{"_id":"6a8de6653e892767490e4ba6","slug":"swine-flu-dm-issues-directives-cms-reviews-preparedness-khalilabad-news-c-209-1-kld1026-156140-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वाइन फ्लू : डीएम ने दिए निर्देश, सीएमएस ने परखी तैयारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वाइन फ्लू : डीएम ने दिए निर्देश, सीएमएस ने परखी तैयारियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संतकबीरनगर। मौसम में बदलाव के बीच स्वाइन फ्लू के मद्देनजर विभाग ने जिला अस्पताल की तैयारियों को और पुख्ता करना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश पर अस्पताल प्रशासन को सतर्क रहने के साथ संभावित मरीजों की पहचान, उपचार और संक्रमण की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमाशंकर सिंह ने जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर व्यवस्था की पड़ताल की। सीएमएस ने निरीक्षण के दौरान ओपीडी, आईपीडी, महिला वार्ड, बच्चों के वार्ड, एनआईसीयू और आईसीयू समेत विभिन्न विभागों में पहुंचकर मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की।
उन्होंने मरीजों से उपचार और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली तथा संबंधित चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
-- -- -- -- -
लक्षण दिखे तो तत्काल चिकित्सक से लें सलाह
डॉ. रमाशंकर सिंह ने कहा कि बदलते मौसम में संक्रमण संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्वाइन फ्लू के संभावित लक्षणों को लेकर चिकित्सकों और स्टाफ को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना, शरीर में दर्द, सिरदर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द होने पर तत्काल अस्पताल पहुंचना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि संभावित लक्षण वाले मरीजों की स्थिति को गंभीरता से लिया जाए और आवश्यकतानुसार जांच एवं उपचार की प्रक्रिया समय से शुरू की जाए।
-- -- --
डॉक्टरों को मास्क लगाने के निर्देश
संक्रमण की रोकथाम को लेकर सीएमएस ने अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को मास्क का इस्तेमाल करने तथा हाथों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। मरीजों और उनके परिजन को भी मास्क के उपयोग, हाथों की नियमित सफाई तथा खांसी-छींक के दौरान सावधानी बरतने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बीमारी के लक्षण और बचाव के उपायों की जानकारी देना भी उपचार व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चिकित्सक और स्टाफ मरीजों तथा उनके परिजनों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके।
-- -- --
डीएम ने दिए सतर्क रहने के निर्देश
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्वाइन फ्लू की संभावित स्थिति को देखते हुए पूरी तैयारी के साथ सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी करने तथा संभावित मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
विज्ञापन
मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमाशंकर सिंह ने जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर व्यवस्था की पड़ताल की। सीएमएस ने निरीक्षण के दौरान ओपीडी, आईपीडी, महिला वार्ड, बच्चों के वार्ड, एनआईसीयू और आईसीयू समेत विभिन्न विभागों में पहुंचकर मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की।
विज्ञापन
उन्होंने मरीजों से उपचार और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली तथा संबंधित चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
लक्षण दिखे तो तत्काल चिकित्सक से लें सलाह
डॉ. रमाशंकर सिंह ने कहा कि बदलते मौसम में संक्रमण संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्वाइन फ्लू के संभावित लक्षणों को लेकर चिकित्सकों और स्टाफ को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना, शरीर में दर्द, सिरदर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द होने पर तत्काल अस्पताल पहुंचना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि संभावित लक्षण वाले मरीजों की स्थिति को गंभीरता से लिया जाए और आवश्यकतानुसार जांच एवं उपचार की प्रक्रिया समय से शुरू की जाए।
डॉक्टरों को मास्क लगाने के निर्देश
संक्रमण की रोकथाम को लेकर सीएमएस ने अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को मास्क का इस्तेमाल करने तथा हाथों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। मरीजों और उनके परिजन को भी मास्क के उपयोग, हाथों की नियमित सफाई तथा खांसी-छींक के दौरान सावधानी बरतने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बीमारी के लक्षण और बचाव के उपायों की जानकारी देना भी उपचार व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चिकित्सक और स्टाफ मरीजों तथा उनके परिजनों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके।
डीएम ने दिए सतर्क रहने के निर्देश
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्वाइन फ्लू की संभावित स्थिति को देखते हुए पूरी तैयारी के साथ सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी करने तथा संभावित मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।