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Sant kabir News: संतकबीरनगर जिले में मरीज की मौत पर परिजनों ने किया हंगामा, डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप

Thu, 01 Sep 2022 11:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 01 Sep 2022 11:26 AM IST
सार

मरीज को चिकित्सकीय सुविधा देकर लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। मरीज को गोरखपुर भी ले जाने की सलाह दी गई, लेकिन मरीज की हालत ठीक नहीं थी। जिसकी वजह से परिजन गोरखपुर ले जाने को तैयार नहीं हुए। बाद में मरीज की मौत हो गई। डॉक्टर और अस्पताल कर्मियों पर लगाया गया लापरवाही का आरोप गलत है।

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The family created a ruckus over the death of the patient
कांटे चौकी अंतर्गत भुजैनी स्थित एक अस्पताल में हंगामे के दौरान लगी भीड़। - फोटो : KHALILABAD

विस्तार

राष्ट्रीय राजमार्ग के भुजैनी स्थित स्पर्श हॉस्पिटल में भर्ती एक मरीज की ऑपरेशन के छह घंटे बाद बुधवार को मौत हो गई। इससे परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल के गेट पर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा करीब चार घंटे तक चला। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से मरीज की मौत हुई है। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और समझा बुझाकर लोगों को शांत कराया।

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कांटे चौकी इंचार्ज श्याम मोहन ने बताया कि बस्ती जिले के पसड़ा गांव निवासी 35 वर्षीय महेंद्र कुमार पुत्र राम उजागिर को पेशाब संबंधी दिक्कत होने पर परिजन मंगलवार की शाम को स्पर्श हॉस्पिटल लाए थे। पीड़ित भाई सुरेंद्र कुमार का आरोप है कि डॉक्टर ने मरीज महेंद्र का देर रात ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के छह घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई।
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आरोप है कि ऑपरेशन के बाद डॉक्टर चले गए और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीज की ठीक से देखरेख नहीं की। डॉक्टर की लापरवाही की वजह से उसके भाई की मौत हुई है। गुस्साए परिजन और रिश्तेदारों ने अस्पताल के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग के समर्थन में हंगामा शुरू कर दिया।
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सूचना पर कांटे चौकी के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए और पीड़ित परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया। हंगामा करीब चार घंटे तक चला। मृतक की पत्नी पूनम देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक के चार बच्चे हैं। जिसमें बड़ी बेटी शिवानी 14 वर्ष है। जबकि दस वर्ष का बेटा त्रषभ, आठ वर्ष का ऋतिक और एक वर्ष का ऋतिष है।

अस्पताल के डॉक्टर राकेश चौधरी ने बताया कि परिजन महेंद्र को मंगलवार शाम अस्पताल लेकर आए थे। उसकी पेशाब की नली में सिकुड़न थी। जिससे पेशाब रुक गया था। ऑपरेशन करके नली लगाई गई। रात दो बजे के करीब मरीज का अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उसकी सांस फूंलने लगी।

मरीज को चिकित्सकीय सुविधा देकर लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। मरीज को गोरखपुर भी ले जाने की सलाह दी गई, लेकिन मरीज की हालत ठीक नहीं थी। जिसकी वजह से परिजन गोरखपुर ले जाने को तैयार नहीं हुए। बाद में मरीज की मौत हो गई। डॉक्टर और अस्पताल कर्मियों पर लगाया गया लापरवाही का आरोप गलत है। कोतवाल विजय नरायन प्रसाद ने बताया कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

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