{"_id":"677ebd720ffef5f51c00b57c","slug":"three-and-a-half-year-old-daughter-got-back-to-her-mother-due-to-the-advocacy-of-defense-council-system-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-126799-2025-01-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: पैरवी से मां को मिली साढ़े तीन साल की बेटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: पैरवी से मां को मिली साढ़े तीन साल की बेटी
Wed, 08 Jan 2025 11:32 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 08 Jan 2025 11:32 PM IST
विज्ञापन
Page No : 0डिफेंस काउंसिल सिस्टम के पैरवी से मां को वापस मिली साढ़े तीन साल की बेटी।
संतकबीरनगर। बेटी को उसके पिता से वापस पाने के लिए व्याकुल मां को बुधवार को उसकी बेटी मिल गई। इस कार्य में जनपद में संचालित लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि घनघटा थाना क्षेत्र के सोनहन गांव निवासी आयशा खातून का उनके पति सदरे आलम से तलाक हो गया था। तभी से ही लगभग तीन वर्ष की बेटी पिता के पास थी। बेटी को वापस पाने के लिए मां ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्री लिटिगेशन का वाद दाखिल किया। मामले में सुनवाई भी चल रही थी। इसी बीच मां ने डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ को अपनी समस्या बताई। उन्होंने मामले को प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला जज महेंद्र कुमार सिंह के समक्ष रखा। अपर जिला जज ने दोनों पक्ष के लोगों को बुलाकर मध्यस्थता कर समस्या से रूबरू हुए। इसके बाद दोनों पक्ष ने पारस्परिक सहमति से सुलहनामा दाखिल कर बेटी को उसकी मां को सुपुर्द कर दिया।त
विज्ञापन
लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि घनघटा थाना क्षेत्र के सोनहन गांव निवासी आयशा खातून का उनके पति सदरे आलम से तलाक हो गया था। तभी से ही लगभग तीन वर्ष की बेटी पिता के पास थी। बेटी को वापस पाने के लिए मां ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्री लिटिगेशन का वाद दाखिल किया। मामले में सुनवाई भी चल रही थी। इसी बीच मां ने डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ को अपनी समस्या बताई। उन्होंने मामले को प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला जज महेंद्र कुमार सिंह के समक्ष रखा। अपर जिला जज ने दोनों पक्ष के लोगों को बुलाकर मध्यस्थता कर समस्या से रूबरू हुए। इसके बाद दोनों पक्ष ने पारस्परिक सहमति से सुलहनामा दाखिल कर बेटी को उसकी मां को सुपुर्द कर दिया।त
विज्ञापन