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Sant Kabir Nagar News: पेट्रोल-डीजल के लिए मारामारी...पंपों पर सुबह चार बजे से ही लग रही लाइन
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खटियांवा पेट्रोल पंप पर सुबह सात बजे ही लोग पहुंच गए। संवाद
संतकबीरनगर। जिले पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को शहर में तो काफी हद तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन ग्रामीण इलाकों में दिक्कत बनी रही। महुली में सुबह चार बजे से ही लोग लाइन में लग गए थे। इसमें अधिकतर लोग गैलन लेकर खड़े थे। हालांकि गैलन में तेल पर विभाग ने रोक लगा दी है, वहीं विभाग ने तेल कंपनियों को डीजल-पेट्रोल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
महुली संवाद के अनुसार क्षेत्र में सात पेट्रोल पंप हैं, जिसमें से दो पर ही डीजल, पेट्रोल उपलब्ध है। इस कारण सुबह चार बजे से ही लोगों ने पेट्रोल पंपों पर लाइन लगानी शुरू कर दी। अधिकतर लोग गैलन लेकर पहुंचे थे। उसमें जरूरत से ज्यादा तेल लेकर स्टाॅक करने की कोशिश की जा रही है।
क्षेत्र में पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर लोग सुबह से शाम तक पेट्रोल पंपों का चक्कर काट रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि क्षेत्र में तरह-तरह की अफवाह के कारण लोग तेल लेकर रख रहे हैं। अब आगे खेती का समय भी करीब है। गेहूं की कटाई और मड़ाई भी शुरू हो गई, जिसमें डीजल की अधिक आवश्यकता पड़ेगी, इन्हीं अफवाहों की वजह से गेहूं की कटाई का भी रेट कहीं-कहीं बढ़ा दिया गया है।
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तिघरा संवाद के अनुसार इलाके के पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखने को मिल रही है। विकासखंड बघौली के हवपुर भंडारी पेट्रोल पंप पर दो दिन से डीजल-पेट्रोल नहीं है। पेट्रोल पंप पर सूचना चस्पा की गई है। किसान व वाहन स्वामी पंप पर आ रहे हैं और बिना पेट्रोल-डीजल के वापस चले जा रहे हैं।
किसानों ने बताया कि सरसों की फसल तैयार है। उसे काटकर घर ले आने और फिर मड़ाई के लिए डीजल की आवश्यकता है, लेकिन डीजल मिल नहीं रहा है। जिले में जहां डीजल की उपलब्धता भी है, वहां केन या ड्रम में मिल नहीं रहा है।
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तेल डंप करने से भी बढ़ी परेशानी
डीजल-पेट्रोल की किल्लत के बीच लोगों ने तेल डंप करना शुरू कर दिया है। यह सिलसिला कई दिनों से जारी है। कुछ जगहों पर ईंट-भट्ठा मालिकों, अस्पताल संचालकों और ट्रेलर मालिकों ने डीजल डंप किया है। इसके अलावा गैलन में भी डीजल व पेट्रोल खरीद कर लोग रख रहे हैं।
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रोसयाबाजार में तेल के अभाव में एक पेट्रोल पंप बंद
रोसयाबाजार। क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर भीड़ खत्म नहीं हो रही है। हालांकि पौली में स्थित खर्चा गांव के पेट्रोल पंप पर दोपहर बाद तेल मिलना शुरू हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं दूल्हापार में स्थित सत्य साईं पेट्रोल पंप तेल के अभाव में बंद है, जबकि कृषक पेट्रोल पंप दुल्हापार पर सुबह लोग तेल के लिए लंबी-लंबी लाइन लगाकर खड़े थे। सुबह 10:00 बजे तक तेल मिलता रहा। लोग आगे की सोचकर अभी से ही बड़े-बड़े डिब्बों में तेल को अपने घरों पर रख ले रहे हैं। इस कारण भी पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइन देखने को मिल रही है।
