{"_id":"6a5a6e70ba8cf53712086182","slug":"three-convicted-in-assault-case-sentenced-khalilabad-news-c-209-1-skn1001-153975-2026-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: मारपीट के मामले में तीन दोषियों को सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: मारपीट के मामले में तीन दोषियों को सजा
विज्ञापन
संतकबीरनगर। पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते मारपीट के 10 वर्ष पुराने मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए न्यायालय उठने तक की न्यायिक अभिरक्षा और तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार मामला बखिरा थाना क्षेत्र के बेलहरकला गांव का है। गांव निवासी इलियास अहमद ने 26 मार्च 2016 को हाशिम, राशिद जमील के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए एनसीआर दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक त्रिभुवन प्रसाद ने साक्ष्य संकलित कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तीनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 और 504 में दोषी ठहराया।
न्यायालय ने प्रत्येक आरोपी पर धारा 323 के तहत 700-700 रुपये तथा धारा 504 के तहत 300-300 रुपये का अर्थदंड लगाया। इस प्रकार तीनों आरोपियों पर कुल तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही न्यायालय उठने तक की न्यायिक अभिरक्षा की सजा सुनाई गई। अदालत ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में तीन माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार मामला बखिरा थाना क्षेत्र के बेलहरकला गांव का है। गांव निवासी इलियास अहमद ने 26 मार्च 2016 को हाशिम, राशिद जमील के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए एनसीआर दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक त्रिभुवन प्रसाद ने साक्ष्य संकलित कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तीनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 और 504 में दोषी ठहराया।
विज्ञापन
न्यायालय ने प्रत्येक आरोपी पर धारा 323 के तहत 700-700 रुपये तथा धारा 504 के तहत 300-300 रुपये का अर्थदंड लगाया। इस प्रकार तीनों आरोपियों पर कुल तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही न्यायालय उठने तक की न्यायिक अभिरक्षा की सजा सुनाई गई। अदालत ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में तीन माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। संवाद
विज्ञापन