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Sant Kabir Nagar News: जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में बनेगा ट्रॉमा और हार्ट सेंटर
Mon, 02 Jun 2025 11:30 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 02 Jun 2025 11:30 PM IST
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एमसीएच विंग जहा बनेगा ट्रामा व हार्ट सेंटर-
संतकबीरनगर। जिले में जल्द ही ट्राॅमा सेंटर और हार्ट सेंटर की शुरूआत हो जाएगी। इसके लिए जिला अस्पताल परिसर में स्थित एमसीएच विंग में इसको बनाए जाने की तैयारी है। डीएम ने इसके लिए सीएमओ से कार्ययोजना तैयार करने कहा है।
इस विंग में ऑक्सीजन के साथ ही अन्य सामान उपलब्ध हैं। केवल चिकित्सक व ऑपरेशन के सामानों और कर्मचारियों की जरूरत है। इससे गंभीर रूप से घायल मरीजों को रेफर करने की नौबत नहीं आएगी। उनको यहीं पर उपचार मिल जाएगा।
जिले में जिला अस्पताल के बाद मेडिकल कॉलेज नहीं है। पूर्व में मेडिकल काॅलेज बनाए जाने की योजना थी, पर जमीन न होने के कारण यह योजना अधर में लटक गई। जिले में प्रतिदिन 10 से 12 लोग विभिन्न हादसों में घायल होकर जिला अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन वहां पर पर्याप्त सुविधा न होने पर उन्हें मेडिकल काॅलेज या पीजीआई ट्राॅमा सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
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इधर डीएम ने शनिवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। जिला अस्पताल में कई कमरे खाली थे जो बंद पाए गए। इसके बाद एमसीएच विंग को देखा। यह विंग चार मंजिला है और काफी बड़ा है। कई कमरों में बेड, ऑक्सीजन आदि की सुविधा उपलब्ध है जो कमरे में बंद पड़ा है। इसमें सिर्फ प्रसूताओं का इलाज व डिलिवरी किया जाता है। वह भी सात से आठ ही प्रसूता भर्ती मिलीं, पूरा विंग खाली था।
जिसके बाद डीएम आलोक कुमार ने कहा कि जिले में सबसे ज्यादा जरूरी ट्राॅमा सेंटर और हार्ट सेंटर की है। अगर यह बन जाए तो काफी हद तक मरीजों को यहीं पर उपचार मिल जाएगा। उन्होंने सीएमओ को एमसीएच विंग को ट्राॅमा सेंटर और हार्ट सेंटर बनाए जाने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहाकि इसकी स्वीकृति शासन से करा ली जाएगी। जिसके बाद सीएमओ कार्यालय कार्ययोजना बनाने में जुट गया है।
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इस विंग में ऑक्सीजन के साथ ही अन्य सामान उपलब्ध हैं। केवल चिकित्सक व ऑपरेशन के सामानों और कर्मचारियों की जरूरत है। इससे गंभीर रूप से घायल मरीजों को रेफर करने की नौबत नहीं आएगी। उनको यहीं पर उपचार मिल जाएगा।
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जिले में जिला अस्पताल के बाद मेडिकल कॉलेज नहीं है। पूर्व में मेडिकल काॅलेज बनाए जाने की योजना थी, पर जमीन न होने के कारण यह योजना अधर में लटक गई। जिले में प्रतिदिन 10 से 12 लोग विभिन्न हादसों में घायल होकर जिला अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन वहां पर पर्याप्त सुविधा न होने पर उन्हें मेडिकल काॅलेज या पीजीआई ट्राॅमा सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
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इधर डीएम ने शनिवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। जिला अस्पताल में कई कमरे खाली थे जो बंद पाए गए। इसके बाद एमसीएच विंग को देखा। यह विंग चार मंजिला है और काफी बड़ा है। कई कमरों में बेड, ऑक्सीजन आदि की सुविधा उपलब्ध है जो कमरे में बंद पड़ा है। इसमें सिर्फ प्रसूताओं का इलाज व डिलिवरी किया जाता है। वह भी सात से आठ ही प्रसूता भर्ती मिलीं, पूरा विंग खाली था।
जिसके बाद डीएम आलोक कुमार ने कहा कि जिले में सबसे ज्यादा जरूरी ट्राॅमा सेंटर और हार्ट सेंटर की है। अगर यह बन जाए तो काफी हद तक मरीजों को यहीं पर उपचार मिल जाएगा। उन्होंने सीएमओ को एमसीएच विंग को ट्राॅमा सेंटर और हार्ट सेंटर बनाए जाने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहाकि इसकी स्वीकृति शासन से करा ली जाएगी। जिसके बाद सीएमओ कार्यालय कार्ययोजना बनाने में जुट गया है।