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Sant Kabir Nagar News: तेज रफ्तार करा रही हादसे... 80% युवा शिकार
Wed, 04 Dec 2024 11:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 04 Dec 2024 11:46 AM IST
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संतकबीरनगर। दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट न पहनना और पहले पहुंचने की जल्दबाजी युवाओं के मौत के सबसे बड़ा कारण बन रहे हैं। यह हम नहीं बल्कि नवंबर माह में यातायात माह के जारी आंकड़ें बता रहे हैं। यातायात माह में कुल 23 सड़क हादसे हुए, जिनमें 14 लोगों की मौत हो गई और 17 घायल हुए हैं, इनमें 80 प्रतिशत युवा हैं, जिनकी मौत सिर में लगे चोट की वजह से होना और वाहन चलाने के दौरान हेलमेट नहीं पहनना पाया गया।
यातायात माह एक से 30 नवंबर तक नियमों की जागरूकता एवं सख्ती का माना जाता है। स्कूल, चौराहे और सार्वजनिक स्थान पर रैली, नुक्कड़ नाटक आदि माध्यम से लोगों को यातायात नियम का पाठ पढ़ाया जाता है, जिनके लिए यह प्रयास हो रहा है वह भी नियमों में प्रति सचेत होने को तैयार नहीं दिखाई दे रहे हैं। इसके कारण सड़क हादसे हो रहे हैं।
इस साल नवंबर में यातायात माह में 23 सड़क हादसा रिकॉर्ड किया गया। इनमें 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 लोग घायल होकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होकर खून पसीने व मेहनत की कमाई इलाज में खर्च कर परिजनों को आर्थिक चोट पहुंचाए। मरने वालों में 80 फीसदी युवा व किशोर पाए गए। ज्यादातर लोग बिना हेलमेट के वाहन चलाने के दौरान हादसे के शिकार हुए, जबकि यातायात माह में 5260 वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई।
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इनमें से बिना हेलमेट के 2615 लोगों को पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए जुर्माना भरवाया गया। हादसे में मरने वालों में आठ से 11 लोगों ने हेलमेट नहीं लगाया था। ये हेलमेट लगाए होते तो इनकी जान बच सकती थी। प्रशासनिक अधिकारी सड़क हादसा को कम करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इसके बाद भी इसमें कमी नहीं आ रही है, जो आंकड़ें खुद बयां कर रहे हैं।म
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यातायात माह एक से 30 नवंबर तक नियमों की जागरूकता एवं सख्ती का माना जाता है। स्कूल, चौराहे और सार्वजनिक स्थान पर रैली, नुक्कड़ नाटक आदि माध्यम से लोगों को यातायात नियम का पाठ पढ़ाया जाता है, जिनके लिए यह प्रयास हो रहा है वह भी नियमों में प्रति सचेत होने को तैयार नहीं दिखाई दे रहे हैं। इसके कारण सड़क हादसे हो रहे हैं।
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इस साल नवंबर में यातायात माह में 23 सड़क हादसा रिकॉर्ड किया गया। इनमें 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 लोग घायल होकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होकर खून पसीने व मेहनत की कमाई इलाज में खर्च कर परिजनों को आर्थिक चोट पहुंचाए। मरने वालों में 80 फीसदी युवा व किशोर पाए गए। ज्यादातर लोग बिना हेलमेट के वाहन चलाने के दौरान हादसे के शिकार हुए, जबकि यातायात माह में 5260 वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई।
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इनमें से बिना हेलमेट के 2615 लोगों को पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए जुर्माना भरवाया गया। हादसे में मरने वालों में आठ से 11 लोगों ने हेलमेट नहीं लगाया था। ये हेलमेट लगाए होते तो इनकी जान बच सकती थी। प्रशासनिक अधिकारी सड़क हादसा को कम करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इसके बाद भी इसमें कमी नहीं आ रही है, जो आंकड़ें खुद बयां कर रहे हैं।म