{"_id":"68e80b7ae7e79bc7430ebc06","slug":"the-government-should-cancel-the-process-of-privatization-of-corporations-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1039-139602-2025-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: निगमों के निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त करे सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: निगमों के निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त करे सरकार
Fri, 10 Oct 2025 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 10 Oct 2025 12:52 AM IST
विज्ञापन
अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते बिजली कर्मी-स्रोत बिजली निगम
संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में बृहस्पतिवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने मांग किया कि निजीकरण की प्रक्रिया सरकार निरस्त करें।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी योगेंद्र चौहान ने कहा कि ओडिशा में हुए बिजली वितरण के निजीकरण के प्रयोग फेल हो गए है। ऐसे में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय निरस्त किया जाना चाहिए। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी भास्कर पांडेय ने कहा कि निजीकरण का फैसला उपभोक्ताओं व कर्मचारियों के हित में नहीं है।
ऐसे में निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कई महीनों से बिजली कर्मी आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन कर्मियों के हित में कदम नहीं उठाया गया। साथ ही उत्पीड़न की कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, दिलीप मौर्य, दिनेश शर्मा, श्रवण, धीरेंद्र यादव, विजय, मनीष मिश्रा, संजय यादव, अशोक, प्रदुम्न कुमार, रमेश, मनोज यादव, आशीष आदि माैजूद रहे।
विज्ञापन
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी योगेंद्र चौहान ने कहा कि ओडिशा में हुए बिजली वितरण के निजीकरण के प्रयोग फेल हो गए है। ऐसे में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय निरस्त किया जाना चाहिए। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी भास्कर पांडेय ने कहा कि निजीकरण का फैसला उपभोक्ताओं व कर्मचारियों के हित में नहीं है।
विज्ञापन
ऐसे में निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कई महीनों से बिजली कर्मी आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन कर्मियों के हित में कदम नहीं उठाया गया। साथ ही उत्पीड़न की कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, दिलीप मौर्य, दिनेश शर्मा, श्रवण, धीरेंद्र यादव, विजय, मनीष मिश्रा, संजय यादव, अशोक, प्रदुम्न कुमार, रमेश, मनोज यादव, आशीष आदि माैजूद रहे।