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तीन पुरुषों ने कराई नसबंदी
santkabirnagar
Updated Tue, 21 Jun 2016 11:28 PM IST
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सस्वास्थ्य
- फोटो : ambrish mishra
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संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में पहली बार पुरुष नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया। जहां पर तीन पुरुषों की नसबंदी विशेष चिकित्सकों ने की। शिविर का उद्घाटन सीएमओ डॉक्टर आनंद प्रकाश श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान कुल छह मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। इसमें से तीन ही नसबंदी के लिए पात्र पाए गए थे।
सीएमओ डॉक्टर आनंद प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल में पहली बार नसबंदी शिविर का आयोजन हुआ है। हर माह की 21 तारीख को पुरुष नसबंदी शिविर लगेगा। जहां पर सीएचसी और पीएचसी पर रजिस्टर्ड लोगों को जिला अस्पताल लाकर नसबंदी कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि मरीजों को लाने की जिम्मेदारी सीएचसी पीएचसी के प्रभारी की होगी। नसबंदी कराने वाले लोगों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नसबंदी परिवार छोटा रखने का स्थायी और सुरक्षित उपाय है। इससे सेहत पर कोई बुुरा असर नहीं पड़ता है। नसबंदी के बाद थोड़ा आराम मिलते ही काम-काज दोबारा प्रारंभ किया जा सकता है। गर्भ निरोधक के दूसरे तरीकों पर होने वाले खर्च की बचत होती है। उन्होंने कहा कि नसबंदी में अधिक समय नहीं लगता है और न ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि नसबंदी के लिए सभी संसाधन जिला अस्पताल में उपलब्ध हैं। नसबंदी के समय विशेष चिकित्सकों को बुलाया जाएगा। इस अवसर पर नोडल अधिकारी डॉक्टर अकरम, डॉक्टर एके सिन्हा, विनीत श्रीवास्तव, करुणेश मिश्र, डॉक्टर जगदीश, अस्मिता शुक्ला, अमरनाथ जायसवाल, सचिन, संजीव कुमार, सरोज मौर्य, डॉक्टर अबूबकर समेत अन्य मौजूद रहे।
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सीएमओ डॉक्टर आनंद प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल में पहली बार नसबंदी शिविर का आयोजन हुआ है। हर माह की 21 तारीख को पुरुष नसबंदी शिविर लगेगा। जहां पर सीएचसी और पीएचसी पर रजिस्टर्ड लोगों को जिला अस्पताल लाकर नसबंदी कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि मरीजों को लाने की जिम्मेदारी सीएचसी पीएचसी के प्रभारी की होगी। नसबंदी कराने वाले लोगों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नसबंदी परिवार छोटा रखने का स्थायी और सुरक्षित उपाय है। इससे सेहत पर कोई बुुरा असर नहीं पड़ता है। नसबंदी के बाद थोड़ा आराम मिलते ही काम-काज दोबारा प्रारंभ किया जा सकता है। गर्भ निरोधक के दूसरे तरीकों पर होने वाले खर्च की बचत होती है। उन्होंने कहा कि नसबंदी में अधिक समय नहीं लगता है और न ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि नसबंदी के लिए सभी संसाधन जिला अस्पताल में उपलब्ध हैं। नसबंदी के समय विशेष चिकित्सकों को बुलाया जाएगा। इस अवसर पर नोडल अधिकारी डॉक्टर अकरम, डॉक्टर एके सिन्हा, विनीत श्रीवास्तव, करुणेश मिश्र, डॉक्टर जगदीश, अस्मिता शुक्ला, अमरनाथ जायसवाल, सचिन, संजीव कुमार, सरोज मौर्य, डॉक्टर अबूबकर समेत अन्य मौजूद रहे।
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