रोते हुए आए बताया कि चुनाव की रंजिश में प्रधान ने उसे फंसा दिया है। पुलिस लगातार गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। निर्दोष होने का हवाला देकर बचाने की बात कही। बाद में क्षेत्रीय लोगों से मालूम करने पर पता चला कि थाना फरेंदा में अफसर के खिलाफ विपिन वर्मा एवं अन्य ने सोने की लूट का एक मुकदमा दर्ज कराया है। उस दौरान उच्च न्यायालय इलाहाबाद से अफसर को राहत मिल गई। उस खुशी में अफसर ने कुसौना खुर्द स्थित अपने आवास पर एक दावत का कार्यक्रम रखा। जिसमें उसके भाई मोहम्मद अहमद, मोहम्मद अजमल, मामा मजहरुलहक अमरडोभा एवं अब्बास मंझरिया पठान बखिरा भी शामिल थे।
विज्ञापन

दावत में जमील को भी बुलाया गया। कार्यक्रम सभी ने उसके सामने रेलवे मे सीधी भर्ती होने की बात की और पूरी गारंटी के साथ उसके दो भाई नसीम अहमद एवं मोहम्मद अहमद को ग्रुप सी में नियमित ज्वाइनिंग दिलवाने का पक्का वादा किया। यह भी तय हुआ कि कुल 28 लाख रुपये देना पड़ेगा। सारा पेमेंट ज्वाइनिंग के बाद नकद देना होगा। वह उन लोगों के झांसे में आ गया और अपने परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों से बातचीत कर पैसे के इंतजाम में लग गया। दोनों भाइयों का मेडिकल रेलवे अस्पताल आसनसोल में फरवरी 2016 में हुआ और दूसरे दिन उसका रिजल्ट भी आ गया। जिसमें दोनो भाइयों का नाम मौजूद था। यह देखकर भरोसा और मजबूत हो गया। ज्वाइनिंग के पहले ही अफसर एवं उक्त सभी लोगों ने अपनी गारंटी देते हुए पेमेंट के लिए दबाब बनाना शुरू कर दिया। वह तीन किस्तों में अफसर के दोनों भाइयों एवं पिता को अफसर के कहने पर 20 लाख रुपये नकद दे दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाद में उसके दोनों भाइयों की नियुक्ति अफसर व उक्त लोगों ने कथित रेलवे अधिकारियों से मिलकर कूटरचित दस्तावेज के सहारे मार्च 2016 में ईस्टर्न रेलवे कोलकाता में करवा दिया। शेष 8 लाख उसने एक मित्र से अपने खाते में मंगवाकर जामताडा शाखा से कैश निकालकर मोहम्मद अफसर, मोहम्मद अजमल एवं अब्बास को दे दिया। वह लखनऊ वापस अपनी ड्यूटी पर आ गए। दूसरे दिन भाई नसीम ने फोन किया और रोते हुए यह बताया कि उनकी ज्वाइनिंग अफसर ने फर्जी करवा दिया है। उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया है। किसी तरह उन्होंने भाइयों छुड़ाया। उसके बाद काफी दिनों तक सभी लोगों का मोबाइल बंद रहा। आरोप है कि दबाव बनाने पर अफसर ने अपने बैंक खाते से उसे 10-10 लाख रुपये के दो एवं आठ लाख रुपये का एक चेक मार्च 2018 में दिया। जब उक्त चेकों को खाते में लगाया तो तीनों चेक बाउंस हो गए। एसओ रविंद सिंह ने बताया कि मोहम्मद अफसर, मोहम्मद अहमद, मोहम्मद अजमल, मामा अजहरुलहक, अब्बास और मोहम्मद अफसर के घर की महिलाओं सहित अज्ञात के खिलाफ जालसाजी और गबन का केस दर्ज किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed