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संत कबीर नगर: कहने को बन गए शहरी, मगर सफाई के लाले
Sat, 11 Feb 2023 03:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 11 Feb 2023 03:49 PM IST
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मेंहदावल बाईपास के पास सड़क के किनारे फेका गया कूड़ा।संवाद
संतकबीरनगर नगर पालिका खलीलाबाद के सीमा विस्तार में 16 ग्राम पंचायतों की करीब 50 हजार की आबादी शामिल हुई है। कहने के लिए विस्तारित क्षेत्रों के लोग शहरी बन गए, लेकिन विकास तो दूर यहां सफाई तक की समुचित व्यवस्था नहीं हो पाई है। न तो कूड़ेदान की व्यवस्था है और न ही नियमित सफाई हो रही है। गंदगी की वजह से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है। इसके बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद का सीमा विस्तारण एक अक्तूबर 2020 को हुआ। इसमें आसपास के 16 गांवों को शहरी क्षेत्र में शामिल किया गया है। इसमें गौसपुर, बनियाबारी, पटखौली, डीघा, कसैला, बेलवनिया, सरैया, मिश्रौलिया, नेदुला, सरौली, बड़गों, खटौली, मैलानी, मोहद्दीपुर, सादिकगंज और उस्का खुर्द शामिल हैं। इन गांवों के पालिका क्षेत्र में शामिल होने के बाद यहां पर ब्लॉक स्तर से तैनात सफाई कर्मियों को हटाकर अन्य क्षेत्रों में भेज दिया गया।
ग्रामीण से शहरी क्षेत्र बने इलाकों की सफाई व्यवस्था नगर पालिका परिषद खलीलाबाद को सौंप दी गई। लोगों को उम्मीद थी कि शहरी क्षेत्र में शामिल होने के बाद सफाई व्यवस्था बेहतर होगी और जगह-जगह कूड़ा पात्र रखे जाएंगे, लेकिन पालिका की सीमा में आने के बाद इन क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था चौपट हो गई है।
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इन क्षेत्रों में नियमित रूप से सफाई नहीं हो रही है। कूड़ा पात्र कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। नालियां जाम हैं। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है। सीमा विस्तारित क्षेत्र के निवासी मनोज मिश्र, राधेश्याम चौरसिया, राकेश कुमार आदि ने बताया कि कहने के लिए शहरी बन गए हैं, लेकिन सफाई तक के लाले पड़ गए हैं। पालिका के सफाई कर्मी कब आते हैं और कब जाते हैं, यह भी नहीं पता चल पाता।
सीमा विस्तार वाले क्षेत्रों में नियमित सफाई के निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों के विकास के लिए भी योजना बनी है। जल्द ही यहां की तस्वीर बदली नजर आएगी। -विनय कुमार मिश्र, ईओ, नगर पालिका
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नगर पालिका परिषद खलीलाबाद का सीमा विस्तारण एक अक्तूबर 2020 को हुआ। इसमें आसपास के 16 गांवों को शहरी क्षेत्र में शामिल किया गया है। इसमें गौसपुर, बनियाबारी, पटखौली, डीघा, कसैला, बेलवनिया, सरैया, मिश्रौलिया, नेदुला, सरौली, बड़गों, खटौली, मैलानी, मोहद्दीपुर, सादिकगंज और उस्का खुर्द शामिल हैं। इन गांवों के पालिका क्षेत्र में शामिल होने के बाद यहां पर ब्लॉक स्तर से तैनात सफाई कर्मियों को हटाकर अन्य क्षेत्रों में भेज दिया गया।
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ग्रामीण से शहरी क्षेत्र बने इलाकों की सफाई व्यवस्था नगर पालिका परिषद खलीलाबाद को सौंप दी गई। लोगों को उम्मीद थी कि शहरी क्षेत्र में शामिल होने के बाद सफाई व्यवस्था बेहतर होगी और जगह-जगह कूड़ा पात्र रखे जाएंगे, लेकिन पालिका की सीमा में आने के बाद इन क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था चौपट हो गई है।
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इन क्षेत्रों में नियमित रूप से सफाई नहीं हो रही है। कूड़ा पात्र कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। नालियां जाम हैं। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है। सीमा विस्तारित क्षेत्र के निवासी मनोज मिश्र, राधेश्याम चौरसिया, राकेश कुमार आदि ने बताया कि कहने के लिए शहरी बन गए हैं, लेकिन सफाई तक के लाले पड़ गए हैं। पालिका के सफाई कर्मी कब आते हैं और कब जाते हैं, यह भी नहीं पता चल पाता।
सीमा विस्तार वाले क्षेत्रों में नियमित सफाई के निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों के विकास के लिए भी योजना बनी है। जल्द ही यहां की तस्वीर बदली नजर आएगी। -विनय कुमार मिश्र, ईओ, नगर पालिका