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Sant Kabir Nagar News: दुकान नगर पालिका की, मानचित्र स्वीकृत कर दिया निजी व्यक्ति के नाम
Thu, 31 Aug 2023 01:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 31 Aug 2023 01:10 AM IST
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शहर के मड़या मोहल्ले में पूर्व के नगरपालिका अध्यक्ष के द्वारा बनवाया गया भवन। संवाद
-तत्कालीन नियत प्राधिकारी ने बिना नक्शा के बनवाई गई दस दुकानों के संबंध में ईओ को दिया था नोटिस
- विनियमित क्षेत्र कार्यालय ने तथ्य छिपाकर गलत ढंग से स्वीकृत कर दिया नक्शा
- वर्ष 20022 से ठंडे बस्ते में पड़ा है प्रकरण
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। विनियमित क्षेत्र कार्यालय का एक नया कारनामा सामने आया है। नगर पालिका परिषद खलीलाबाद की ओर से शहर में बनवाई गई दस दुकानों का मानचित्र महिला के नाम स्वीकृत कर दिया गया। यह धांधली तब हुई, जब तत्कालीन नियत प्राधिकारी ने ईओ नगर पालिका को बिना नक्शा के अवैध ढंग से दुकानों का निर्माण कराए जाने के संबंध में नोटिस दिया था।
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद ने वर्ष 2022 में शहर के मड़या रोड अचकवापुर में दस दुकानों का निर्माण कराया था। विनियमित क्षेत्र मगहर-खलीलाबाद के तत्कालीन नियत प्राधिकारी नवीन श्रीवास्तव ने चार मई 2022 को ईओ नगर पालिका को बिना नक्शा के अवैधानिक तरीके से दुकानों का निर्माण कराने के संबंध में नोटिस जारी किया था। दस मई 2022 को ईओ नगर पालिका को नोटिस प्राप्त कराया गया था। इसमें 12 मई 2022 को नगर पालिका के ईओ को नियत प्राधिकारी कोर्ट में उपस्थित होना था। इस पत्रावली के रख-रखाव की जिम्मेदारी विनियमित क्षेत्र कार्यालय की थी।
विनियमित क्षेत्र कार्यालय के रिकॉर्ड के मुताबिक, कार्यालय के तत्कालीन लिपिक ने पूर्व में जारी नोटिस को छिपा लिया। नौ फरवरी 2022 को तत्कालीन नियत प्राधिकारी ने नगर पालिका के जरिए बनवाई गई दसों दुकानों का मानचित्र मड़या निवासी एक महिला के नाम स्वीकृत कर दिया। यही नहीं, महिला को मालिकाना हक भी दिला दिया। इसमें तत्कालीन नियत प्राधिकारी के नोटिस को भी छिपा लिया गया और पूरे प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
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इस संबंध में विनियमित क्षेत्र कार्यालय के वर्तमान जेई चंद्र प्रकाश चौधरी ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। इसकी पत्रावली नियत प्राधिकारी कोर्ट में फिर से प्रस्तुत की जाएगी, जिससे अग्रिम कार्रवाई हो सके। संवाद
इंसेट
पूर्व चेयरमैन ने निदेशक स्थानीय निकाय को लिखा था पत्र
पूर्व चेयरमैन श्याम सुंदर वर्मा ने 14 मई 2022 को निदेशक स्थानीय निकाय निदेशालय लखनऊ को पत्र भेजा था। उसमें कहा था कि नगर सीमा क्षेत्र में नगर पालिका बोर्ड से स्वीकृत प्रस्ताव पर आय के स्रोत बढ़ाने के लिए दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। विनियमित क्षेत्र मगहर-खलीलाबाद के कार्यालय से नगर पालिका परिषद खलीलाबाद को नोटिस जारी किया गया है। उसमें भवन मानचित्र स्वीकृत कराए जाने के लिए कहा गया है। जबकि सरकारी धन से सरकारी जमीन में दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। निदेशालय से मार्ग दर्शन मांगा कि क्या सरकारी निर्माण कार्य के लिए भवन मानचित्र स्वीकृत कराया जाना आवश्यक है।
इंसेट
प्रकरण पुराना है और संज्ञान में नहीं है। इसकी जानकारी जुटाएंगे। यदि नगर पालिका की दुकानों का नक्शा प्राइवेट व्यक्ति के नाम स्वीकृत हुआ है तो गलत है। इसकी खुद भी जांच करेंगे। नियत प्राधिकारी कोर्ट में प्रभावी पैरवी करके गलत ढंग से स्वीकृत नक्शा को अस्वीकृत कराएंगे। इसमें जो लोग दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई कराएंगे। -विनय मिश्रा, ईओ नगर पालिका खलीलाबाद
इंसेट
नगर पालिका की दुकानों का मानचित्र प्राइवेट व्यक्ति के नाम पास नहीं हो सकता है। यदि ऐसा हुआ है तो गलत है। टीम गठित करके प्रकरण की जांच कराएंगे। जांच में जो भी लोग दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई कराएंगे। -संदीप कुमार, डीएम
इंसेट
विनियमित क्षेत्र कार्यालय के जेई चंद्र प्रकाश चौधरी से पत्रावली का अवलोकन किया है। इसमें पूर्व नियत प्राधिकारी की ओर से नगर पालिका के ईओ को नोटिस भी जारी हुआ है। वाद नियत प्राधिकारी कोर्ट में लंबित है। इसके बावजूद, नगर पालिका की दुकानों का नक्शा महिला के नाम पास किया जाना सरासर गलत है। कोर्ट में सुनवाई करके गलत ढंग से पास नक्शा को निरस्त करेंगे। इस पूरे प्रकरण की जांच कराएंगे। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई कराएंगे। -शैलेश दूबे, एसडीएम सदर एवं नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र मगहर- खलीलाबाद
