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घट रहा घाघरा का जलस्तर, परेशानी कम नहीं
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धनघटा क्षेत्र में कुछ इस तरह बह रही घाघरा नदी।
- फोटो : KHALILABAD
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घट रहा घाघरा का जलस्तर, परेशानी कम नहीं
धनघटा (संतकबीरनगर)। घाघरा नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे के अंदर 10 सेंटीमीटर घटकर 79.350 मीटर यानी खतरे के निशान पर पहुंच गया है। नदी का जलस्तर जरूर कम हुआ है, लेकिन बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोगों की परेशानी ज्यो की त्यों बनी हुई है।
घाघरा नदी का जल स्तर इस सत्र में पांचवी बार बढ़कर सोमवार व मंगलवार को खतरे के निशान से 10 सेंटी मीटर उपर चला गया था। जिससे नदी और बांध के बीच बसे 38 गांव बाढ़ के चपेट में आ गए । इन गांव के किसानों की फसल तो बाढ़ और कटान के कारण पहले ही बबार्द हो चुकी थी, अब उनका मकान में रहना भी कठिन हो गया है। बाढ़ प्रभावित गायघाट दक्षिणी, ढोलबजा, गुनवतिया, दौलतपुर, सियरकला, सुअरहा, सरैया, खरैया, कंचनपुर, सियाराम अधीन सिंह आदि गांव के लोग नाव से घरों को आ-जा रहे हैं।
गायघाट दक्षिणी के प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू, सुरेश, रामशंकर, कवलजीत, दीनदयाल, परमेश्वर आदि ने बताया कि जिन लोगों का मकान गांव के किनारे है उनके घरों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। वह लोग अपना सामान घर से निकालकर पलायन कर रहे हैं। गांव में बाढ़ के कारण दो माह से विद्युत आपूर्ति बाधित है। लोग मोमबत्ती के सहारे रात गुजार रहे हैं। प्रशासन की तरफ से अभी तक केवल नाव उपलब्ध कराई गई है। किसी को राहत सामग्री नहीं मिली है। पशुुओं के चारे का संकट विकराल हो गया है। बंधे पर पशु घास चरकर किसी तरह जिंदा है। तहसीलदार रत्नेश तिवारी का कहना है कि जहां जरुरत है वहां पर नाव लगा दी गई है। बाढ़ राहत केंद्र तिघरा में खाने-पीने की व्यवस्था की गई है।
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धनघटा (संतकबीरनगर)। घाघरा नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे के अंदर 10 सेंटीमीटर घटकर 79.350 मीटर यानी खतरे के निशान पर पहुंच गया है। नदी का जलस्तर जरूर कम हुआ है, लेकिन बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोगों की परेशानी ज्यो की त्यों बनी हुई है।
घाघरा नदी का जल स्तर इस सत्र में पांचवी बार बढ़कर सोमवार व मंगलवार को खतरे के निशान से 10 सेंटी मीटर उपर चला गया था। जिससे नदी और बांध के बीच बसे 38 गांव बाढ़ के चपेट में आ गए । इन गांव के किसानों की फसल तो बाढ़ और कटान के कारण पहले ही बबार्द हो चुकी थी, अब उनका मकान में रहना भी कठिन हो गया है। बाढ़ प्रभावित गायघाट दक्षिणी, ढोलबजा, गुनवतिया, दौलतपुर, सियरकला, सुअरहा, सरैया, खरैया, कंचनपुर, सियाराम अधीन सिंह आदि गांव के लोग नाव से घरों को आ-जा रहे हैं।
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गायघाट दक्षिणी के प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू, सुरेश, रामशंकर, कवलजीत, दीनदयाल, परमेश्वर आदि ने बताया कि जिन लोगों का मकान गांव के किनारे है उनके घरों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। वह लोग अपना सामान घर से निकालकर पलायन कर रहे हैं। गांव में बाढ़ के कारण दो माह से विद्युत आपूर्ति बाधित है। लोग मोमबत्ती के सहारे रात गुजार रहे हैं। प्रशासन की तरफ से अभी तक केवल नाव उपलब्ध कराई गई है। किसी को राहत सामग्री नहीं मिली है। पशुुओं के चारे का संकट विकराल हो गया है। बंधे पर पशु घास चरकर किसी तरह जिंदा है। तहसीलदार रत्नेश तिवारी का कहना है कि जहां जरुरत है वहां पर नाव लगा दी गई है। बाढ़ राहत केंद्र तिघरा में खाने-पीने की व्यवस्था की गई है।
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