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बेहतर शिक्षा से बढ़े विद्यार्थी तो बैठने के लिए कम पड़ गए कमरे
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धनघटा तहसील क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय सुरैना।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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बेहतर शिक्षा से बढ़े विद्यार्थी तो बैठने के लिए कम पड़ गए कमरे
स्कूल चलो अभियान में पहुंचे विधायक से प्रधानाध्यापिका ने कमरा बनवाने की पेशकश की
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर शासन-प्रशासन का पूरा जोर है। इसके लिए विभिन्न तरह की योजनाएं संचालित हैं। स्कूल चलो अभियान भी चलाया जा रहा है। विकास खंड हैंसर बाजार के प्राथमिक विद्यालय सुरैना में शिक्षण व्यवस्था बेहतर हुई तो बच्चों को बैठने के लिए कमरों की संख्या कम पड़ गई है। प्रधानाध्यापिका ने स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ करने पहुंचे विधायक से बच्चों की पढ़ाई के लिए कमरा बनवाए जाने की पेशकश की।
विकास खंड हैंसर बाजार के सुरैना में वर्ष 1997 में प्राथमिक विद्यालय का निर्माण हुआ था। विद्यालय में धनघटा क्षेत्र के गागरगाड़ की रहने वाली चंद्रकला की नियुक्ति सहायक अध्यापक के रूप में हुई थी। उस दौरान विद्यालय पर 77 बच्चे पढ़ने आते थे। वैसे उस समय अगल-बगल के गांवों में कहीं पर परिषदीय विद्यालय नहीं था। 2005 में चंद्रकला का प्रमोशन हुआ और वह प्रधानाध्यापिका बन र्गइं। प्रधानाध्यापिका चंद्रकला के अलावा यहां सहायक अध्यापक के पद पर आदित्यवर्धन और उमेश कुमार की तैनाती है। यहां शिक्षकों की टीम बच्चों को पूरे मनोयोग से शिक्षा दे रही है। इससे यहां वर्तमान में विद्यार्थियों की संख्या 148 पहुंच गई है। परिषदीय स्कूल भवन में सिर्फ दो कमरा और बरामदा है। कक्षा एक से तीन तक के बच्चे एक कमरे में और कक्षा चार व पांच के बच्चे दूसरे कमरे में बैठकर पढ़ते हैं। जगह कम होने से बच्चों को बैठने में असुविधा हो रही है। चार अप्रैल को बीएसए और बीईओ की मौजूदगी में स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ करने पहुंचे विधायक गणेश चंद्र चौहान से प्रधानाध्यापिका ने बच्चों की समस्या का मुद्दा उठाया। स्कूल को गोद लेने के साथ ही यहां सुविधाएं बढ़ाए जाने की विधायक से पेशकश की। विधायक ने समस्या का समाधान कराए जाने का भरोसा दिया। सुरैना गांव के प्रधान अमरनाथ यादव, दिलीप कुमार, संजय, छोटेलाल ने बताया कि स्कूल मेें और सुविधाएं बढ़ाए जाने की जरूरत है। प्रधानाध्यापिका चंद्रकला का कहना है कि विद्यालय में कमरों की संख्या बढ़ा दी जाए तो बच्चों की संख्या और बढ़ जाएगी।
इंसेट
परिषदीय विद्यालय सुरैना के शिक्षकों के जरिए बच्चों को उचित शिक्षा दिए जाने का नतीजा है कि अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है। इसका परिणाम है कि यहां बच्चों की संख्या बढ़ गई है। यहां बच्चों के बैठने के लिए कमरा बनवाने की व्यवस्था कराई जाएगी। वैसे परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार कृत संकल्पित है।
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- गणेश चंद्र चौहान, विधायक, धनघटा
इंसेट
सुरैना में बेहतर शिक्षा की वजह से अभिभावकों ने अपने पाल्यों का नामांकन अधिक संख्या में कराया है। यहां नामांकित बच्चों की संख्या के सापेक्ष कमरा कम पड़ने की जानकारी हुई है। इसके लिए बीईओ के माध्यम से प्रधानाध्यापिका से प्रस्ताव मंगाएंगे और उसे राज्य परियोजना कार्यालय भेजेंगे। बजट आवंटित होने पर वहां काम कराया जाएगा।
