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लापरवाही पर सीएचसी अधीक्षक का वेतन रोका
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Mar 2018 11:32 PM IST
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कलेक्ट्रेट में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की बैठक को संबोधित करते डीएम।
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक डीएम मार्कंडेय शाही की अध्यक्षता में हुई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर परिणाम न देेने पर सीएचसी खलीलाबाद अधीक्षक का वेतन रोक दिया गया। डीएम ने लापरवाह संविदा कर्मियों के कार्यों में सुधार न आने पर सेवा समाप्त करने का निर्देश दिया।
डीएम ने जननी सुरक्षा योजना, बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। दो अप्रैल से विशेष संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा मनाए जाने की तैयारी के संबंध में जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि तीन मार्च को जनपद में सीएम का आगमन होना है। उनकी विशेष नजर स्वास्थ्य विभाग पर है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मी बेहतर ढंग से कार्य करें।
डीएम ने कहा कि आम जनमानस को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने में चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी अपना योगदान दे। भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन की समीक्षा स्वास्थ्य अधिकारी निरंतर करते रहें और उसकी रिपोर्ट उन्हें प्रेषित करें।
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उन्होंने कहा कि अधिकांश शिकायतें यह प्राप्त हो रही हैं कि संयुक्त जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उपकेंद्र में सही ढंग से स्वास्थ्य सेवाएं आम लोगों को नहीं मिल पा रही हैं। निर्धारित समय पर चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नही रहते हैं। मरीज परेशान हैं और प्राइवेट अस्पतालों में उपचार करने के लिए मजबूर हैं।
ऐसी दशा में स्वास्थ्य प्रशासन उत्तरदायी है। इसमें सुधार करे नहीं तो जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीडीओ हाकिम सिंह, एडीएम एके मिश्र, सीएमओ डॉ. एसी श्रीवास्तव, सीएमएस डॉ. गिरीश चंद्र श्रीवास्तव, डॉ. एस रहमान, डॉ. आलोक सिन्हा, डॉ. जी एम शुक्ला, जिला मलेरिया अधिकारी सुनील चौधरी, विनीत श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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डीएम ने जननी सुरक्षा योजना, बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। दो अप्रैल से विशेष संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा मनाए जाने की तैयारी के संबंध में जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि तीन मार्च को जनपद में सीएम का आगमन होना है। उनकी विशेष नजर स्वास्थ्य विभाग पर है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मी बेहतर ढंग से कार्य करें।
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डीएम ने कहा कि आम जनमानस को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने में चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी अपना योगदान दे। भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन की समीक्षा स्वास्थ्य अधिकारी निरंतर करते रहें और उसकी रिपोर्ट उन्हें प्रेषित करें।
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उन्होंने कहा कि अधिकांश शिकायतें यह प्राप्त हो रही हैं कि संयुक्त जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उपकेंद्र में सही ढंग से स्वास्थ्य सेवाएं आम लोगों को नहीं मिल पा रही हैं। निर्धारित समय पर चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नही रहते हैं। मरीज परेशान हैं और प्राइवेट अस्पतालों में उपचार करने के लिए मजबूर हैं।
ऐसी दशा में स्वास्थ्य प्रशासन उत्तरदायी है। इसमें सुधार करे नहीं तो जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीडीओ हाकिम सिंह, एडीएम एके मिश्र, सीएमओ डॉ. एसी श्रीवास्तव, सीएमएस डॉ. गिरीश चंद्र श्रीवास्तव, डॉ. एस रहमान, डॉ. आलोक सिन्हा, डॉ. जी एम शुक्ला, जिला मलेरिया अधिकारी सुनील चौधरी, विनीत श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।