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Sant Kabir Nagar News: मौलाना के मदरसे पर लटकी ध्वस्तीकरण की तलवार

Thu, 15 Feb 2024 01:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Thu, 15 Feb 2024 01:57 AM IST
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The sword of demolition hanging over Maulana's Madrasa
- मौलाना ने ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बाद शहर के मीट मंडी रोड पर बनवाया था आलीशान मदरसा
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मदरसे में पंकीकृत हैं 308 छात्राएं, धवस्तीकरण हुआ तो इन छात्राओं का क्या होगा, यह बड़ा सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर।
ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बाद देवरिया लाल गांव निवासी मौलाना शमशुल होदा खान द्वारा खरीदी जमीनों को सरकारी घोषित किए जाने के बाद शहर के मीट मंडी रोड पर बने मदरसे पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
खलीलाबाद कोतवाली के देवरिया लाल गांव निवासी मौलाना शमशुल ने ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बाद कुल्लियतुल बनातिर रजविया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी के नाम से 1000 वर्ग मीटर में करीब आठ करोड़ की लागत से आलीशान मदरसा बनवाया है। चूंकि यह जमीन ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बाद खरीदी गई थी, इसलिए डीएम के आदेश के बाद अब यह सरकारी संपत्ति घोषित हो गई है। माना जा रहा है कि प्रशासन इस मदरसे का ध्वस्तीकरण कर सकता है। 2017 में इस मदरसे को आलिया स्तर (10वीं) की मान्यता मिली थी। इसमें 308 छात्राएं पंजीकृत हैं। अगर प्रशासन इस मदरसे कधा ध्वस्तीकरण करता है, तो इन छात्रों का क्या होगा। इसे लेकर संशय बरकरार है।
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इस मदरसे को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुका है। जिला सहकारी बैंक बस्ती के अध्यक्ष राजेंद्र नाथ तिवारी ने खलीलाबाद शहर में चल रहे इस मदरसे में पाकिस्तानी मिशनरी व तबलीगी कार्य करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मदरसा बंद करने की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के तत्कालीन रजिस्ट्रार जगमोहन सिंह के निर्देश पर उपनिदेशक अल्पसंख्यक कल्याण बस्ती विजय प्रताप यादव ने मदरसा प्रबंधन से 64 बिंदुओं पर जवाब मांगा था पर प्रबंधन से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उसके बाद उपनिदेशक बस्ती ने उच्चस्तरीय जांच की संस्तुति कर दी थी। आरोप यह भी है कि मदरसे के निर्माण में बड़ी मात्रा में विदेशी चंदे का इस्तेमाल हुआ था। इसकी भी जांच शुरू हुई थी पर मदरसा प्रबंधन की ओर से सभी कागजात उपलब्ध नहीं कराने के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी।
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मदरसा कुल्लियतुल बनातिर रजविया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी का प्रकरण संज्ञान में आया है। मामले में अभिलेख का अवलोकन करने के बाद भी सही व स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी।

- प्रवीण मिश्र, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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