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स्वाइन फ्लू : जिला अस्पताल सतर्क...सीएमएस ने वार्डों का किया निरीक्षण
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जिला अस्पताल का निरीक्षण करते सीएमएस। संवाद
संतकबीरनगर। मौसम में बदलाव के बीच स्वाइन फ्लू के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिला अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल में विशेष निगरानी शुरू कर दी है। सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. रमाशंकर सिंह ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
सीएमएस ने निरीक्षण के दौरान आईसीयू, नवजात एवं बाल चिकित्सा इकाई समेत विभिन्न वार्डों में पहुंचकर साफ-सफाई, मरीजों के उपचार, दवाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित चिकित्सकों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था लगातार बेहतर रखी जाए और मरीजों को आवश्यक सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं।
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तेज बुखार और लगातार खांसी को न करें नजरअंदाज
चिकित्सकों के अनुसार स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना, शरीर में तेज दर्द, सिरदर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में कठिनाई या सीने में दर्द की समस्या भी हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है।
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वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह समेत संबंधित चिकित्सकों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमएस ने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को बीमारी के लक्षणों तथा बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए, ताकि संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिल सके।
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सफाई और निगरानी पर विशेष जोर
डॉ. रमाशंकर सिंह ने अस्पताल की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव के दौरान विभिन्न प्रकार के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में अस्पताल परिसर, वार्डों, मरीजों के आसपास और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित टीमों को लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी कमी की जानकारी तत्काल देने को कहा।
सीएमएस ने कहा कि जिला अस्पताल में चिकित्सकीय व्यवस्था और साफ-सफाई की लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी संभावित मरीज को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
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सीएमएस ने निरीक्षण के दौरान आईसीयू, नवजात एवं बाल चिकित्सा इकाई समेत विभिन्न वार्डों में पहुंचकर साफ-सफाई, मरीजों के उपचार, दवाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित चिकित्सकों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था लगातार बेहतर रखी जाए और मरीजों को आवश्यक सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं।
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तेज बुखार और लगातार खांसी को न करें नजरअंदाज
चिकित्सकों के अनुसार स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना, शरीर में तेज दर्द, सिरदर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में कठिनाई या सीने में दर्द की समस्या भी हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है।
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वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह समेत संबंधित चिकित्सकों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमएस ने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को बीमारी के लक्षणों तथा बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए, ताकि संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिल सके।
सफाई और निगरानी पर विशेष जोर
डॉ. रमाशंकर सिंह ने अस्पताल की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव के दौरान विभिन्न प्रकार के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में अस्पताल परिसर, वार्डों, मरीजों के आसपास और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित टीमों को लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी कमी की जानकारी तत्काल देने को कहा।
सीएमएस ने कहा कि जिला अस्पताल में चिकित्सकीय व्यवस्था और साफ-सफाई की लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी संभावित मरीज को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।