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Sant Kabir Nagar News: तामेश्वरनाथ काॅरिडोर देगा तरक्की को नई राह
Tue, 27 May 2025 11:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 27 May 2025 11:51 PM IST
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तामेश्वरनाथ का मुख्य मंदिर
संतकबीरनगर। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाभारतकालीन तामेश्वरनाथ धाम के विकास की जिम्मेदारी अब जिले के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के हाथ में सौंप दी है। मंदिर के व्यवस्थापक गोस्वामी वंशजों के साथ समन्वय स्थापित करके कॉरिडोर की परियोजना मुख्यमंत्री तक पहुंचने में लगने वाला समय ही मंदिर के विकास की रुपरेखा तय करेगा।
योगी ने खुले मंच से कहा कि तामेश्वरनाथ कॉरिडोर को विकसित किया जाएगा। इसके लिए जनप्रतिनिधि और प्रशासन पूरी योजना बनाकर भेजें और इसमें सभी पक्षों से बात करके एक विस्तृत कार्ययोजना बनाएं। इसमें किसी भी तरह से धन की कमी आने नहीं दी जाएगी। प्रदेश के मुखिया के द्वारा की गई इस घोषणा के बाद अब जिले के जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वह कितने समय में योगी की मेज तक परियोजना की फाइल का पहुंचा देते हैं।
कॉरिडोर की परियोजना बनने के साथ ही इसके विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा। योगी ने इस बात पर बल दिया था कि किसी को उजाड़ा नहीं जाएगा, बल्कि उसको व्यवस्थापित किया जाएगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए जिले के गौरव तामेश्वरनाथ धाम के विकास की रुपरेखा बनानी होगी। संवाद
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अनियोजित मंदिरों की एक शृंखला के रूप में विकसित है मंदिर
महाभारत कालीन तामेश्वरनाथ जहां पर द्वापर युग में पांडवों की मां कुंती ने तामेश्वरनाथ शिवलिंग की स्थापना की थी, वह मंदिर अनियोजित विकास का एक नमूना है। मंदिर क्षेत्र में चारों तरफ संकरी गलियां ही दिखेंगी। हर तरफ कोई न कोई मंदिर दिख जाएगा। परिसर में कुल 16 छोटे-बड़े शिवालय हैं। इन शिवालयों के रख-रखाव के लिए कोई केंद्रीय व्यवस्था नहीं है। परिसर में साफ-सफाई के साथ ही आवागमन की कठिनाइयां हैं। बुनियादी सुविधाओं का पूरी तरह से अभाव है। अगर इन मंदिरों को व्यवस्थित कर दिया जाए तो श्रद्धालुओं को न केवल सुविधा मिलेगी, बल्कि परिसर का विस्तार होने के साथ ही पूरे साल पर्यटक भी यहां आएंगे।
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हर सोमवार लगता है मेला
तामेश्वरनाथ मंदिर परिसर में हर सोमवार को भारी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ ही गोरखपुर और बस्ती जनपद से भी श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए आते हैं। स्थिति यह है कि यहां पर आने वाले श्रद्धालु जलाभिषेक करते हैं। यही नहीं मेले का आनंद भी लेते हैं।
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श्रावण मास तथा शिवरात्रि पर लगता है मेला
तामेश्वरनाथ धाम में श्रावण मास में श्रद्धालु लाखों की संख्या में पूरे महीने आते हैं और जलाभिषेक करते हैं। श्रावण माह में यहां पर एक महीने का कांवड़ मेला लगता है। जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। वहीं महाशिवरात्रि के अवसर पर भी एक बड़े मेले का आयोजन किया जाता है। महाशिवरात्रि से शुरू होने वाला यह मेला होली तक चलता है। इसमें काष्ठ के सामानों के साथ ही अन्य सामान भी मिलते हैं।
