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दलित उत्पीड़न के दो दोषियों को तीन वर्ष की सजा
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दलित उत्पीड़न के दो दोषियों को तीन वर्ष की सजा
संतकबीरनगर। न्यायालय विशेष न्यायधीश एससीएसटी एक्ट दिनेश प्रताप सिंह के जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने के दो दोषियों को तीन-तीन वर्ष की सजा सुनाया। इसके साथ ही 2200- 2200 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक आशीष पांडेय ने बताया कि श्रीराम नरायन पुत्र लालसा निवासी विशुनपुर थाना महुली ने तहरीर दिया कि आठ दिसंबर 2004 को आरोपियों ने जमीन में पुआल रखने को बात को लेकर उसकी पत्नी व लड़की, पतोहू के साथ मारपीट की। जाति सूचक शब्दों से अपमानित किए। तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत हुआ। विवेचना के पश्चात आरोप पत्र न्यायालयीन में प्रेषित हुआ। न्यायालय में अभियोजन पक्ष से सात गवाह प्रस्तुत किए गए। बचाव पक्ष ने दो गवाह प्रस्तुत किया। विशेष लोक अभियोजक ने न्यायालय से अधिकतम सजा की प्रार्थना की।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोष सिद्घ होने पर दोषी नग्गू उर्फ नंद किशोर व मधई प्रसाद को तीन- तीन वर्ष का कारावास व 2200- 2200 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। संवाद
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संतकबीरनगर। न्यायालय विशेष न्यायधीश एससीएसटी एक्ट दिनेश प्रताप सिंह के जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने के दो दोषियों को तीन-तीन वर्ष की सजा सुनाया। इसके साथ ही 2200- 2200 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक आशीष पांडेय ने बताया कि श्रीराम नरायन पुत्र लालसा निवासी विशुनपुर थाना महुली ने तहरीर दिया कि आठ दिसंबर 2004 को आरोपियों ने जमीन में पुआल रखने को बात को लेकर उसकी पत्नी व लड़की, पतोहू के साथ मारपीट की। जाति सूचक शब्दों से अपमानित किए। तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत हुआ। विवेचना के पश्चात आरोप पत्र न्यायालयीन में प्रेषित हुआ। न्यायालय में अभियोजन पक्ष से सात गवाह प्रस्तुत किए गए। बचाव पक्ष ने दो गवाह प्रस्तुत किया। विशेष लोक अभियोजक ने न्यायालय से अधिकतम सजा की प्रार्थना की।
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सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोष सिद्घ होने पर दोषी नग्गू उर्फ नंद किशोर व मधई प्रसाद को तीन- तीन वर्ष का कारावास व 2200- 2200 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। संवाद
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