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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   The district covers a network of money-lenders, oblivious administration

जिले में फैला सूदखोरों का जाल,प्रशासन बेखबर

Fri, 19 Feb 2016 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ संतकबीरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ संतकबीरनगर Updated Fri, 19 Feb 2016 11:21 PM IST
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 मेंहदावल तहसील क्षेत्र में ऐसे तमाम लोग है, जो सेठ बनकर मासिक ब्याज पर रुपये दे रहे है । क्षेत्र मे कर्ज बांटने वाले प्राईवेट लाइसेंसी मात्र एक दर्जन ही है, पर इनकी आड़ में गैर लाइसेंसी सूदखोर 10 प्रतिशत मासिक ब्याज की दर पर गरीबों को कर्ज देकर अपने जाल मे फंसा रहे है।
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 वैसे तो विभिन्न रोजगार परक योजना किसानों को कर्ज देने के लिए केसीसी, फसली कर्ज आदि के माध्यम से बैंक जरूरत मंदों को कर्ज देते है ,लेकिन यह सबको पता है कि एक एकड़ से कम भूमि और भूमिहीनों को बैंक की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता।
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 ऐसे में लोग आर्थिक जरूरत को पूरा करने के लिए साहूकार के दर पर पहुंचने को विवश होते है। कर्ज बांटने का लाइसेंस प्रशासन के जरिए दिया जाता है।
 इसमें साहूकार अधिकतम दो प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर रुपया बांट सकता है । लाइसेंस की बकायदा फीस जमा होती है और हर वर्ष इसका नवीनीकरण भी होता है।
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 केवल इतना ही नही तीन माह में बांटे गए कर्ज देने वाले को कर्जदार की बंधक रखी गई संपत्ति का ब्यौरा भी देना होता है । इसमें मुनाफा कम व पारदर्शिता ज्यादा है। लिहाजा बगैर लाइसेंस यह धंधा सूदखोरों को काफी भा रहा है और गरीब शोषण के शिकार बन रहे है । सूदखोरी की तरह ही क्षेत्र में हुंडी का करोबार चरम पर है। इसमें बड़े - बड़े महानगरों और विदेशों में रहकर मेहनत मजदूरी करने वाले मजदूरों के परिजनो को आकस्मिक धन की जरूरत पूरा करने के लिए क्षेत्र में कई हुंडी कारोबारी सक्रिय है । जो 10 से 15 प्रतिशत ब्याज की दर पर लाखों का वारा न्यारा करते है ।
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कर्ज का दर्द सुनाया तो छलका आंसू
मुहल्ला सानी केवटलिया निवासी परविन्दर ने बताया कि उसका बड़ा भाई धर्मेद्र केवटलिया अव्वल स्थिति एक अवैध शराब का ठेका पर कभी-कभार नशा करने जाता था।
 अवैध शराब की कारोबारी महिला उसके भाई से चार हजार के उधारी का ब्याज सहित 16000 रुपये मांगने लगी। 10000 रुपये देने के बाद भी उसके भाई को बंधक बनाकर खेतों में काम कराती रही।

  किसी तरह भाई को घर ले आया तो अब भी ब्याज का रुपया मांगने घर पर आ धमकती है।
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प्रभारी एसडीएम/ तहसीलदार रामजीवन और क्षेत्राधिकारी उत्तम सिंह का कहना है कि इस तरह की कोई शिकायत यदि प्रकाश में आती है, तो उसकी जांच कराते हुए इस तरह के अवैध कार्य मे लिप्त लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाते हुए इस पर रोक लगाया जाएगा ।
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