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Sant Kabir Nagar News: दान में मिली भूमि पर नहीं होगा उपनिबंधक कार्यालय का निर्माण

Wed, 29 Oct 2025 11:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Wed, 29 Oct 2025 11:23 PM IST
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The sub-registrar office will not be constructed on donated land.
धनघटा तहसील पर निबंधक कार्यालय के निर्माण पर रोक लगने के बाद खुशी जताते अ​धिवक्ता-स्रोत अ​धिवक्
धनघटा। धनघटा तहसील के गागरगाड़ में निर्माणाधीन उपनिबंधक कार्यालय के निर्माण पर हाईकोर्ट ने 27 अक्तूबर 2025 को पूर्ण विराम लगा दिया। दान में मिली जमीन पर उप निबंधक कार्यालय का निर्माण नहीं हो सकेगा।
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न्यायालय ने ठेकेदार की याचिका को खारिज करते हुए उपनिबंधक कार्यालय का निर्माण कहीं अन्यत्र कराए जाने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले पर अधिवक्ताओं ने बुधवार को खुशी का इजहार करते हुए एक दूसरे को फूल माला पहनाकर मिठाइयां वितरित की।
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बता दें कि धनघटा तहसील का सृजन वर्ष 1997 में हुआ था। लंबे समय तक उप निबंधक कार्यालय किराये के मकान में संचालित हुआ। उसके बाद बाढ़ शरणार्थी केंद्र में संचालित होने लगा। वहां आज भी उपनिबंधन कार्यालय का कामकाज किया जाता है। उपनिबंधक कार्यालय को धनघटा तहसील परिसर में स्थापित करने की मांग को लेकर अधिवक्ता काफी दिनों तक आंदोलन रहे। वर्ष 2018 में तत्कालीन मंत्री श्रीराम चौहान ने उप निबंधक कार्यालय का उद्घाटन भी धनघटा तहसील के एक भवन में कर दिया। लेकिन वहां पर कामकाज शुरू नहीं हो सका। उपनिबंधक कार्यालय तहसील परिसर में कराए जाने की मांग को लेकर अधिवक्ता करीब एक वर्ष तक आंदोलित रहे। वर्ष 2021 में स्टांप विक्रेता सुभाष चंद्र ने गागरगाड़ मे उपनिबंधक कार्यालय के नाम जमीन दान में दे दिया। जिस पर वर्ष 2023 में भवन निर्माण किए जाने की स्वीकृति प्रदान करते हुए शासन ने धन आवंटित कर दिया। धन आवंटन के बाद जनवरी 2024 में आनन-फानन में दान में मिली जमीन पर भूमि पूजन करने के बाद ठेकेदार के जारिये निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। इसकी जानकारी जब अधिवक्ताओं को हुई तो उन्होंने कार्य का बहिष्कार करते हुए आंदोलन की राह पकड़ लिए।
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वरिष्ठ अधिवक्ता एवं तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष लालशरण सिंह ने बताया कि अधिवक्ता करीब 20 महीने तक आंदोलन करते रहे लेकिन शासन प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि तत्कालीन जिलाधिकारी मनमानी करके उस भूमि निर्माण कार्य कराते रहे। उनके तबादले के बाद जब इस जिले में जिलाधिकारी के रूप में वर्तमान डीएम कार्यभार ग्रहण किए तो उन्होंने अधिवक्ताओं की बात को गंभीरता से सुनने के बाद निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया। जिस पर संबंधित ठेकेदार हाई कोर्ट में याचिका दाखिल किया।
लाल शरण सिंह ने बताया कि हाई कोर्ट ने ठेकेदार कि याचिका को खारिज करते हुए दान में मिली जमीन पर रजिस्ट्री कार्यालय का निर्माण न कराए जाने का आदेश दिया है। आदेश की कॉपी लेकर लाल शरण सिंह जब बुधवार को तहसील में पहुंचे तो अधिवक्ताओं ने फूलमाला पहनाकर जोरदार स्वागत किया।

इस मौके पर प्रेम नारायण मिश्र, हनुमान प्रसाद चौधरी, दिलीप तिवारी, दिलीप राय, सुनील पांडेय, योगेश श्रीवास्तव, विजय कुमार श्रीवास्तव, अरविंद श्रीवास्तव, केशव पाठक, शिवप्रसाद राय आदि मौजूद रहे।
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