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Sant Kabir Nagar News: हुनर ने दिखाई तरक्की की राह, नौकर से बन गए मालिक
Sun, 26 Feb 2023 07:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर।
Updated Sun, 26 Feb 2023 07:35 AM IST
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अर्जुन चौधरी
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हुनर के साथ मेहनत की जाए जो तरक्की की राह आसान हो जाती है। ऐसा ही धनघटा क्षेत्र के कृपालपुर के रहने वाले अर्जुन चौधरी ने कर दिखाया है। पहले वह मुखलिसपुर में होजरी व्यवसायी के यहां मजदूरी करते थे। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना से दस लाख रुपये ऋण लेकर कोट बनाने का कारोबार शुरू किया। साथ में होजरी का काम कर रहे हैं। उन्हें सालाना छह लाख रुपये की आमदनी हो रही है। वह युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
धनघटा क्षेत्र के कृपालपुर निवासी 38 वर्षीय अर्जुन चौधरी पुत्र झिनकू चौधरी कक्षा आठवीं पास हैं। वह दो भाइयों में छोटे हैं। उनके पास पांच बीघे जमीन है। घर की माली हालत ठीक नहीं होने से पहले परेशान रहते थे। उनके पास 11 वर्षीय बेटा मनीष है, जो इंटरमीडिएट की परीक्षा दे रहा है। दूसरे नंबर की 12 वर्षीय बेटी रोशनी है। वह कक्षा सातवीं में है।पत्नी मंजू देगी गृहिणी हैं।
होजरी में काम करते-करते लोवर, टोपी, स्वेटर आदि बनाने का हुनर सीख लिया। करीब तीन वर्ष तक मजदूरी करने के बाद एक लाख रुपये की व्यवस्था कर होजरी का काम शुरू किया। तैयार कपड़ों को सप्ताह में दो दिन बरदहिया बाजार में लाकर बेचने लगे। इससे व्यापार की समझ बढ़ी और कुछ अलग करने की सोचने लगे।
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अर्जुन चौधरी बताते हैं कि दुकानों पर कोट देखा तो लगा क्यों ने इसका काम शुरू करें। इस कारोबार को करने के लिए धन की कमी आड़े आई तो उन्हें कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री रोजगार योजना से ऋण लेने की सलाह दी। वर्ष 2020 में उपायुक्त उद्योग कार्यालय से संपर्क किया और फिर ऋण के लिए आवेदन कर दिया और ऋण मिल गया। उसी रकम से वह कोट बनाने की फोल्डिंग मशीन, ओवर लॉक, सिलने वाली जुग्गी मशीन, कोट को पेस्ट करने के लिए प्रेस आदि खरीदा।
मशीन आदि लगाने में करीब छह लाख रुपये खर्च हो गए। करीब चार लाख रुपये से कोट बनाने के लिए कपड़े की खरीदारी की। घर से ही वह कोट बनाने लगे। क्षेत्र के शिवपार के रहने वाले राकेश पहले लुधियाना में कोट बनाते थे। अब वह उनके साथ काम करते हैं। एक दिन में दो कोट तैयार करते हैं। प्रति वर्ष उन्हें करीब छह लाख की आमदनी हो जाती है।
18 फरवरी को कलेक्ट्रेट में उन्होंने कोट की प्रदर्शन लगाई थी। स्टॉल पर पहुंच कर प्रभारी मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, सांसद प्रवीण निषाद, मेंहदावल के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी, धनघटा के विधायक गणेशचंद्र चौहान, सदर विधायक अंकुर राज तिवारी व स्थानांतरित डीएम प्रेम रंजन सिंह ने देखा और हौंसला बढ़ाया था।
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धनघटा क्षेत्र के कृपालपुर निवासी 38 वर्षीय अर्जुन चौधरी पुत्र झिनकू चौधरी कक्षा आठवीं पास हैं। वह दो भाइयों में छोटे हैं। उनके पास पांच बीघे जमीन है। घर की माली हालत ठीक नहीं होने से पहले परेशान रहते थे। उनके पास 11 वर्षीय बेटा मनीष है, जो इंटरमीडिएट की परीक्षा दे रहा है। दूसरे नंबर की 12 वर्षीय बेटी रोशनी है। वह कक्षा सातवीं में है।पत्नी मंजू देगी गृहिणी हैं।
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होजरी में काम करते-करते लोवर, टोपी, स्वेटर आदि बनाने का हुनर सीख लिया। करीब तीन वर्ष तक मजदूरी करने के बाद एक लाख रुपये की व्यवस्था कर होजरी का काम शुरू किया। तैयार कपड़ों को सप्ताह में दो दिन बरदहिया बाजार में लाकर बेचने लगे। इससे व्यापार की समझ बढ़ी और कुछ अलग करने की सोचने लगे।
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अर्जुन चौधरी बताते हैं कि दुकानों पर कोट देखा तो लगा क्यों ने इसका काम शुरू करें। इस कारोबार को करने के लिए धन की कमी आड़े आई तो उन्हें कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री रोजगार योजना से ऋण लेने की सलाह दी। वर्ष 2020 में उपायुक्त उद्योग कार्यालय से संपर्क किया और फिर ऋण के लिए आवेदन कर दिया और ऋण मिल गया। उसी रकम से वह कोट बनाने की फोल्डिंग मशीन, ओवर लॉक, सिलने वाली जुग्गी मशीन, कोट को पेस्ट करने के लिए प्रेस आदि खरीदा।
मशीन आदि लगाने में करीब छह लाख रुपये खर्च हो गए। करीब चार लाख रुपये से कोट बनाने के लिए कपड़े की खरीदारी की। घर से ही वह कोट बनाने लगे। क्षेत्र के शिवपार के रहने वाले राकेश पहले लुधियाना में कोट बनाते थे। अब वह उनके साथ काम करते हैं। एक दिन में दो कोट तैयार करते हैं। प्रति वर्ष उन्हें करीब छह लाख की आमदनी हो जाती है।
18 फरवरी को कलेक्ट्रेट में उन्होंने कोट की प्रदर्शन लगाई थी। स्टॉल पर पहुंच कर प्रभारी मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, सांसद प्रवीण निषाद, मेंहदावल के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी, धनघटा के विधायक गणेशचंद्र चौहान, सदर विधायक अंकुर राज तिवारी व स्थानांतरित डीएम प्रेम रंजन सिंह ने देखा और हौंसला बढ़ाया था।