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कार्रवाई पर टिकीं निगाहें, सबके अपने-अपने तर्क
Sat, 09 Mar 2019 12:23 AM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sat, 09 Mar 2019 12:23 AM IST
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कार्रवाई पर टिकीं निगाहें, सबके अपने-अपने तर्क
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में सत्ताधारी दल के सांसद और विधायक के बीच हुई मारपीट के प्रकरण में अब समर्थकों के साथ-साथ आम लोगों को पार्टी के अगले कदम का इंतजार है। लोग इस मामले में शीर्ष नेतृत्व के निर्णय को आने वाले चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं। इन सबके बीच भाजपा के जिला स्तरीय पदाधिकारी कुछ भी बोलने से साफ कतरा रहे हैं।
बुधवार की शाम को जिला योजना समिति की बैठक में सांसद शरद त्रिपाठी और विधायक मेंहदावल राकेश सिंह बघेल के बीच मारपीट हो गई थी।
इस घटना के चलते तीन घंटे तक जिला मुख्यालय पर बवाल चलता रहा। बृहस्पतिवार को सांसद और विधायक लखनऊ पहुंचे और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र पांडेय से मिलकर अपना-अपना पक्ष रखा था। बखिरा और धनघटा क्षेत्र में कुछ जगह विधायक समर्थकों ने सांसद का पुतला जलाने का जुलूस निकालने का भी प्रयास किया था। हालांकि इसमें पार्टी के पदाधिकारी शामिल नहीं थे। शुक्रवार को पूरे दिन इस प्रकरण में होने वाली कार्रवाई को लेकर चर्चाएं होती रहीं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हुई इस घटना से जिले के भाजपा पदाधिकारी ही नहीं कार्यकर्ता और समर्थक भी हतप्रभ हैं। वहीं लोगों की नजर संगठन के निर्णय पर टिकी है।
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बुधवार की शाम को जिला योजना समिति की बैठक में सांसद शरद त्रिपाठी और विधायक मेंहदावल राकेश सिंह बघेल के बीच मारपीट हो गई थी।
इस घटना के चलते तीन घंटे तक जिला मुख्यालय पर बवाल चलता रहा। बृहस्पतिवार को सांसद और विधायक लखनऊ पहुंचे और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र पांडेय से मिलकर अपना-अपना पक्ष रखा था। बखिरा और धनघटा क्षेत्र में कुछ जगह विधायक समर्थकों ने सांसद का पुतला जलाने का जुलूस निकालने का भी प्रयास किया था। हालांकि इसमें पार्टी के पदाधिकारी शामिल नहीं थे। शुक्रवार को पूरे दिन इस प्रकरण में होने वाली कार्रवाई को लेकर चर्चाएं होती रहीं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हुई इस घटना से जिले के भाजपा पदाधिकारी ही नहीं कार्यकर्ता और समर्थक भी हतप्रभ हैं। वहीं लोगों की नजर संगठन के निर्णय पर टिकी है।
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