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भगवान विश्वकर्मा की पूजा की गई
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Sat, 17 Sep 2016 11:38 PM IST
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भगवान विश्वकर्मा की पूजा की गई
- फोटो : अमर उजाला
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जनार्दन मिश्रा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन मगहर में शनिवार को विश्वकर्मा पूजा का कार्यक्रम धूम धाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के चेयरमैन जनार्दन मिश्र ने भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर के पास द्वीप जलाकर किया। इसके बाद प्रबंधक इंजीनियर नील कमल मिश्रा और उप चेयरमैन इंजीनियर गौरव मिश्र के द्वारा पूजन पाठ किया गया।
चेयरमैन जनार्दन मिश्रा ने कहा की कल कारखाने और कलपुर्जे सब भगवान विश्वकर्मा जी के आशीर्वाद से ही चलते हैं। इसलिए इनकी पूजा हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इंजीनियर नीलकमल मिश्रा ने भगवान विश्वकर्मा जी के जीवन पर प्रकाश डाला। इससे पूर्व श्यामता प्रसाद पांडेय द्वारा पूजन कार्य संपन्न कराया गया। इस अवसर पर कॉलेज के निदेशक इंजीनियर विश्वबंधु मिश्रा, संजय कुमार, प्रधानाचार्य योगेश राय, रामअचल यादव, गोकुल सिंह, दीपक सिंह, उदयराज, श्वेता सिंह, सौम्या श्रीवास्तव, प्रतिभा त्रिपाठी, खुशबू शुक्ला, राजकमल, हरी, आलोक, अभिषेक आदि लोग उपस्थित रहे।
टॉपरों को सम्मानित किया गया
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
संसार के निर्माण में ब्रह्मा ने देव विश्वकर्मा को धरती और लोकों में भवनों के निर्माण की भूमिका सौंपी। विश्वकर्मा भगवान को ही यंत्रों के निर्माणकर्ता माना जाता है। शनिवार को जूनियर हाईस्कूल में भगवान विश्वकर्मा की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान विश्वकर्मा समाज के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट टॉपर छात्र छात्राओं को सम्मानित किया गया।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्याम सुंदर वर्मा ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा हस्तलिपि कलाकार थे। जिन्होंने भारतीयों को सभी प्रकार की कलाओ का ज्ञान दिया। भगवान विश्वकर्मा के पास वो कला थी जो हर किसी के पास नहीं होती। किसी बेजान वस्तु में जान डालना यह कला उनके अंदर थी। वर्तमान समय में इस कला को इंजीनियर का दर्जा दिया जाता हैं। इंजीनियर बनने के लिए बहुत पढ़ाई लिखाई करनी पढ़ती हैं, लेकिन वो खूबसूरती से किसी चीज को बनाना सब को नहीं आता। भगवान विश्कर्मा जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए अरुण कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि शिल्प कला कल कारखानों तथा अन्य पुर्जों के द्वारा विश्व की व्यवस्था का संचालन प्रभु विश्वकर्मा के द्वारा रचित मानव जीवन में कदम कदम पर किया गया। इस दौरान समाज के इंटरमीडिएट टॉपर कुमारी सुमन विश्वकर्मा, कुमारी अर्चना विश्वकर्मा, वेद प्रकाश, कुमारी बबिता, सत्यवीर विश्वकर्मा, सूरज विश्वकर्मा, कुमारी सिंपल शर्मा जबकि हाईस्कूल के सूरज, अंजनी, रोहित, हेमा, अर्चना, लक्ष्मी को सम्मानित किया गया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर केशव विश्वकर्मा, अरविंद विश्वकर्मा, चंद प्रकाश शर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।
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चेयरमैन जनार्दन मिश्रा ने कहा की कल कारखाने और कलपुर्जे सब भगवान विश्वकर्मा जी के आशीर्वाद से ही चलते हैं। इसलिए इनकी पूजा हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इंजीनियर नीलकमल मिश्रा ने भगवान विश्वकर्मा जी के जीवन पर प्रकाश डाला। इससे पूर्व श्यामता प्रसाद पांडेय द्वारा पूजन कार्य संपन्न कराया गया। इस अवसर पर कॉलेज के निदेशक इंजीनियर विश्वबंधु मिश्रा, संजय कुमार, प्रधानाचार्य योगेश राय, रामअचल यादव, गोकुल सिंह, दीपक सिंह, उदयराज, श्वेता सिंह, सौम्या श्रीवास्तव, प्रतिभा त्रिपाठी, खुशबू शुक्ला, राजकमल, हरी, आलोक, अभिषेक आदि लोग उपस्थित रहे।
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टॉपरों को सम्मानित किया गया
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
संसार के निर्माण में ब्रह्मा ने देव विश्वकर्मा को धरती और लोकों में भवनों के निर्माण की भूमिका सौंपी। विश्वकर्मा भगवान को ही यंत्रों के निर्माणकर्ता माना जाता है। शनिवार को जूनियर हाईस्कूल में भगवान विश्वकर्मा की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान विश्वकर्मा समाज के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट टॉपर छात्र छात्राओं को सम्मानित किया गया।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्याम सुंदर वर्मा ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा हस्तलिपि कलाकार थे। जिन्होंने भारतीयों को सभी प्रकार की कलाओ का ज्ञान दिया। भगवान विश्वकर्मा के पास वो कला थी जो हर किसी के पास नहीं होती। किसी बेजान वस्तु में जान डालना यह कला उनके अंदर थी। वर्तमान समय में इस कला को इंजीनियर का दर्जा दिया जाता हैं। इंजीनियर बनने के लिए बहुत पढ़ाई लिखाई करनी पढ़ती हैं, लेकिन वो खूबसूरती से किसी चीज को बनाना सब को नहीं आता। भगवान विश्कर्मा जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए अरुण कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि शिल्प कला कल कारखानों तथा अन्य पुर्जों के द्वारा विश्व की व्यवस्था का संचालन प्रभु विश्वकर्मा के द्वारा रचित मानव जीवन में कदम कदम पर किया गया। इस दौरान समाज के इंटरमीडिएट टॉपर कुमारी सुमन विश्वकर्मा, कुमारी अर्चना विश्वकर्मा, वेद प्रकाश, कुमारी बबिता, सत्यवीर विश्वकर्मा, सूरज विश्वकर्मा, कुमारी सिंपल शर्मा जबकि हाईस्कूल के सूरज, अंजनी, रोहित, हेमा, अर्चना, लक्ष्मी को सम्मानित किया गया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर केशव विश्वकर्मा, अरविंद विश्वकर्मा, चंद प्रकाश शर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।