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27 साल पहले पिता ने बेची जमीन, फिर बेटे ने दोबारा किया बैनामा
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27 साल पहले पिता ने बेची जमीन, फिर बेटे ने दोबारा किया बैनामा
- कोर्ट के आदेश पर 11 लोगों पर जालसाजी और जानमाल की धमकी का केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
बखिरा। पिता के जरिए बेची गई जमीन को 27 साल बाद बेटे ने कुछ लोगों की मिलीभगत से दुबारा बैनामा कर दिया। इतना ही नहीं पीड़ित की रकम भी नहीं लौटाई। पीड़ित ने पहले कार्रवाई के लिए थाने से लेकर एसपी तक गुहार लगाई, लेकिन जब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो कोर्ट की शरण लिया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ जालसाजी, अपशब्द कहने और जानमाल की धमकी का केस दर्ज किया।
नंदौर निवासी दिनेश कुमार पुत्र भुलाई का आरोप है कि उसने खरवनिया निवासी इसरार व उसकी मां सबरुन्निशा से सोनोरा गांव में स्थित भूमि को 10 लाख में उप निबंधक कार्यालय में अपनी पत्नी रीमा के नाम से 29 नवंबर 2018 को रजिस्ट्री कराया था। बाद में कुछ लोगों ने खुद को जमीन का रोकर बताते हुए इसरार के साथ मिलकर मिलीभगत करते हुए उक्त जमीन को 2677500 रुपये में बिक्री करने के रेट को दुबारा तय किया। जमीन की उसे बहुत ही जरूरत थी। मजबूरन उसने दुबारा रकम को तय करना मंजूर किया। दुबारा तय हुई रकम को उसने नंदौर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर दे दिया था। इसी बीच 18 अगस्त 2019 को उसे मालूम चला कि उसके द्वारा खरीदी गई जमीन को बिक्री करने वाले इसरार के पिता शौकत ने बखिरा क्षेत्र के गौरा निवासी गुलाम रसूल व मोहम्मद अहमद फैजुल्लाह को 21000 रुपये में 12 सितंबर 1991 को बिक्री किया था। यह जानने के बाद उसके पैर के नीचे जमीन खिसक गई। रकम वापसी व रजिस्ट्री निरस्त कराने के लिए उसने बिक्री करने वालों से संपर्क किया तो उसे अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय उसे चार दिनों तक लगातार दौड़ाते रहे। मजबूरन उसने कोर्ट की शरण लेनी पडी। एसओ रवींद्र कुमार गौतम ने बताया कि इस मामले में खरवनिया निवासी इसरार व सबरुन्निशान, कडजहर निवासी हाजीअब्दुल अली, सोनौरा निवासी मो हनीफ, मो अजीज, मजीद अहमद, सफीकुर्रह्मान, सैय्यद अली, आयशा खातून, मंझरिया निवासी पुनीत व पडरिया निवासी बेचन के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
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- कोर्ट के आदेश पर 11 लोगों पर जालसाजी और जानमाल की धमकी का केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
बखिरा। पिता के जरिए बेची गई जमीन को 27 साल बाद बेटे ने कुछ लोगों की मिलीभगत से दुबारा बैनामा कर दिया। इतना ही नहीं पीड़ित की रकम भी नहीं लौटाई। पीड़ित ने पहले कार्रवाई के लिए थाने से लेकर एसपी तक गुहार लगाई, लेकिन जब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो कोर्ट की शरण लिया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ जालसाजी, अपशब्द कहने और जानमाल की धमकी का केस दर्ज किया।
नंदौर निवासी दिनेश कुमार पुत्र भुलाई का आरोप है कि उसने खरवनिया निवासी इसरार व उसकी मां सबरुन्निशा से सोनोरा गांव में स्थित भूमि को 10 लाख में उप निबंधक कार्यालय में अपनी पत्नी रीमा के नाम से 29 नवंबर 2018 को रजिस्ट्री कराया था। बाद में कुछ लोगों ने खुद को जमीन का रोकर बताते हुए इसरार के साथ मिलकर मिलीभगत करते हुए उक्त जमीन को 2677500 रुपये में बिक्री करने के रेट को दुबारा तय किया। जमीन की उसे बहुत ही जरूरत थी। मजबूरन उसने दुबारा रकम को तय करना मंजूर किया। दुबारा तय हुई रकम को उसने नंदौर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर दे दिया था। इसी बीच 18 अगस्त 2019 को उसे मालूम चला कि उसके द्वारा खरीदी गई जमीन को बिक्री करने वाले इसरार के पिता शौकत ने बखिरा क्षेत्र के गौरा निवासी गुलाम रसूल व मोहम्मद अहमद फैजुल्लाह को 21000 रुपये में 12 सितंबर 1991 को बिक्री किया था। यह जानने के बाद उसके पैर के नीचे जमीन खिसक गई। रकम वापसी व रजिस्ट्री निरस्त कराने के लिए उसने बिक्री करने वालों से संपर्क किया तो उसे अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय उसे चार दिनों तक लगातार दौड़ाते रहे। मजबूरन उसने कोर्ट की शरण लेनी पडी। एसओ रवींद्र कुमार गौतम ने बताया कि इस मामले में खरवनिया निवासी इसरार व सबरुन्निशान, कडजहर निवासी हाजीअब्दुल अली, सोनौरा निवासी मो हनीफ, मो अजीज, मजीद अहमद, सफीकुर्रह्मान, सैय्यद अली, आयशा खातून, मंझरिया निवासी पुनीत व पडरिया निवासी बेचन के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
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