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- विनियमित क्षेत्र कार्यालय ने तथ्य छिपाकर गलत ढंग से स्वीकृत कर दिया नक्शा
- वर्ष 20022 से ठंडे बस्ते में पड़ा है प्रकरण
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। विनियमित क्षेत्र कार्यालय का एक नया कारनामा सामने आया है। नगर पालिका परिषद खलीलाबाद की ओर से शहर में बनवाई गई दस दुकानों का मानचित्र महिला के नाम स्वीकृत कर दिया गया। यह धांधली तब हुई, जब तत्कालीन नियत प्राधिकारी ने ईओ नगर पालिका को बिना नक्शा के अवैध ढंग से दुकानों का निर्माण कराए जाने के संबंध में नोटिस दिया था।
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद ने वर्ष 2022 में शहर के मड़या रोड अचकवापुर में दस दुकानों का निर्माण कराया था। विनियमित क्षेत्र मगहर-खलीलाबाद के तत्कालीन नियत प्राधिकारी नवीन श्रीवास्तव ने चार मई 2022 को ईओ नगर पालिका को बिना नक्शा के अवैधानिक तरीके से दुकानों का निर्माण कराने के संबंध में नोटिस जारी किया था। दस मई 2022 को ईओ नगर पालिका को नोटिस प्राप्त कराया गया था। इसमें 12 मई 2022 को नगर पालिका के ईओ को नियत प्राधिकारी कोर्ट में उपस्थित होना था। इस पत्रावली के रख-रखाव की जिम्मेदारी विनियमित क्षेत्र कार्यालय की थी।
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विनियमित क्षेत्र कार्यालय के रिकॉर्ड के मुताबिक, कार्यालय के तत्कालीन लिपिक ने पूर्व में जारी नोटिस को छिपा लिया। नौ फरवरी 2022 को तत्कालीन नियत प्राधिकारी ने नगर पालिका के जरिए बनवाई गई दसों दुकानों का मानचित्र मड़या निवासी एक महिला के नाम स्वीकृत कर दिया। यही नहीं, महिला को मालिकाना हक भी दिला दिया। इसमें तत्कालीन नियत प्राधिकारी के नोटिस को भी छिपा लिया गया और पूरे प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
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इस संबंध में विनियमित क्षेत्र कार्यालय के वर्तमान जेई चंद्र प्रकाश चौधरी ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। इसकी पत्रावली नियत प्राधिकारी कोर्ट में फिर से प्रस्तुत की जाएगी, जिससे अग्रिम कार्रवाई हो सके। संवाद
इंसेट
पूर्व चेयरमैन ने निदेशक स्थानीय निकाय को लिखा था पत्र
पूर्व चेयरमैन श्याम सुंदर वर्मा ने 14 मई 2022 को निदेशक स्थानीय निकाय निदेशालय लखनऊ को पत्र भेजा था। उसमें कहा था कि नगर सीमा क्षेत्र में नगर पालिका बोर्ड से स्वीकृत प्रस्ताव पर आय के स्रोत बढ़ाने के लिए दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। विनियमित क्षेत्र मगहर-खलीलाबाद के कार्यालय से नगर पालिका परिषद खलीलाबाद को नोटिस जारी किया गया है। उसमें भवन मानचित्र स्वीकृत कराए जाने के लिए कहा गया है। जबकि सरकारी धन से सरकारी जमीन में दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। निदेशालय से मार्ग दर्शन मांगा कि क्या सरकारी निर्माण कार्य के लिए भवन मानचित्र स्वीकृत कराया जाना आवश्यक है।
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प्रकरण पुराना है और संज्ञान में नहीं है। इसकी जानकारी जुटाएंगे। यदि नगर पालिका की दुकानों का नक्शा प्राइवेट व्यक्ति के नाम स्वीकृत हुआ है तो गलत है। इसकी खुद भी जांच करेंगे। नियत प्राधिकारी कोर्ट में प्रभावी पैरवी करके गलत ढंग से स्वीकृत नक्शा को अस्वीकृत कराएंगे। इसमें जो लोग दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई कराएंगे। -विनय मिश्रा, ईओ नगर पालिका खलीलाबाद
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नगर पालिका की दुकानों का मानचित्र प्राइवेट व्यक्ति के नाम पास नहीं हो सकता है। यदि ऐसा हुआ है तो गलत है। टीम गठित करके प्रकरण की जांच कराएंगे। जांच में जो भी लोग दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई कराएंगे। -संदीप कुमार, डीएम
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विनियमित क्षेत्र कार्यालय के जेई चंद्र प्रकाश चौधरी से पत्रावली का अवलोकन किया है। इसमें पूर्व नियत प्राधिकारी की ओर से नगर पालिका के ईओ को नोटिस भी जारी हुआ है। वाद नियत प्राधिकारी कोर्ट में लंबित है। इसके बावजूद, नगर पालिका की दुकानों का नक्शा महिला के नाम पास किया जाना सरासर गलत है। कोर्ट में सुनवाई करके गलत ढंग से पास नक्शा को निरस्त करेंगे। इस पूरे प्रकरण की जांच कराएंगे। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई कराएंगे। -शैलेश दूबे, एसडीएम सदर एवं नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र मगहर- खलीलाबाद