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… तो पक्के घर के लिए करना होगा इंतजार
Sat, 09 Mar 2019 11:32 PM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sat, 09 Mar 2019 11:32 PM IST
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… तो पक्के घर के लिए करना होगा इंतजार
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। विकास भवन के अफसरों की लगातार भागदौड़ के बावजूद 31 मार्च तक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण कराने का लक्ष्य अधूरा रहेगा। वजह यह कि अब भी 2428 आवासों का निर्माण बाकी है और वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब केवल 21 दिन बचे हैं। दो दिन पहले ही शासन ने 161 नए आवासों के लिए संस्तुति कर दी है। ऐसे में 31 मार्च तक लक्ष्य पूरा होना नामुमकिन लग रहा है।
शासन ने इस वर्ष जनपद में कुल 17043 लोगों को प्रधानमंत्री आवास के लिए बजट उपलब्ध कराया था। आवंटन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सभी के खाते में प्रथम किस्त पहुंच गई, लेकिन दूसरी और तीसरी किस्त की बारी आते ही कार्य में सुस्ती के चलते दिक्कत आने लगी। नए नियमों के अनुसार जब तक एक किस्त के लिए आवंटित धनराशि के उपभोग से संबंधित फोटो अपलोड नहीं होती, तब तक अगली किस्त नहीं मिलती। अक्तूबर-नवंबर में दूसरी और तीसरी किस्त का बजट भी देर से मिला। नतीजा यह रहा कि मार्च के प्रथम सप्ताह तक 14615 आवास ही पूर्ण हो पाए हैं। 31 मार्च तक सभी आवास पूर्ण होने हैं, जबकि 2428 आवासों के निर्माण शेष है। इनमें से अधिकांश ऐसे हैं जिन्हें दूसरी व तीसरी किस्त का काम कराना है। एक किस्त का काम पूरा होने व अगली किस्त की डिमांड के अनुरूप बजट उपलब्ध होने में न्यूनतम 15 दिन का समय लगता है। जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में केवल 21 दिन ही अवशेष हैं।
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शासन ने इस वर्ष जनपद में कुल 17043 लोगों को प्रधानमंत्री आवास के लिए बजट उपलब्ध कराया था। आवंटन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सभी के खाते में प्रथम किस्त पहुंच गई, लेकिन दूसरी और तीसरी किस्त की बारी आते ही कार्य में सुस्ती के चलते दिक्कत आने लगी। नए नियमों के अनुसार जब तक एक किस्त के लिए आवंटित धनराशि के उपभोग से संबंधित फोटो अपलोड नहीं होती, तब तक अगली किस्त नहीं मिलती। अक्तूबर-नवंबर में दूसरी और तीसरी किस्त का बजट भी देर से मिला। नतीजा यह रहा कि मार्च के प्रथम सप्ताह तक 14615 आवास ही पूर्ण हो पाए हैं। 31 मार्च तक सभी आवास पूर्ण होने हैं, जबकि 2428 आवासों के निर्माण शेष है। इनमें से अधिकांश ऐसे हैं जिन्हें दूसरी व तीसरी किस्त का काम कराना है। एक किस्त का काम पूरा होने व अगली किस्त की डिमांड के अनुरूप बजट उपलब्ध होने में न्यूनतम 15 दिन का समय लगता है। जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में केवल 21 दिन ही अवशेष हैं।
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