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अस्पताल बनाने का सपना रह गया अधूरा
अमर उजाला/संतकबीरनगर
Updated Mon, 28 Dec 2015 12:08 AM IST
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बाघनगर। दुधारा थाना क्षेत्र के भंगुरा गांव निवासी अफजाल हुसैन के बेटे और एमबीबीएस के छात्र डॉक्टर मो. इरफान(26) की लखनऊ में सड़क हादसे में मौत हो गई। शनिवार देर रात शव घर पहुंचने पर कोहराम मच गया।
जानकारी के मुताबिक इरफान विकास नगर सेक्टर सात से सीएचसी सरोजनीनगर इंटर्नशिप के लिए बाइक से जा रहे थे। मवईया पुल के पास बाइक टेंपो से टकराने के कारण वे गिर गए और रोडवेज बस की चपेट में आ गए। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
पिता अफजाल अहमद ने बताया कि इरफान राजकीय इंटर कॉलेज बस्ती से इंटरमीडिएट करने के बाद लखनऊ मेडिकल की तैयारी करने गया। वर्ष 2009 में सीपीएमटी में उसने प्रदेश में नौवीं रैक प्राप्त की थी। उसे केजीएमसी लखनऊ में एमबीबीएस में दाखिला मिला। वर्तमान में वह एक वर्षीय इंटर्नशिप कर रहा था।
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साथी अशफाक अहमद ने बताया कि इरफान ने एमडी की परीक्षा दी थी। वह पढ़ने में बहुत तेज था।
वहीं चाचा नन्हें अली ने बताया कि चार भाइयों में इरफान तीसरे का नंबर का था। दो बडे़ भाई मोहम्मद इजहार व मोहम्मद इरशाद शादीशुदा हैं। छोटा इंटर में पढ़ रहा है। छह बहनों में से चार की शादी हो चुकी है। पिता खेती कर बच्चे को पढ़ा रहे हैं।
पूरे गांव को इरफान पर बड़ा नाज था। उसका सपना था कि पढ़ाई पूरी होने के बाद कि तप्पा उजियार में अस्पताल खोलकर वह लोगों की सेवा करेगा। लेकिन शायद अल्लाह को यह मंजूर नहीं था। उसने अस्पताल के लिए गांव के बाहर खेत में जमीन भी चिह्नित कर ली गई थी।
उसकी शादी बस्ती में तय थी। रविवार दोपहर शव को सुपुर्द खाक कर दिया गया। जिपं सदस्य मेहताब आलम लड्डू समेत क्षेत्र के अनेक लोगाें ने घर पहुंचकर शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया।
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जानकारी के मुताबिक इरफान विकास नगर सेक्टर सात से सीएचसी सरोजनीनगर इंटर्नशिप के लिए बाइक से जा रहे थे। मवईया पुल के पास बाइक टेंपो से टकराने के कारण वे गिर गए और रोडवेज बस की चपेट में आ गए। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
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पिता अफजाल अहमद ने बताया कि इरफान राजकीय इंटर कॉलेज बस्ती से इंटरमीडिएट करने के बाद लखनऊ मेडिकल की तैयारी करने गया। वर्ष 2009 में सीपीएमटी में उसने प्रदेश में नौवीं रैक प्राप्त की थी। उसे केजीएमसी लखनऊ में एमबीबीएस में दाखिला मिला। वर्तमान में वह एक वर्षीय इंटर्नशिप कर रहा था।
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साथी अशफाक अहमद ने बताया कि इरफान ने एमडी की परीक्षा दी थी। वह पढ़ने में बहुत तेज था।
वहीं चाचा नन्हें अली ने बताया कि चार भाइयों में इरफान तीसरे का नंबर का था। दो बडे़ भाई मोहम्मद इजहार व मोहम्मद इरशाद शादीशुदा हैं। छोटा इंटर में पढ़ रहा है। छह बहनों में से चार की शादी हो चुकी है। पिता खेती कर बच्चे को पढ़ा रहे हैं।
पूरे गांव को इरफान पर बड़ा नाज था। उसका सपना था कि पढ़ाई पूरी होने के बाद कि तप्पा उजियार में अस्पताल खोलकर वह लोगों की सेवा करेगा। लेकिन शायद अल्लाह को यह मंजूर नहीं था। उसने अस्पताल के लिए गांव के बाहर खेत में जमीन भी चिह्नित कर ली गई थी।
उसकी शादी बस्ती में तय थी। रविवार दोपहर शव को सुपुर्द खाक कर दिया गया। जिपं सदस्य मेहताब आलम लड्डू समेत क्षेत्र के अनेक लोगाें ने घर पहुंचकर शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया।