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तीसरी बार विधायक बने श्रीराम चौहान तीन बार सांसद भी रह चुके हैं

Wed, 21 Aug 2019 10:18 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Aug 2019 10:18 PM IST
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Sriram chauhan become minister, workers happy
वरिष्ठता और पार्टी के प्रति समर्पण का श्रीराम चौहान को मिला इनाम
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- तीसरी बार बने हैं विधायक, पहली बार प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल हुए
- तीन बार बस्ती लोकसभा सीट से रह चुके हैं सांसद
- अटल सरकार में बने थे खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के राज्यमंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अपना सामाजिक जीवन आरंभ करने वाले श्रीराम चौहान तीसरी बार विधायक हैं। इसके अलावा वे तीन बार बस्ती लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुके हैं। अटल जी की सरकार में खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के राज्यमंत्री रहे श्रीराम चौहान को वरिष्ठता और समर्पण का इनाम मिला है। बस्ती मंडल के तीनों जिलों में समान प्रभाव रखने वाले श्रीराम चौहान को सहजता के कारण आम कार्यकर्ता पूरा सम्मान देते हैं।
खलीलाबाद शहर के बरई टोला निवासी रामनरेश चौहान के पांच पुत्रों में सबसे बड़े श्रीराम चौहान का जन्म 20 सितंबर 1953 को हुआ। उच्च शिक्षा ग्रहण के दौरान ही आरएसएस के सक्रिय स्वयंसेवक बनकर कार्य करने लगे। वर्ष 1984 में पहली बार खलीलाबाद विधानसभा से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन सफलता नहीं मिली। वर्ष 1989 में पार्टी ने इन्हें हैंसर बाजार विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। इस बार श्रीराम ने कांग्रेस पार्टी की गेंदा देवी को पराजित किया और पहली बार विधान सभा में पहुंचे। वर्ष 1991 की राम लहर में इसी सीट से दोबारा जीत दर्ज की। परंतु वर्ष 1993 के विधान सभा चुनाव में श्रीराम चौहान को हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 1996 में श्रीराम चौहान को बस्ती लोकसभा सीट से सांसद चुना गया। वर्ष 1998 व 1999 में भी बस्ती से सांसद चुने गए। वर्ष 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में श्रीराम चौहान को खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों का राज्य मंत्री बनाया गया। वर्ष 2004 में लोकसभा चुनाव में बस्ती सीट से चुनाव हारने के कारण वर्ष 2009 में पार्टी ने टिकट नहीं दिया। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में सिद्धार्थनगर जिले के कपिलवस्तु सीट से चुनाव लड़े और हार गए। वर्ष 2017 में धनघटा सीट से भाजपा ने फिर श्रीराम चौहान को अवसर दिया और इस बार मतदाताओं ने भी उन पर फिर भरोसा जताते हुए तीसरी बार विधानसभा में भेजा।
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लंबे समय से चल रही थी अटकलें
श्रीराम चौहान की वरिष्ठता को देखते हुए योगी सरकार के गठन के वक्त से ही इनके मंत्री मंडल में शामिल होने की चर्चा थी। पार्टी के प्रति समर्पण और जातीय समीकरण भी इनके पक्ष में था। परंतु उस वक्त सरकार में जगह नहीं मिल सकी थी। लोकसभा चुनाव से पहले जिले में तेज हुई गुटबाजी के बावजूद श्रीराम चौहान को पार्टी के सभी धड़ों का समान विश्वास हासिल था। लोकसभा चुनाव में भी उनकी सक्रियता बनी रही। अब जब श्रीराम चौहान को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की खबर आई तो कार्यकर्ता खुशी से चहक उठे।
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लोगों में जगी विकास की उम्मीद
श्रीराम चौहान के मंत्री बनने से जिले के लोगों में विकास की नई उम्मीद जगी है। महेंद्र नाथ राय, ओमप्रकाश, पीयूष शुक्ला, रामजी यादव, अनिरुद्घ शुक्ला, रामशरीफ यादव, कपिल कन्नौजिया आदि का कहना है कि यह जिला इस सरकार में उपेक्षित हो गया था। श्रीराम चौहान के मंत्री बनने से जिले की ठप पड़ी विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी। लंबे समय से राजनीति में सक्रिय श्रीराम चौहान को जिले की समस्याओं की जानकारी है। मुखलिसपुर बस स्टेशन, धनघटा-खलीलाबाद-मेंहदावल मार्ग को फोरलेन बनाने, खलीलाबाद में नई चीनी मिल लगवाने, मगहर की कताई मिल को चालू कराने जैसे कार्यों को लेकर श्रीराम चौहान सक्रिय रहे हैं। इस बार मंत्री बन रहे हैं तो संभव है कि इस दिशा में सार्थक प्रयास हो।
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