कोट
कॉरिडोर के विकास के लिए जिलाधिकारी के साथ सारे विभागों यथा राजस्व विभाग, पर्यटन विभाग, नियोजन विभाग के साथ समन्वय बैठक की जाएगी। इसके बाद इस पर एक विधिवत कार्ययोजना बनाकर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। शीघ्र ही इसको मूर्त रूप दिया जाएगा।
-अंकुर राज तिवारी, विधायक, खलीलाबाद
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योगी ने खुले मंच से कहा कि तामेश्वरनाथ कॉरिडोर को विकसित किया जाएगा। इसके लिए जनप्रतिनिधि और प्रशासन पूरी योजना बनाकर भेजें और इसमें सभी पक्षों से बात करके एक विस्तृत कार्ययोजना बनाएं। इसमें किसी भी तरह से धन की कमी आने नहीं दी जाएगी। प्रदेश के मुखिया के द्वारा की गई इस घोषणा के बाद अब जिले के जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वह कितने समय में योगी की मेज तक परियोजना की फाइल का पहुंचा देते हैं।
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कॉरिडोर की परियोजना बनने के साथ ही इसके विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा। योगी ने इस बात पर बल दिया था कि किसी को उजाड़ा नहीं जाएगा, बल्कि उसको व्यवस्थापित किया जाएगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए जिले के गौरव तामेश्वरनाथ धाम के विकास की रुपरेखा बनानी होगी। संवाद
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अनियोजित मंदिरों की एक शृंखला के रूप में विकसित है मंदिर
महाभारत कालीन तामेश्वरनाथ जहां पर द्वापर युग में पांडवों की मां कुंती ने तामेश्वरनाथ शिवलिंग की स्थापना की थी, वह मंदिर अनियोजित विकास का एक नमूना है। मंदिर क्षेत्र में चारों तरफ संकरी गलियां ही दिखेंगी। हर तरफ कोई न कोई मंदिर दिख जाएगा। परिसर में कुल 16 छोटे-बड़े शिवालय हैं। इन शिवालयों के रख-रखाव के लिए कोई केंद्रीय व्यवस्था नहीं है। परिसर में साफ-सफाई के साथ ही आवागमन की कठिनाइयां हैं। बुनियादी सुविधाओं का पूरी तरह से अभाव है। अगर इन मंदिरों को व्यवस्थित कर दिया जाए तो श्रद्धालुओं को न केवल सुविधा मिलेगी, बल्कि परिसर का विस्तार होने के साथ ही पूरे साल पर्यटक भी यहां आएंगे।
हर सोमवार लगता है मेला
तामेश्वरनाथ मंदिर परिसर में हर सोमवार को भारी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ ही गोरखपुर और बस्ती जनपद से भी श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए आते हैं। स्थिति यह है कि यहां पर आने वाले श्रद्धालु जलाभिषेक करते हैं। यही नहीं मेले का आनंद भी लेते हैं।
श्रावण मास तथा शिवरात्रि पर लगता है मेला
तामेश्वरनाथ धाम में श्रावण मास में श्रद्धालु लाखों की संख्या में पूरे महीने आते हैं और जलाभिषेक करते हैं। श्रावण माह में यहां पर एक महीने का कांवड़ मेला लगता है। जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। वहीं महाशिवरात्रि के अवसर पर भी एक बड़े मेले का आयोजन किया जाता है। महाशिवरात्रि से शुरू होने वाला यह मेला होली तक चलता है। इसमें काष्ठ के सामानों के साथ ही अन्य सामान भी मिलते हैं।
कोट
कॉरिडोर के विकास के लिए जिलाधिकारी के साथ सारे विभागों यथा राजस्व विभाग, पर्यटन विभाग, नियोजन विभाग के साथ समन्वय बैठक की जाएगी। इसके बाद इस पर एक विधिवत कार्ययोजना बनाकर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। शीघ्र ही इसको मूर्त रूप दिया जाएगा।
-अंकुर राज तिवारी, विधायक, खलीलाबाद