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Sant Kabir Nagar News: नहीं हटे सफाई कर्मी, अभी भी कर रहे बाबूगिरी
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- सीएम कार्यालय के आदेश का भी नहीं हुआ पालन, मेंहदावल ब्लॉक का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। नियम व निर्देशों को ताक पर रखकर सफाई कर्मियों को ग्राम पंचायत में तैनाती की जगह ब्लाॅक कार्यालय में बाबू का काम लिया जा रहा है। मामला उजागर होने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष सचिव ने जांच का आदेश दिया था। उसके बाद भी सफाई कर्मी कार्यालय में बाबू के डेस्क पर जमे हुए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय का आदेश जिम्मेदार अधिकारियों के लापरवाही का भेंट चढ़ गया।
मेंहदावल ब्लाॅक में कुल 71 ग्राम पंचायत हैं। जिसमें 170 सफाई कर्मी कागज में तैनात हैं, लेकिन छह सफाई कर्मी गांव में स्वच्छता देखने की जगह ब्लाॅक कार्यालय में बाबू का काम कर रहे हैं। इसे लेकर अन्य सफाई कर्मियों ने आपत्ति भी दर्ज कराई। उसके बाद भी सफाई कर्मी गांव में जाने की जगह ब्लाॅक कार्यालय पर बाबू का काम कर रहे हैं। मामले को अमर उजाला ने 22 जुलाई के अंक में कागज में 170, 163 सफाई कर्मियों से ली जा रही ड्यूटी शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। खबर को संज्ञान में लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष सचिव प्रथमेश कुमार ने जांच का आदेश दिया था। अमर उजाला ने 29 जुलाई को सफाई कर्मियों की ड्यूटी में गोलमाल, सीएम कार्यालय ने दिया जांच का आदेश शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच के आदेश के बाद डीपीआरओ ने ब्लाॅक कार्यालय में बाबू का काम कर रहे सफाई कर्मियों को गांवों में तैनाती करने का फरमान तो जरूर सुनाया, लेकिन वह अभी भी ब्लॉक कार्यालय पर ही जमे हुए हैं। ग्रामीण रामसुभग यादव, गुददुन मल्लू, असर्फी, शंकर, दीनदयाल आदि का कहना है कि गांव में धरातल पर स्वच्छता भगवान भरोसे चल रहा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच के आदेश के दौरान ही कार्यालय में बाबू का काम कर रहे छह सफाई कर्मियों को हटाने तथा गांव में तैनात करने के लिए सूची बनाकर डीपीआरओ को भेजा गया था, लेकिन अभी तक इन सफाई कर्मियों की तैनाती का आदेश डीपीआरओ कार्यालय से निर्गत नहीं किया गया। जिस कारण वह अभी ब्लॉक पर कार्य कर रहे हैं।
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राजेश पांडेय, एडीओ पंचायत
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। नियम व निर्देशों को ताक पर रखकर सफाई कर्मियों को ग्राम पंचायत में तैनाती की जगह ब्लाॅक कार्यालय में बाबू का काम लिया जा रहा है। मामला उजागर होने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष सचिव ने जांच का आदेश दिया था। उसके बाद भी सफाई कर्मी कार्यालय में बाबू के डेस्क पर जमे हुए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय का आदेश जिम्मेदार अधिकारियों के लापरवाही का भेंट चढ़ गया।
मेंहदावल ब्लाॅक में कुल 71 ग्राम पंचायत हैं। जिसमें 170 सफाई कर्मी कागज में तैनात हैं, लेकिन छह सफाई कर्मी गांव में स्वच्छता देखने की जगह ब्लाॅक कार्यालय में बाबू का काम कर रहे हैं। इसे लेकर अन्य सफाई कर्मियों ने आपत्ति भी दर्ज कराई। उसके बाद भी सफाई कर्मी गांव में जाने की जगह ब्लाॅक कार्यालय पर बाबू का काम कर रहे हैं। मामले को अमर उजाला ने 22 जुलाई के अंक में कागज में 170, 163 सफाई कर्मियों से ली जा रही ड्यूटी शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। खबर को संज्ञान में लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष सचिव प्रथमेश कुमार ने जांच का आदेश दिया था। अमर उजाला ने 29 जुलाई को सफाई कर्मियों की ड्यूटी में गोलमाल, सीएम कार्यालय ने दिया जांच का आदेश शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच के आदेश के बाद डीपीआरओ ने ब्लाॅक कार्यालय में बाबू का काम कर रहे सफाई कर्मियों को गांवों में तैनाती करने का फरमान तो जरूर सुनाया, लेकिन वह अभी भी ब्लॉक कार्यालय पर ही जमे हुए हैं। ग्रामीण रामसुभग यादव, गुददुन मल्लू, असर्फी, शंकर, दीनदयाल आदि का कहना है कि गांव में धरातल पर स्वच्छता भगवान भरोसे चल रहा है।
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मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच के आदेश के दौरान ही कार्यालय में बाबू का काम कर रहे छह सफाई कर्मियों को हटाने तथा गांव में तैनात करने के लिए सूची बनाकर डीपीआरओ को भेजा गया था, लेकिन अभी तक इन सफाई कर्मियों की तैनाती का आदेश डीपीआरओ कार्यालय से निर्गत नहीं किया गया। जिस कारण वह अभी ब्लॉक पर कार्य कर रहे हैं।
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राजेश पांडेय, एडीओ पंचायत