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सात अपात्रों को दे दिए लोहिया आवास
शोभित कुमार पांडेय/ संतकबीरनगर
Updated Mon, 08 Aug 2016 11:59 PM IST
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लाेहिया अावास
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट लोहिया आवास भी मानकों की अनदेखी हो रही है। हाल यह है कि नौकरी करने वाले, खेतिहर, चार पहिया वाहन वालों को भी ये आवास दे दिए गए। बेलहर ब्लॉक की ग्राम पंचायत गंगौरा के समग्र गांव चिरैहा में जांच में कई ऐसे मामले सामने आए। अब विभाग कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है।
चिरैहा गांव के कुछ लोगों ने सीडीओ को प्रार्थना पत्र देकर अपात्रों को लोहिया आवास आवंटित करने की शिकायत की थी। अपर सांख्यिकी अधिकारी सतीश चंद्र आजाद ने18 जून 2016 को मौके पर पहुंचकर जांच की। इसमें पाया कि लाभार्थी गायत्री देवी पत्नी हीरालाल के पास के दो कमरे का बरामदा युक्त मकान है। इसके अलावा मैजिक भी है।
बेलवासेंगर चौराहे पर भी दो कमरे का मकान है। जहां खुद का व्यवसाय है। विंद्रावती पत्नी पनधारी के पास दो दो कमरे का पक्का मकान एवं खपरैल का मकान पहले से है। इनके पास तीन बीघे खेती है। सुनीता पत्नी रामनरेश के पास बरामदा युक्त दो कमरे का पक्का मकान है। इसके अलावा इनके घर वालों ने साढे़ तीन बीघे भूमि होना बताया है।
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सोनमती पत्नी पण्डोही वर्तमान में विकास खंड सेमरियावां के दुधारा गांव में नेवासे पर रह रहे हैं। यहां इनकी कृषि योग्य भूमि एक बीघा है। शांति पत्नी बदलू के पास गांव में एक कमरा बरामदा पक्का मकान है। गुड़िया पत्नी हरीश के पास दो कमरा पक्का मकान है। जिसका प्लास्टर नहीं हुआ है। प्रानपति पत्नी रामसेवक का इस गांव में नेवासे की कुछ जमीन है और घर का अवशेष मात्र है। यह मूलरूप से सुरुवार गांव में रहते हैं, जो बस्ती जिले में है। यह प्राथमिक शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए है। इन्हें पेंशन भी मिल रही है।
जांच में सातों लाभार्थी अपात्र मिले। 24 जून को जांच अधिकारी ने जांच रिपोर्ट सीडीओ को प्रेषित कर दी थी। सीडीओ लालजी यादव ने बताया कि जांच से स्पष्ट है कि चिरैया में कुल सात अपात्र लाभार्थियों को अनियमित रूप से लोहिया आवास का चयन करके शासकीय धनराशि की क्षति पहुंचाई गई है। पीडी को निर्देश दिया है कि अपात्र लाभार्थियों के खाते से धनराशि के आहरण पर रोक लगे।
आहरण कर लिया गया है तो रिकवरी कराई जाए। पीडी अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि अभी तक कोई निर्देश पत्र नहीं मिला है। वैसे चिरैया वर्ष 2015-16 का चयनित समग्र गांव है। यहां यदि अपात्रों को लोहिया आवास दिया गया है तो रिकवरी के साथ जिम्मेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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चिरैहा गांव के कुछ लोगों ने सीडीओ को प्रार्थना पत्र देकर अपात्रों को लोहिया आवास आवंटित करने की शिकायत की थी। अपर सांख्यिकी अधिकारी सतीश चंद्र आजाद ने18 जून 2016 को मौके पर पहुंचकर जांच की। इसमें पाया कि लाभार्थी गायत्री देवी पत्नी हीरालाल के पास के दो कमरे का बरामदा युक्त मकान है। इसके अलावा मैजिक भी है।
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बेलवासेंगर चौराहे पर भी दो कमरे का मकान है। जहां खुद का व्यवसाय है। विंद्रावती पत्नी पनधारी के पास दो दो कमरे का पक्का मकान एवं खपरैल का मकान पहले से है। इनके पास तीन बीघे खेती है। सुनीता पत्नी रामनरेश के पास बरामदा युक्त दो कमरे का पक्का मकान है। इसके अलावा इनके घर वालों ने साढे़ तीन बीघे भूमि होना बताया है।
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सोनमती पत्नी पण्डोही वर्तमान में विकास खंड सेमरियावां के दुधारा गांव में नेवासे पर रह रहे हैं। यहां इनकी कृषि योग्य भूमि एक बीघा है। शांति पत्नी बदलू के पास गांव में एक कमरा बरामदा पक्का मकान है। गुड़िया पत्नी हरीश के पास दो कमरा पक्का मकान है। जिसका प्लास्टर नहीं हुआ है। प्रानपति पत्नी रामसेवक का इस गांव में नेवासे की कुछ जमीन है और घर का अवशेष मात्र है। यह मूलरूप से सुरुवार गांव में रहते हैं, जो बस्ती जिले में है। यह प्राथमिक शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए है। इन्हें पेंशन भी मिल रही है।
जांच में सातों लाभार्थी अपात्र मिले। 24 जून को जांच अधिकारी ने जांच रिपोर्ट सीडीओ को प्रेषित कर दी थी। सीडीओ लालजी यादव ने बताया कि जांच से स्पष्ट है कि चिरैया में कुल सात अपात्र लाभार्थियों को अनियमित रूप से लोहिया आवास का चयन करके शासकीय धनराशि की क्षति पहुंचाई गई है। पीडी को निर्देश दिया है कि अपात्र लाभार्थियों के खाते से धनराशि के आहरण पर रोक लगे।
आहरण कर लिया गया है तो रिकवरी कराई जाए। पीडी अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि अभी तक कोई निर्देश पत्र नहीं मिला है। वैसे चिरैया वर्ष 2015-16 का चयनित समग्र गांव है। यहां यदि अपात्रों को लोहिया आवास दिया गया है तो रिकवरी के साथ जिम्मेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।