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धनघटा में दो घंटे में समाप्त हो गया 10 हजार लीटर डीजल
- गेहूं की कटाई के लिए किसान गैलन में ले रहे तेल
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। डीजल-पेट्रोल के संकट के बीच गेहूं की कटाई, मड़ाई सामने है। ऐसे में किसान अपनी फसल को घर लाने की जुगत में जुट गए हैं। इसका नतीजा है कि किसान डीजल लेकर रखने के लिए रात भर पंपों का चक्कर लगा रहे हैं। एक पेट्रोल पंप पर बृहस्पतिवार की रात करीब 8:00 बजे डीजल आया और 10:00 बजते-बजते 10,000 लीटर डीजल समाप्त हो गया। छाए बादल और शाॅर्ट सर्किट को देखते हुए किसान अपनी उपज जल्द से जल्द घर पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी बीच डीजल का संकट खड़ा हो गया तो फसल की कटाई करना किसानों के लिए चुनौती हो गई है।
कंबाइन चालक और भूसा बनाने वाले किसानों से कह रहे हैं कि डीजल लाकर दीजिए तभी कटाई हो पाएगी। ऐसे में किसान हाथ में जार लेकर डीजल की तलाश में निकल जाते हैं। शुक्रवार को पेट्रोल पंप रुपिन, धनघटा, मलौली आदि पंपों पर डीजल उपलब्ध था तो किसानों की लंबी कतार भी लगी रही। किसान रामसूरत, राजाराम, रघुवर, दीनदयाल, सरजू आदि का कहना था कि पिछले वर्षों कंबाइन चालक अपना डीजल का इंतजाम करके आते थे और खेत की कटाई करने के बाद चले जाते थे, लेकिन इस वर्ष बगैर डीजल लिए कटाई करने से कंबाइन चालक हाथ खड़ा कर दिए हैं। इसका नतीजा है कि डीजल के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। पूरी पूंजी खेत में पड़ी है उसको घर लाने के लिए जो भी करना पड़े उसे करना ही पड़ेगा।
किसानों की लंबी भीड़ के कारण सभी पंपों पर तेल की किल्लत उत्पन्न हो गई है। एक पेट्रोल पंप मलिक ने बताया कि 10,000 लीटर डीजल उपलब्ध था वह मात्र दो घंटे में समाप्त हो गया। डीजल के लिए गाड़ी डिपो में खड़ी है। अब जब वहां से डीजल मिलेगा तभी उपलब्ध हो पाएगा। पंप संचालकों का कहना है कि डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। यह अभी आसानी के साथ सभी जगह मिल जाएगा, लेकिन अफवाहों के चलते लोग डीजल और पेट्रोल की जमाखोरी करना शुरू कर दिए हैं तो कमी पड़ जाएगी।
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महुली संवाद के अनुसार क्षेत्र में सात पेट्रोल पंप हैं, जिसमें से दो पर ही डीजल, पेट्रोल उपलब्ध है। इस कारण सुबह चार बजे से ही लोगों ने पेट्रोल पंपों पर लाइन लगानी शुरू कर दी। अधिकतर लोग गैलन लेकर पहुंचे थे। उसमें जरूरत से ज्यादा तेल लेकर स्टाॅक करने की कोशिश की जा रही है।
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क्षेत्र में पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर लोग सुबह से शाम तक पेट्रोल पंपों का चक्कर काट रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि क्षेत्र में तरह-तरह की अफवाह के कारण लोग तेल लेकर रख रहे हैं। अब आगे खेती का समय भी करीब है। गेहूं की कटाई और मड़ाई भी शुरू हो गई, जिसमें डीजल की अधिक आवश्यकता पड़ेगी, इन्हीं अफवाहों की वजह से गेहूं की कटाई का भी रेट कहीं-कहीं बढ़ा दिया गया है।
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तिघरा संवाद के अनुसार इलाके के पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखने को मिल रही है। विकासखंड बघौली के हवपुर भंडारी पेट्रोल पंप पर दो दिन से डीजल-पेट्रोल नहीं है। पेट्रोल पंप पर सूचना चस्पा की गई है। किसान व वाहन स्वामी पंप पर आ रहे हैं और बिना पेट्रोल-डीजल के वापस चले जा रहे हैं।
