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भीड़ से दुकानदारों के चेहरे पर मुस्कान लौटी
santkabirnagar
Updated Wed, 17 Jan 2018 11:40 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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मगहर। कबीर चौरा परिसर में खिचड़ी के मेले की भीड़ ने दुकानदारों के चेहरे पर मुस्कान लौटाई जरूर, लेकिन महोत्सव की तिथि टलने से उन्हें निराशा मिली है। विभिन्न तरह के झूले और मौत का कुंआ के साथ सेल्फी ने मेले की रौनक बढ़ा दी है।
बुलंदशहर निवासी खजला दुकानदार महिपाल सिंह बताते हैं कि वह 25 साल से मगहर महोत्सव में दुकान लगाते हैं। कबीर ने पूरे विश्व को प्रेम, सद्भाव, मानवता का संदेश दिया हैं। यहां आने से मन को शांति मिलती है। धंधा भी अच्छा होता है। इस बार महोत्सव के टलने से मायूसी हुई। हालांकि परंपरागत खिचड़ी के मेले में खरीदार आए तो कुछ आमदनी जरूर हुई है।
बहराइच निवासी अख्तर मौत का कुआं में तमाम तरह के खेल दिखाते हैं। वह बताते हैं कि पिछले 27 वर्षों से मगहर महोत्सव में झूला, कुआं आदि शो लेकर आते हैं। संतकबीर की दुआ से कारोबार ठीक हो जाता है। पिछले वर्ष महोत्सव नहीं लगा और अबकी बार तिथि में परिवर्तन होने से उनके कलाकारों का खर्च निकलना मुश्किल लग रहा है। खिचड़ी मेले की वजह से थोड़ी राहत मिली है। यह मेला तीन फरवरी तक चलेगा और आने वाली की भीड़ पर उनकी निगाहें टिकी हैं।
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इकबाल अहमद उर्फ बाले इलाहाबाद से झूले लेकर आए हैं। बताया कि वह 35 वर्षों से यहां आ रहे हैं। महोत्सव के शुरू होने से पहले वह शेर, बंदर, भालू आदि के अलावा चिड़ियों की नुमाइश लाते थे। सरकार ने जब सभी जानवरों, चिड़ियों को जब्त कर लिए तो वह झूला, काला जादू, आदि शो लेकर आते हैं। महोत्सव की तारीख टल गई तो दुख हुआ। बताया कि 17 जनवरी तक ही मेले में परमिशन मिली है। यह तीन फरवरी तक हो तो अच्छा होता।
कानपुर के रहने वाले हरि कटियार काला जादू का शो चलाते हैं। उन्होंने बताया कि जबसे मगहर महोत्सव चालू हुआ तभी से प्रत्येक वर्ष आते हैं। पिछले वर्ष महोत्सव नहीं हुआ और अब इस वर्ष आने के बाद पता चला कि इसकी तारीख 28 से तीन फरवरी हो गई है। ऐसे में कलाकारों का खर्च निकालने की चुनौती है। बोले, यह महोत्सव बहुत मशहूर हो चुका है। इसका हर साल होना जरूरी है।
इंसेट
दुकानदारों की मांग के अनुसार अनुमति दिलाएंगे
मगहर। कबीरचौरा पीठ के महंत विचार दास ने कहा कि मेला हर हाल में निर्वाण दिवस 27 और 28 जनवरी के बाद तीन फरवरी तक चलेगा। वह दुकानदारों तब तक दुकानें लगाने के लिए जिला प्रशासन से अनुमति दिलाएंगे। महोत्सव समिति के कार्यकारिणी सदस्य अवधेश सिंह ने कहा कि महोत्सव बदली हुई तिथि पर अवश्य होगा। उन्होंने जिला प्रशासन आग्रह किया है कि दुकानदारों को मेले में रहने दें। ठंड की वजह से भी उनकी आमदनी पर असर पड़ा है।
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बुलंदशहर निवासी खजला दुकानदार महिपाल सिंह बताते हैं कि वह 25 साल से मगहर महोत्सव में दुकान लगाते हैं। कबीर ने पूरे विश्व को प्रेम, सद्भाव, मानवता का संदेश दिया हैं। यहां आने से मन को शांति मिलती है। धंधा भी अच्छा होता है। इस बार महोत्सव के टलने से मायूसी हुई। हालांकि परंपरागत खिचड़ी के मेले में खरीदार आए तो कुछ आमदनी जरूर हुई है।
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बहराइच निवासी अख्तर मौत का कुआं में तमाम तरह के खेल दिखाते हैं। वह बताते हैं कि पिछले 27 वर्षों से मगहर महोत्सव में झूला, कुआं आदि शो लेकर आते हैं। संतकबीर की दुआ से कारोबार ठीक हो जाता है। पिछले वर्ष महोत्सव नहीं लगा और अबकी बार तिथि में परिवर्तन होने से उनके कलाकारों का खर्च निकलना मुश्किल लग रहा है। खिचड़ी मेले की वजह से थोड़ी राहत मिली है। यह मेला तीन फरवरी तक चलेगा और आने वाली की भीड़ पर उनकी निगाहें टिकी हैं।
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इकबाल अहमद उर्फ बाले इलाहाबाद से झूले लेकर आए हैं। बताया कि वह 35 वर्षों से यहां आ रहे हैं। महोत्सव के शुरू होने से पहले वह शेर, बंदर, भालू आदि के अलावा चिड़ियों की नुमाइश लाते थे। सरकार ने जब सभी जानवरों, चिड़ियों को जब्त कर लिए तो वह झूला, काला जादू, आदि शो लेकर आते हैं। महोत्सव की तारीख टल गई तो दुख हुआ। बताया कि 17 जनवरी तक ही मेले में परमिशन मिली है। यह तीन फरवरी तक हो तो अच्छा होता।
कानपुर के रहने वाले हरि कटियार काला जादू का शो चलाते हैं। उन्होंने बताया कि जबसे मगहर महोत्सव चालू हुआ तभी से प्रत्येक वर्ष आते हैं। पिछले वर्ष महोत्सव नहीं हुआ और अब इस वर्ष आने के बाद पता चला कि इसकी तारीख 28 से तीन फरवरी हो गई है। ऐसे में कलाकारों का खर्च निकालने की चुनौती है। बोले, यह महोत्सव बहुत मशहूर हो चुका है। इसका हर साल होना जरूरी है।
इंसेट
दुकानदारों की मांग के अनुसार अनुमति दिलाएंगे
मगहर। कबीरचौरा पीठ के महंत विचार दास ने कहा कि मेला हर हाल में निर्वाण दिवस 27 और 28 जनवरी के बाद तीन फरवरी तक चलेगा। वह दुकानदारों तब तक दुकानें लगाने के लिए जिला प्रशासन से अनुमति दिलाएंगे। महोत्सव समिति के कार्यकारिणी सदस्य अवधेश सिंह ने कहा कि महोत्सव बदली हुई तिथि पर अवश्य होगा। उन्होंने जिला प्रशासन आग्रह किया है कि दुकानदारों को मेले में रहने दें। ठंड की वजह से भी उनकी आमदनी पर असर पड़ा है।