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अग्निशमन अधिकारी ने विद्यार्थियों को दी आग से बचाव की जानकारी
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अग्निशमन अधिकारी ने विद्यार्थियों को दी आग से बचाव की जानकारी
संतकबीरनगर। अग्निशमन विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को बखिरा क्षेत्र के चार स्कूलों में छात्र-छात्राओं को आग से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। आग की घटना से बचाव के लिए सावधानी को जरूरी बताया गया। अग्निशमन अधिकारी अशोक यादव ने बताया कि ठोस पदार्थ में आग लगे हो तो पानी से बुझाएं।
अग्निशमन अधिकारी अशोक यादव ने आदर्श कृषक इंटर कॉलेज सिहटीकर, बेनीमाधव गोपीनाथ इंटर कॉलेज बखिरा, प्राथमिक विद्यालय झुंगिया, प्राथमिक विद्यालय ढोढ़या में विद्यार्थियों को अग्नि सुरक्षा के उपायों के बारे में जानकारी दी। आग के कारणों, उसकी प्रवृत्ति और बचाव के तरीकों के विषय में विद्यार्थियों को जागरूक किया। अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि घरों में खराब बिजली वायरिंग, रसोई गैस लीकेज, शार्ट सर्किट आदि से आग लगने का खतरा अधिक रहता है। सावधानी बरतने से आग लगने की घटनाओं को कम किया जा सकता है। यदि आग ठोस पदार्थ में लगी हो तो इसे पानी के साथ बुझाना चाहिए। जबकि किसी तरल पदार्थ जैसे तेल में लगी आग को पानी से न बुझाएं। इसके लिए सिलिंडर के रूप में आसानी से उपलब्ध झागयुक्त अग्निशमन यंत्र का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एलपीजी गैस हवा से हल्की होती है और रिसाव होने पर यह कमरे में नीचे की ओर फैलती है। इसलिए आग लगने की दुर्घटना में इसके प्रभाव से नहीं बचा जा सकता, लेकिन सावधानी बरतने से एलपीजी से दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि गैस पाइप और रेगुलेटर आईएसआई मार्क उपयोग करना चाहिए। गैस पाइप को हर छह महीने में अवश्य बदल देना चाहिए। गैस रिसाव की गंध मिलते ही घर में किसी प्रकार बिजली बटन को ऑन न करें। लोगों को दुकानों, घरों और स्कूलों में अग्निशमन यंत्र रखना चाहिए। इससे आगजनी की घटना के वक्त उस पर काबू पाया जा सकेगा।
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संतकबीरनगर। अग्निशमन विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को बखिरा क्षेत्र के चार स्कूलों में छात्र-छात्राओं को आग से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। आग की घटना से बचाव के लिए सावधानी को जरूरी बताया गया। अग्निशमन अधिकारी अशोक यादव ने बताया कि ठोस पदार्थ में आग लगे हो तो पानी से बुझाएं।
अग्निशमन अधिकारी अशोक यादव ने आदर्श कृषक इंटर कॉलेज सिहटीकर, बेनीमाधव गोपीनाथ इंटर कॉलेज बखिरा, प्राथमिक विद्यालय झुंगिया, प्राथमिक विद्यालय ढोढ़या में विद्यार्थियों को अग्नि सुरक्षा के उपायों के बारे में जानकारी दी। आग के कारणों, उसकी प्रवृत्ति और बचाव के तरीकों के विषय में विद्यार्थियों को जागरूक किया। अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि घरों में खराब बिजली वायरिंग, रसोई गैस लीकेज, शार्ट सर्किट आदि से आग लगने का खतरा अधिक रहता है। सावधानी बरतने से आग लगने की घटनाओं को कम किया जा सकता है। यदि आग ठोस पदार्थ में लगी हो तो इसे पानी के साथ बुझाना चाहिए। जबकि किसी तरल पदार्थ जैसे तेल में लगी आग को पानी से न बुझाएं। इसके लिए सिलिंडर के रूप में आसानी से उपलब्ध झागयुक्त अग्निशमन यंत्र का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एलपीजी गैस हवा से हल्की होती है और रिसाव होने पर यह कमरे में नीचे की ओर फैलती है। इसलिए आग लगने की दुर्घटना में इसके प्रभाव से नहीं बचा जा सकता, लेकिन सावधानी बरतने से एलपीजी से दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि गैस पाइप और रेगुलेटर आईएसआई मार्क उपयोग करना चाहिए। गैस पाइप को हर छह महीने में अवश्य बदल देना चाहिए। गैस रिसाव की गंध मिलते ही घर में किसी प्रकार बिजली बटन को ऑन न करें। लोगों को दुकानों, घरों और स्कूलों में अग्निशमन यंत्र रखना चाहिए। इससे आगजनी की घटना के वक्त उस पर काबू पाया जा सकेगा।
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