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Sant Kabir Nagar News: दलालों पर कसा शिकंजा... लाइसेंस प्रक्रिया में फेल होने लगे लोग
Sat, 03 Aug 2024 04:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 03 Aug 2024 04:56 AM IST
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- शासन की सख्ती का जिले में दिखने लगा असर
- एआरटीओ कार्यालय पर पिछले सप्ताह पकड़े गए थे 13 दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शासन की सख्ती का असर अब जिले में भी दिखने लगा है। पिछले सप्ताह एडीएम ने छापा मार कर एआरटीओ कार्यालय से 13 दलाल पकड़े थे। दलाल मुक्त होने के बाद लोग लाइसेंस प्रक्रिया में फेल हो रहे हैं। 26 जुलाई के बाद से अब तक करीब 30 आवेदन निरस्त हो चुके हैं।
एआरटीओ कार्यालय में दलालों से निजात मिलता दिख रहा है। लाइसेंस के लिए किए गए कई आवेदन निरस्त हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि पहले वह खुद ही कार्यालय के बाहर दुकानों में जाते थे और दलाल शुरू से लेकर लाइसेंस देने तक का पूरा ठेका ले लेते थे। इसके बाद घर बैठे की लाइसेंस मिल जाता था। लोगों को किसी भी कागजी कार्रवाई के लिए परेशान नहीं होना पड़ता था। लाइसेंस आसानी से बनकर घर पहुंच जाता था।
वहीं एडीएम के छापा मारने के बाद से कार्यालय में दलालों का आना-जाना बंद हो गया है, जिससे लोग कार्यालय खुद ही जाते हैं और अपना काम करवाते हैं। लाइसेंस बनवाने की पूरी प्रक्रिया से लोगों को गुजरना पड़ रहा है। इसके लिए अतिरिक्त रुपये भी नहीं खर्च करने पड़ रहे हैं। लाइसेंस के लिए आने वाले व्यक्ति को आवदेन करने के बाद गाड़ी भी चलानी पड़ती है और अन्य कागजी कार्रवाई पूरा करना होता है।
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40 प्रतिशत तक कम हो गया लाइसेंस बनाने का काम
विभागीय जानकारों के मुताबिक लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को ऑनलाइन आवेदन करके स्लाॅट बुक करना पड़ता है। तय तिथि पर बहुत से लोग नहीं पहुंच पाते हैं। एक दिन में 25 से 30 स्लाॅट बुक होते हैं। इनमें से कुछ लोग पहुंचते ही नहीं है तो कुछ की फीस जमा नहीं हो पाती है। वहीं कुछ ऐसे भी होते हैं जो टेस्ट में फेल हो जाते हैं। वहीं वर्तमान में स्थिति 10 से 15 तक हो गई है।
एआरटीओ ने पटल सहायकों को दी चेतावनी
दलालों से कटघरे में आए एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों को एआरटीओ प्रियंवदा सिंह ने चेतावनी दी है। विभागीय जानकारों के मुताबिक सभी पटल सहायकों हिदायत देते हुए कहा है कि अगर कोई भी पटल सहायक किसी निजी व्यक्ति से कोई भी विभागीय कार्य का निपटारा करवाता है तो वह खुद जिम्मेदार होगा।
पहले प्रतिदिन 25 से 30 स्टाल बुक होते थे, जिनमें से कुछ लोग गैरहाजिर हो जाते थे। ये अब घटकर 10 से 15 हो गया है। कार्यालय में किसी भी बाहरी व्यक्ति की दखल बर्दास्त नहीं की जाएगी। इसके लिए सभी पटल सहायकों को चेतावनी दी गई है।
- प्रियंवदा सिंह, एआरटीओ
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- एआरटीओ कार्यालय पर पिछले सप्ताह पकड़े गए थे 13 दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शासन की सख्ती का असर अब जिले में भी दिखने लगा है। पिछले सप्ताह एडीएम ने छापा मार कर एआरटीओ कार्यालय से 13 दलाल पकड़े थे। दलाल मुक्त होने के बाद लोग लाइसेंस प्रक्रिया में फेल हो रहे हैं। 26 जुलाई के बाद से अब तक करीब 30 आवेदन निरस्त हो चुके हैं।
एआरटीओ कार्यालय में दलालों से निजात मिलता दिख रहा है। लाइसेंस के लिए किए गए कई आवेदन निरस्त हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि पहले वह खुद ही कार्यालय के बाहर दुकानों में जाते थे और दलाल शुरू से लेकर लाइसेंस देने तक का पूरा ठेका ले लेते थे। इसके बाद घर बैठे की लाइसेंस मिल जाता था। लोगों को किसी भी कागजी कार्रवाई के लिए परेशान नहीं होना पड़ता था। लाइसेंस आसानी से बनकर घर पहुंच जाता था।
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वहीं एडीएम के छापा मारने के बाद से कार्यालय में दलालों का आना-जाना बंद हो गया है, जिससे लोग कार्यालय खुद ही जाते हैं और अपना काम करवाते हैं। लाइसेंस बनवाने की पूरी प्रक्रिया से लोगों को गुजरना पड़ रहा है। इसके लिए अतिरिक्त रुपये भी नहीं खर्च करने पड़ रहे हैं। लाइसेंस के लिए आने वाले व्यक्ति को आवदेन करने के बाद गाड़ी भी चलानी पड़ती है और अन्य कागजी कार्रवाई पूरा करना होता है।
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40 प्रतिशत तक कम हो गया लाइसेंस बनाने का काम
विभागीय जानकारों के मुताबिक लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को ऑनलाइन आवेदन करके स्लाॅट बुक करना पड़ता है। तय तिथि पर बहुत से लोग नहीं पहुंच पाते हैं। एक दिन में 25 से 30 स्लाॅट बुक होते हैं। इनमें से कुछ लोग पहुंचते ही नहीं है तो कुछ की फीस जमा नहीं हो पाती है। वहीं कुछ ऐसे भी होते हैं जो टेस्ट में फेल हो जाते हैं। वहीं वर्तमान में स्थिति 10 से 15 तक हो गई है।
एआरटीओ ने पटल सहायकों को दी चेतावनी
दलालों से कटघरे में आए एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों को एआरटीओ प्रियंवदा सिंह ने चेतावनी दी है। विभागीय जानकारों के मुताबिक सभी पटल सहायकों हिदायत देते हुए कहा है कि अगर कोई भी पटल सहायक किसी निजी व्यक्ति से कोई भी विभागीय कार्य का निपटारा करवाता है तो वह खुद जिम्मेदार होगा।
पहले प्रतिदिन 25 से 30 स्टाल बुक होते थे, जिनमें से कुछ लोग गैरहाजिर हो जाते थे। ये अब घटकर 10 से 15 हो गया है। कार्यालय में किसी भी बाहरी व्यक्ति की दखल बर्दास्त नहीं की जाएगी। इसके लिए सभी पटल सहायकों को चेतावनी दी गई है।
- प्रियंवदा सिंह, एआरटीओ