-दिनेश कुमार, बीएसए
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स्कूल चलो अभियान में पहुंचे विधायक से प्रधानाध्यापिका ने कमरा बनवाने की पेशकश की
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर शासन-प्रशासन का पूरा जोर है। इसके लिए विभिन्न तरह की योजनाएं संचालित हैं। स्कूल चलो अभियान भी चलाया जा रहा है। विकास खंड हैंसर बाजार के प्राथमिक विद्यालय सुरैना में शिक्षण व्यवस्था बेहतर हुई तो बच्चों को बैठने के लिए कमरों की संख्या कम पड़ गई है। प्रधानाध्यापिका ने स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ करने पहुंचे विधायक से बच्चों की पढ़ाई के लिए कमरा बनवाए जाने की पेशकश की।
विकास खंड हैंसर बाजार के सुरैना में वर्ष 1997 में प्राथमिक विद्यालय का निर्माण हुआ था। विद्यालय में धनघटा क्षेत्र के गागरगाड़ की रहने वाली चंद्रकला की नियुक्ति सहायक अध्यापक के रूप में हुई थी। उस दौरान विद्यालय पर 77 बच्चे पढ़ने आते थे। वैसे उस समय अगल-बगल के गांवों में कहीं पर परिषदीय विद्यालय नहीं था। 2005 में चंद्रकला का प्रमोशन हुआ और वह प्रधानाध्यापिका बन र्गइं। प्रधानाध्यापिका चंद्रकला के अलावा यहां सहायक अध्यापक के पद पर आदित्यवर्धन और उमेश कुमार की तैनाती है। यहां शिक्षकों की टीम बच्चों को पूरे मनोयोग से शिक्षा दे रही है। इससे यहां वर्तमान में विद्यार्थियों की संख्या 148 पहुंच गई है। परिषदीय स्कूल भवन में सिर्फ दो कमरा और बरामदा है। कक्षा एक से तीन तक के बच्चे एक कमरे में और कक्षा चार व पांच के बच्चे दूसरे कमरे में बैठकर पढ़ते हैं। जगह कम होने से बच्चों को बैठने में असुविधा हो रही है। चार अप्रैल को बीएसए और बीईओ की मौजूदगी में स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ करने पहुंचे विधायक गणेश चंद्र चौहान से प्रधानाध्यापिका ने बच्चों की समस्या का मुद्दा उठाया। स्कूल को गोद लेने के साथ ही यहां सुविधाएं बढ़ाए जाने की विधायक से पेशकश की। विधायक ने समस्या का समाधान कराए जाने का भरोसा दिया। सुरैना गांव के प्रधान अमरनाथ यादव, दिलीप कुमार, संजय, छोटेलाल ने बताया कि स्कूल मेें और सुविधाएं बढ़ाए जाने की जरूरत है। प्रधानाध्यापिका चंद्रकला का कहना है कि विद्यालय में कमरों की संख्या बढ़ा दी जाए तो बच्चों की संख्या और बढ़ जाएगी।
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परिषदीय विद्यालय सुरैना के शिक्षकों के जरिए बच्चों को उचित शिक्षा दिए जाने का नतीजा है कि अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है। इसका परिणाम है कि यहां बच्चों की संख्या बढ़ गई है। यहां बच्चों के बैठने के लिए कमरा बनवाने की व्यवस्था कराई जाएगी। वैसे परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार कृत संकल्पित है।
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- गणेश चंद्र चौहान, विधायक, धनघटा
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सुरैना में बेहतर शिक्षा की वजह से अभिभावकों ने अपने पाल्यों का नामांकन अधिक संख्या में कराया है। यहां नामांकित बच्चों की संख्या के सापेक्ष कमरा कम पड़ने की जानकारी हुई है। इसके लिए बीईओ के माध्यम से प्रधानाध्यापिका से प्रस्ताव मंगाएंगे और उसे राज्य परियोजना कार्यालय भेजेंगे। बजट आवंटित होने पर वहां काम कराया जाएगा।
-दिनेश कुमार, बीएसए