किसानों ने बताया कि सरसों की फसल तैयार है। उसे काटकर घर ले आने और फिर मड़ाई के लिए डीजल की आवश्यकता है, लेकिन डीजल मिल नहीं रहा है। जिले में जहां डीजल की उपलब्धता भी है, वहां केन या ड्रम में मिल नहीं रहा है।
तेल डंप करने से भी बढ़ी परेशानी
डीजल-पेट्रोल की किल्लत के बीच लोगों ने तेल डंप करना शुरू कर दिया है। यह सिलसिला कई दिनों से जारी है। कुछ जगहों पर ईंट-भट्ठा मालिकों, अस्पताल संचालकों और ट्रेलर मालिकों ने डीजल डंप किया है। इसके अलावा गैलन में भी डीजल व पेट्रोल खरीद कर लोग रख रहे हैं।
रोसयाबाजार में तेल के अभाव में एक पेट्रोल पंप बंद
रोसयाबाजार। क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर भीड़ खत्म नहीं हो रही है। हालांकि पौली में स्थित खर्चा गांव के पेट्रोल पंप पर दोपहर बाद तेल मिलना शुरू हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं दूल्हापार में स्थित सत्य साईं पेट्रोल पंप तेल के अभाव में बंद है, जबकि कृषक पेट्रोल पंप दुल्हापार पर सुबह लोग तेल के लिए लंबी-लंबी लाइन लगाकर खड़े थे। सुबह 10:00 बजे तक तेल मिलता रहा। लोग आगे की सोचकर अभी से ही बड़े-बड़े डिब्बों में तेल को अपने घरों पर रख ले रहे हैं। इस कारण भी पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइन देखने को मिल रही है।
धनघटा में दो घंटे में समाप्त हो गया 10 हजार लीटर डीजल
- गेहूं की कटाई के लिए किसान गैलन में ले रहे तेल
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। डीजल-पेट्रोल के संकट के बीच गेहूं की कटाई, मड़ाई सामने है। ऐसे में किसान अपनी फसल को घर लाने की जुगत में जुट गए हैं। इसका नतीजा है कि किसान डीजल लेकर रखने के लिए रात भर पंपों का चक्कर लगा रहे हैं। एक पेट्रोल पंप पर बृहस्पतिवार की रात करीब 8:00 बजे डीजल आया और 10:00 बजते-बजते 10,000 लीटर डीजल समाप्त हो गया। छाए बादल और शाॅर्ट सर्किट को देखते हुए किसान अपनी उपज जल्द से जल्द घर पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी बीच डीजल का संकट खड़ा हो गया तो फसल की कटाई करना किसानों के लिए चुनौती हो गई है।
कंबाइन चालक और भूसा बनाने वाले किसानों से कह रहे हैं कि डीजल लाकर दीजिए तभी कटाई हो पाएगी। ऐसे में किसान हाथ में जार लेकर डीजल की तलाश में निकल जाते हैं। शुक्रवार को पेट्रोल पंप रुपिन, धनघटा, मलौली आदि पंपों पर डीजल उपलब्ध था तो किसानों की लंबी कतार भी लगी रही। किसान रामसूरत, राजाराम, रघुवर, दीनदयाल, सरजू आदि का कहना था कि पिछले वर्षों कंबाइन चालक अपना डीजल का इंतजाम करके आते थे और खेत की कटाई करने के बाद चले जाते थे, लेकिन इस वर्ष बगैर डीजल लिए कटाई करने से कंबाइन चालक हाथ खड़ा कर दिए हैं। इसका नतीजा है कि डीजल के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। पूरी पूंजी खेत में पड़ी है उसको घर लाने के लिए जो भी करना पड़े उसे करना ही पड़ेगा।
किसानों की लंबी भीड़ के कारण सभी पंपों पर तेल की किल्लत उत्पन्न हो गई है। एक पेट्रोल पंप मलिक ने बताया कि 10,000 लीटर डीजल उपलब्ध था वह मात्र दो घंटे में समाप्त हो गया। डीजल के लिए गाड़ी डिपो में खड़ी है। अब जब वहां से डीजल मिलेगा तभी उपलब्ध हो पाएगा। पंप संचालकों का कहना है कि डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। यह अभी आसानी के साथ सभी जगह मिल जाएगा, लेकिन अफवाहों के चलते लोग डीजल और पेट्रोल की जमाखोरी करना शुरू कर दिए हैं तो कमी पड़ जाएगी।