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रोटा वायरस वैक्सीन पिलाने का दिया प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Jun 2018 11:19 PM IST
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सीएमओ कार्यालय में आयोजित रोटा वायरस कार्यशाला को संबोधित करते सीएमओ।
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। बच्चो में डायरिया के बढ़ रहे प्रकोप को रोकने के लिए सीएमओ कार्यालय के सभागार में रोटा वायरस वैक्सीन पिलाने का प्रशिक्षण शनिवार को दिया गया। प्रशिक्षण में जनपद के सीएचसी और पीएचसी के अधीक्षक समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए।
सीमएओ डॉ अभय चंद श्रीवास्तव ने कहा कि पोलियो ड्रॉप की तरह रोटा वायरस वैक्सीन तैयार हुुुआ है। देेेश के सात राज्यों में इसका प्रयोग हो चुका है, जो सफल रहा है। अब इसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल हो चुका है।
यह ड्राप दो साल तक के बच्चों को पिलाई जाएगी। बताया कि छोटे बच्चों में डायरिया जैसी बीमारी घातक होती जा रही है। रोजाना अस्पतालों में डायरिया से पीड़ित बच्चे आ रहे हैं। इससे बचाव के लिए रोटा वायरस वैक्सीन काफी कारगर है। दो साल के बच्चों को डायरिया वैक्सीन की पांच बूंद पिलाई जाएगी।
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उन्होंने कहा कि डायरिया एक संक्रामक वायरस है। यह बच्चों में दस्त पैदा करने का सबसे बड़ा कारण है। जिसके कारण अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ सकता है। कभी कभी बीमारी गंभीर होने पर बच्चों की मृत्यु भी हो जाती है। बताया कि यह अभियान जुलाई से शुरू होगा और घर-घर जाकर स्वास्थ्य कर्मी बच्चो को यह ड्राप पिलाएंगे।
प्रशिक्षक डॉ जलज खरे और आशुतोष मिश्र ने बताया कि डायरिया जैसी बीमारी हल्के दस्त से होती है और आगे जाकर गंभीर रूप ले लेती है। पर्याप्त मात्रा में इलाज न मिलने के कारण शरीर में पानी और नमक की कमी हो सकती है।
इसके लिए इसका प्रथम उपचार बच्चे को ओआरएस का घोल एवं 14 दिन तक जिंक टेबलेट देकर किया जाना चाहिए। यह बीमारी सर्दियों में अधिक होती है। डायरिया जैसी बीमारी को रोकने के लिए रोटा वायरस वैक्सीन कारगर है।
इस दौरान एसीएमओ डॉ जीएन शुक्ल, डॉ एस रहमान, डॉ दिलीप प्रसाद, डॉ एके सिन्हा, मनीष मिश्र, अभय त्रिपाठी, गुलेंदु कुमार समेत सीएचसी पीएचसी के अधीक्षक व ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर मौजूद रहे।
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सीमएओ डॉ अभय चंद श्रीवास्तव ने कहा कि पोलियो ड्रॉप की तरह रोटा वायरस वैक्सीन तैयार हुुुआ है। देेेश के सात राज्यों में इसका प्रयोग हो चुका है, जो सफल रहा है। अब इसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल हो चुका है।
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यह ड्राप दो साल तक के बच्चों को पिलाई जाएगी। बताया कि छोटे बच्चों में डायरिया जैसी बीमारी घातक होती जा रही है। रोजाना अस्पतालों में डायरिया से पीड़ित बच्चे आ रहे हैं। इससे बचाव के लिए रोटा वायरस वैक्सीन काफी कारगर है। दो साल के बच्चों को डायरिया वैक्सीन की पांच बूंद पिलाई जाएगी।
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उन्होंने कहा कि डायरिया एक संक्रामक वायरस है। यह बच्चों में दस्त पैदा करने का सबसे बड़ा कारण है। जिसके कारण अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ सकता है। कभी कभी बीमारी गंभीर होने पर बच्चों की मृत्यु भी हो जाती है। बताया कि यह अभियान जुलाई से शुरू होगा और घर-घर जाकर स्वास्थ्य कर्मी बच्चो को यह ड्राप पिलाएंगे।
प्रशिक्षक डॉ जलज खरे और आशुतोष मिश्र ने बताया कि डायरिया जैसी बीमारी हल्के दस्त से होती है और आगे जाकर गंभीर रूप ले लेती है। पर्याप्त मात्रा में इलाज न मिलने के कारण शरीर में पानी और नमक की कमी हो सकती है।
इसके लिए इसका प्रथम उपचार बच्चे को ओआरएस का घोल एवं 14 दिन तक जिंक टेबलेट देकर किया जाना चाहिए। यह बीमारी सर्दियों में अधिक होती है। डायरिया जैसी बीमारी को रोकने के लिए रोटा वायरस वैक्सीन कारगर है।
इस दौरान एसीएमओ डॉ जीएन शुक्ल, डॉ एस रहमान, डॉ दिलीप प्रसाद, डॉ एके सिन्हा, मनीष मिश्र, अभय त्रिपाठी, गुलेंदु कुमार समेत सीएचसी पीएचसी के अधीक्षक व ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर मौजूद रहे।