{"_id":"577aa0b74f1c1b6c117fa077","slug":"tell-about-agricultural-schemes","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृषि योजनाओं की जानकारी दी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृषि योजनाओं की जानकारी दी
sant kabir nagar
Updated Mon, 04 Jul 2016 11:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार को विकास भवन सभागार में जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों को कृषि योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
उप निदेशक कृषि शिवदत्त तिवारी ने नई सहभागी फसल निगरानी निदान प्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसान विभाग द्वारा दिए गए नंबर 9452247111, 9452275111 पर कोई भी जानकारी ले सकते है। व्यवस्था यह भी है कि एसएमएस के जरिए भी खेती-किसानी से जुड़ी जानकारियां हासिल कर सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र वर्मा ने पशुपालन, उद्यान, मत्स्य, लीड आफर, केसरवानी, फसली ऋण, मिनी डेयरी, कामधेनु आदि योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की जानकारी कर किसान लाभ उठा सकते हैं।
इससे उनकी आमदनी में बढ़ोत्तरी होगी। समय-समय पर किसानों को मिलने वाली सुविधाओं का भी लाभ किसान उठा सकते हैं। कृषि वैैज्ञानिक डॉक्टर उमेश ने कहा कि किसान परंपरागत खेती के हटकर समय के अनुसार खेती की विधि अपनाएं, इससे उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा। खेतों के मिट्टी की जांच कराकर कार्ड बनवाएं और उसी के अनुरूप उर्वरक का प्रयोग करें। इस अवसर पर पीडी अनिल पांडेय, दिलीप त्रिपाठी, एके मौर्या, शक्ति विकास उपाध्याय सहित तमाम अधिकारी व किसान उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उप निदेशक कृषि शिवदत्त तिवारी ने नई सहभागी फसल निगरानी निदान प्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसान विभाग द्वारा दिए गए नंबर 9452247111, 9452275111 पर कोई भी जानकारी ले सकते है। व्यवस्था यह भी है कि एसएमएस के जरिए भी खेती-किसानी से जुड़ी जानकारियां हासिल कर सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र वर्मा ने पशुपालन, उद्यान, मत्स्य, लीड आफर, केसरवानी, फसली ऋण, मिनी डेयरी, कामधेनु आदि योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की जानकारी कर किसान लाभ उठा सकते हैं।
विज्ञापन
इससे उनकी आमदनी में बढ़ोत्तरी होगी। समय-समय पर किसानों को मिलने वाली सुविधाओं का भी लाभ किसान उठा सकते हैं। कृषि वैैज्ञानिक डॉक्टर उमेश ने कहा कि किसान परंपरागत खेती के हटकर समय के अनुसार खेती की विधि अपनाएं, इससे उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा। खेतों के मिट्टी की जांच कराकर कार्ड बनवाएं और उसी के अनुरूप उर्वरक का प्रयोग करें। इस अवसर पर पीडी अनिल पांडेय, दिलीप त्रिपाठी, एके मौर्या, शक्ति विकास उपाध्याय सहित तमाम अधिकारी व किसान उपस्थित रहे।
विज्ञापन