{"_id":"6822451431a7782ddf053856","slug":"there-is-no-orthopedic-doctor-in-semriyawan-bone-disease-patients-are-returning-disappointed-khalilabad-news-c-7-1-hsr1003-934150-2025-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: सेमरियावां में आर्थोपेडिक चिकित्सक नहीं, निराश लौट रहे हड्डी रोग के मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: सेमरियावां में आर्थोपेडिक चिकित्सक नहीं, निराश लौट रहे हड्डी रोग के मरीज
Tue, 13 May 2025 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 13 May 2025 12:29 AM IST
विज्ञापन
सेमरियावां। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां में आर्थोपेडिक डाॅक्टर न होने से मरीजों के सामने संकट खड़ा हो गया है। अस्पताल से हड्डी के मरीज बैरंग वापस लौट रहे हैं। लोगों का कहना है कि अस्पताल में हड्डी के मरीजों की संख्या को देखते हुए जल्द से जल्द आर्थोपेडिक सर्जन की तैनाती कराई जानी चाहिए, जिससे मरीजों को राहत मिल सके।
सीएचसी सेमरियावां पर लगभग पांच लाख की आबादी की इलाज की जिम्मेदारी है। प्रतिदिन औसतन 400 मरीजों की ओपीडी होती हैए लेकिन अस्पताल पर अरसे से हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ओपीडी के समय तक करीब 60 से 70 हड्डी के मरीज आते हैं, जिन्हें मजबूरन लौटना पड़ता है। वहीं दुर्घटना में घायल मरीजों को त्वरित उपचार न मिलने के चलते उनकी जान पर बन जाती है। सीएचसी सेमरियावां के अलावा पीएचसी दानोकुइयां व बूधा अस्पताल संचालित हैं, लेकिन ये अस्पताल हड्डी समेत अन्य मरीजों के मरीजों के लिए छलावा साबित हो रहे हैं।
क्षेत्र के इरशाद अहमद, इजहार अहमद, दयाराम, बाबुद्दीन चौधरी, मिस्बाहहुद्दीन, रिजवान अहमद, अबूजर चौधरी, मोहम्मद आज़म चौधरी आदि ने बताया कि आकस्मिक घटना और दुर्घटना होने पर संसाधन, चिकित्सकों और सुविधाओं के अभाव में घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तत्काल तैनाती की जानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएचसी सेमरियावां पर लगभग पांच लाख की आबादी की इलाज की जिम्मेदारी है। प्रतिदिन औसतन 400 मरीजों की ओपीडी होती हैए लेकिन अस्पताल पर अरसे से हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ओपीडी के समय तक करीब 60 से 70 हड्डी के मरीज आते हैं, जिन्हें मजबूरन लौटना पड़ता है। वहीं दुर्घटना में घायल मरीजों को त्वरित उपचार न मिलने के चलते उनकी जान पर बन जाती है। सीएचसी सेमरियावां के अलावा पीएचसी दानोकुइयां व बूधा अस्पताल संचालित हैं, लेकिन ये अस्पताल हड्डी समेत अन्य मरीजों के मरीजों के लिए छलावा साबित हो रहे हैं।
विज्ञापन
क्षेत्र के इरशाद अहमद, इजहार अहमद, दयाराम, बाबुद्दीन चौधरी, मिस्बाहहुद्दीन, रिजवान अहमद, अबूजर चौधरी, मोहम्मद आज़म चौधरी आदि ने बताया कि आकस्मिक घटना और दुर्घटना होने पर संसाधन, चिकित्सकों और सुविधाओं के अभाव में घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तत्काल तैनाती की जानी चाहिए।
विज्ञापन