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Sant Kabir Nagar News: दस टीमों ने की 14 क्षय रोगियों की पहचान
Sun, 13 Oct 2024 11:18 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 13 Oct 2024 11:18 PM IST
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- सीएचसी सेमरियावां में गठित टीम ने 1149 घरों की जांच की
2025 तक क्षय रोग खत्म करने का रखा लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। क्षय रोगियों की पहचान के लिए गठित की गई टीमों ने केवल 14 क्षय रोगियों की पहचान कर सकी हैं। केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक क्षय रोग को खत्म करना है, लेकिन दिए गए लक्ष्य को समय से पूरा करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
जनपद में क्षय रोगियों को चिह्नित करने के लिए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ कुछ प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रों को निर्देशित किया गया था कि क्षय रोगियों की पहचान करके उनका इलाज करके रिपोर्ट भेजे। सीएमओ की ओर से भी क्षय रोगियों की पहचान किए जाने के लिए अलग से विभाग की टीमें गठित की गई थीं। सेमरियावां में दस टीमें लगाई गई थीं। गांवों में टीमें पहुंचकर लोगों के बलगम की जांच करके क्षय रोगियों की पहचान करने के निर्देश दिए गए थे।
विभाग की ओर से गठित की गई टीमों के द्वारा समय से इन रोगियों की पहचान कर रिपोर्ट भेजना था, जबकि इस बीमारी को पूरी तरह से खत्म किए जाने के लिए महकमे के अधिकारी बार-बार संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित करते रहते हैं। सेमरियावां ब्लाक में 113 ग्राम पंचायत हैं। इन गांवों में क्षय रोगियों की पहचान के लिए दस टीमों का गठन किया गया। विभागीय आंकड़े बताते हैं कि टीम ने 1149 घरों की जांच की गई। टीम ने प्रत्येक दिन पचास पचास परिवार की जांच की। इनमें से 14 लोग क्षय रोग के लिए चिह्नित किए गए हैं।
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मरीजों को मिलते हैं तीन हजार रुपये की मदद
क्षय रोगियों को इलाज कराने के साथ खानपान की व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए मरीज के खाते में दो किस्तों में दो बार में डेढ़-डेढ़ हजार रुपए भेजे जाते हैं। इसमें मरीज इलाज के समय खानपान की बेहतर व्यवस्था रखने के लिए दिया जाता है। इसके बावजूद कुछ मरीज समय से इलाज कराने में भी कतराते हैं।
क्षय रोगियों की पहचान के लिए गांव-गांव टीमें भेजी गईं। टीम ने 14 मरीज चिह्नित किए हैं। मरीजों की जांच के साथ इलाज किया जा रहा है। जांच में किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है।
- देवेन्द्र श्रीवास्तव, एसटीएस, सीएचसी सेमरियावां
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2025 तक क्षय रोग खत्म करने का रखा लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। क्षय रोगियों की पहचान के लिए गठित की गई टीमों ने केवल 14 क्षय रोगियों की पहचान कर सकी हैं। केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक क्षय रोग को खत्म करना है, लेकिन दिए गए लक्ष्य को समय से पूरा करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
जनपद में क्षय रोगियों को चिह्नित करने के लिए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ कुछ प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रों को निर्देशित किया गया था कि क्षय रोगियों की पहचान करके उनका इलाज करके रिपोर्ट भेजे। सीएमओ की ओर से भी क्षय रोगियों की पहचान किए जाने के लिए अलग से विभाग की टीमें गठित की गई थीं। सेमरियावां में दस टीमें लगाई गई थीं। गांवों में टीमें पहुंचकर लोगों के बलगम की जांच करके क्षय रोगियों की पहचान करने के निर्देश दिए गए थे।
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विभाग की ओर से गठित की गई टीमों के द्वारा समय से इन रोगियों की पहचान कर रिपोर्ट भेजना था, जबकि इस बीमारी को पूरी तरह से खत्म किए जाने के लिए महकमे के अधिकारी बार-बार संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित करते रहते हैं। सेमरियावां ब्लाक में 113 ग्राम पंचायत हैं। इन गांवों में क्षय रोगियों की पहचान के लिए दस टीमों का गठन किया गया। विभागीय आंकड़े बताते हैं कि टीम ने 1149 घरों की जांच की गई। टीम ने प्रत्येक दिन पचास पचास परिवार की जांच की। इनमें से 14 लोग क्षय रोग के लिए चिह्नित किए गए हैं।
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मरीजों को मिलते हैं तीन हजार रुपये की मदद
क्षय रोगियों को इलाज कराने के साथ खानपान की व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए मरीज के खाते में दो किस्तों में दो बार में डेढ़-डेढ़ हजार रुपए भेजे जाते हैं। इसमें मरीज इलाज के समय खानपान की बेहतर व्यवस्था रखने के लिए दिया जाता है। इसके बावजूद कुछ मरीज समय से इलाज कराने में भी कतराते हैं।
क्षय रोगियों की पहचान के लिए गांव-गांव टीमें भेजी गईं। टीम ने 14 मरीज चिह्नित किए हैं। मरीजों की जांच के साथ इलाज किया जा रहा है। जांच में किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है।
- देवेन्द्र श्रीवास्तव, एसटीएस, सीएचसी सेमरियावां