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Sant Kabir Nagar News: बहू-बेटी सम्मेलन महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
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संतकबीरनगर। मिशन शक्ति के तहत बहू-बेटी सम्मेलन कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए बुधवार को विकास खंड पौली सभागार में ब्लॉक स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। पुलिस विभाग और यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न विभागों के 30 नामित प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यशाला का शुभारंभ उप जिलाधिकारी धनघटा रविकांत चौबे और क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्रा ने किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और समुदाय की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। बहू-बेटी सम्मेलन महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और हिंसा की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बहू-बेटी सम्मेलन की अवधारणा, संचालन प्रक्रिया और ब्लॉक व ग्राम स्तर पर उनकी भूमिका की जानकारी दी गई। साथ ही समूह चर्चा, रोल प्ले और केस स्टडी के माध्यम से प्रभावी संवाद, सक्रिय श्रवण और समुदाय से बेहतर समन्वय स्थापित करने का अभ्यास कराया गया।
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कार्यशाला में बताया गया कि प्रशिक्षित ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षक अपने-अपने विकास खंडों में ग्राम स्तरीय सुगमकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद प्रत्येक ग्राम पंचायत में 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं के साथ छह सप्ताह तक छह विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मानजनक संबंध, लैंगिक समानता, साइबर सुरक्षा, घरेलू हिंसा की रोकथाम और उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा।
यूनिसेफ के मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार राजेश कुमार सैनी ने अभियान की रूपरेखा और कैस्केड प्रशिक्षण मॉडल की जानकारी देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। कार्यशाला में मास्टर प्रशिक्षक स्वीटी मंडल, मोनिका शुक्ला, पूनम मौर्य और पवन कुमार लाल ने व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया।
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कार्यशाला का शुभारंभ उप जिलाधिकारी धनघटा रविकांत चौबे और क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्रा ने किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और समुदाय की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। बहू-बेटी सम्मेलन महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और हिंसा की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
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प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बहू-बेटी सम्मेलन की अवधारणा, संचालन प्रक्रिया और ब्लॉक व ग्राम स्तर पर उनकी भूमिका की जानकारी दी गई। साथ ही समूह चर्चा, रोल प्ले और केस स्टडी के माध्यम से प्रभावी संवाद, सक्रिय श्रवण और समुदाय से बेहतर समन्वय स्थापित करने का अभ्यास कराया गया।
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कार्यशाला में बताया गया कि प्रशिक्षित ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षक अपने-अपने विकास खंडों में ग्राम स्तरीय सुगमकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद प्रत्येक ग्राम पंचायत में 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं के साथ छह सप्ताह तक छह विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मानजनक संबंध, लैंगिक समानता, साइबर सुरक्षा, घरेलू हिंसा की रोकथाम और उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा।
यूनिसेफ के मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार राजेश कुमार सैनी ने अभियान की रूपरेखा और कैस्केड प्रशिक्षण मॉडल की जानकारी देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। कार्यशाला में मास्टर प्रशिक्षक स्वीटी मंडल, मोनिका शुक्ला, पूनम मौर्य और पवन कुमार लाल ने व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया।