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युवती का शव पहुंचा, गांव में मचा कोहराम
Sant Kabir Nagar
Updated Sun, 26 Feb 2017 11:42 PM IST
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मृत्यु
बखिरा क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती की लखनऊ में उपचार के दौरान हुई मौत के मामले की चर्चा जिले में रविवार को हर तरफ होती रही। युवती का शव उसके गांव पहुंचते ही तो आस-पास के लोग भी पहुंच गए। वहीं युवती घरवालों ने पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद अय्यूब पर युवती के यौन शोषण का आरोप मढ़ रहे हैं। इस मामले में लखनऊ के मड़ियांव थाने में पीस पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ केस भी दर्ज है।
शव पहुंचने पर जुटे लोग युवती के माता- पिता को उनकी गरीबी और लापरवाही को कोस रहे थे। पीड़ित माता पिता रोते हुए बताया कि होनहार बेटी हाईस्कूल पास करने के बाद से ही राजनीति के चक्कर में पड़ गई। 2012 के चुनाव में डॉक्टर अयूब के संपर्क में आई और डॉक्टर बनने का सपना लिए एएनएम का कोर्स लखनऊ से करने चली गई। मां बार- बार रोते हुए नर्स की पोशाक वाली बेटी की तस्वीर को देखती और चीखते हुए कह रही थी कि डॉक्टर अय्यूब ने पहले उसकी बेटी का यौन शोषण किया और बाद में गलत दवा देकर मार डाला। पीड़िता के घर पर मौजूद एक 70 वर्षीय महिला कह रही थी कि यदि बेटी उसके संपर्क में थी तो उससे दूरी बढ़ाकर भी अलग हो सकती थी।
पीड़िता के घर कई दलों के लोग पहुंचे हुए थे। बसपा के जिलाध्यक्ष झिनकान प्रसाद ने पीड़ित परिजनों को दिलासा देते हुए कहा कि अस्पताल के कागजात संभाल कर रखें और धैर्य से काम लें। दोषी बच नहीं पाएंगे। सांसद शरद त्रिपाठी ने भी घटना की निंदा की और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की लखनऊ प्रशासन से मांग उठाई। पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर अय्यूब ने कहा कि बीमारी के दौरान भी युवती का बयान मीडिया के लोगों ने लिया था। युवती से पूछा गया था कि डॉक्टर अय्यूब ने क्या किया तो युवती ने बताया था कि कुछ नहीं किया। मुफ्त उपचार कराने की वजह से वह आई थी। युवती की मौत के बाद परिजन साजिश के तहत झूठा आरोप मढ़ रहे हैं। जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
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शव पहुंचने पर जुटे लोग युवती के माता- पिता को उनकी गरीबी और लापरवाही को कोस रहे थे। पीड़ित माता पिता रोते हुए बताया कि होनहार बेटी हाईस्कूल पास करने के बाद से ही राजनीति के चक्कर में पड़ गई। 2012 के चुनाव में डॉक्टर अयूब के संपर्क में आई और डॉक्टर बनने का सपना लिए एएनएम का कोर्स लखनऊ से करने चली गई। मां बार- बार रोते हुए नर्स की पोशाक वाली बेटी की तस्वीर को देखती और चीखते हुए कह रही थी कि डॉक्टर अय्यूब ने पहले उसकी बेटी का यौन शोषण किया और बाद में गलत दवा देकर मार डाला। पीड़िता के घर पर मौजूद एक 70 वर्षीय महिला कह रही थी कि यदि बेटी उसके संपर्क में थी तो उससे दूरी बढ़ाकर भी अलग हो सकती थी।
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पीड़िता के घर कई दलों के लोग पहुंचे हुए थे। बसपा के जिलाध्यक्ष झिनकान प्रसाद ने पीड़ित परिजनों को दिलासा देते हुए कहा कि अस्पताल के कागजात संभाल कर रखें और धैर्य से काम लें। दोषी बच नहीं पाएंगे। सांसद शरद त्रिपाठी ने भी घटना की निंदा की और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की लखनऊ प्रशासन से मांग उठाई। पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर अय्यूब ने कहा कि बीमारी के दौरान भी युवती का बयान मीडिया के लोगों ने लिया था। युवती से पूछा गया था कि डॉक्टर अय्यूब ने क्या किया तो युवती ने बताया था कि कुछ नहीं किया। मुफ्त उपचार कराने की वजह से वह आई थी। युवती की मौत के बाद परिजन साजिश के तहत झूठा आरोप मढ़ रहे हैं। जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
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