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नियमों की अनदेखी कर चलाए जा रहे स्कूूल वाहन

Fri, 08 Oct 2021 11:06 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 08 Oct 2021 11:06 PM IST
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school vhicle without fitness
नियमों की अनदेखी कर चलाए जा रहे स्कूूल वाहन
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सीट संख्या से अधिक बैठाया जाता है विद्यार्थियों को
बसों और छोटे वाहनों पर नहीं लिखवाई गईं आवश्यक सूचनाएं
आरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हैं 310 बसें
फिटनेस चेंकिग के लिए 120 बस मालिकों को भेजा गया है नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले मेें निजी स्कूलों में चलने वाले अधिकांश वाहन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर सड़क पर चल रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही उजागर हो रही है। इसको रोकने के लिए न तो स्कूल के प्रबंध तंत्र गंभीर हैं और न ही जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी।
प्राइवेट स्कूलों में बस, रिक्शा, टेंपो, जीप व अन्य प्रकार के वाहन चलते हैं। स्कूलों में वाहनों की अनदेखी सामने आ रही है। मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए स्कूल संचालकों ने बसों में न तो खिड़कियों पर रॉड लगवाया है और न ही आवश्यक सूचनाएं लिखवाई हैं। इसके अलावा क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बसों और अन्य वाहनों में ढोया जा रहा है। मानकों की अनदेखी करने वाले शहर के अलावा धनघटा, मेंहदावल, बखिरा, हैंसर, सेमरियावां, बाघनगर आदि जगहों पर पुरानी और मानक के विपरीत बसें चल रही हैं। एआरटीओ कार्यालय में 310 स्कूली बसें पंजीकृत हैं। इसके साथ ही 50 छोटे स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। एआरटीओ कार्यालय ने 120 बसों की फिटनेस को लेकर संबंधित स्कूलों को नोटिस भी भेजा है।
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स्कूल बस के लिए ये हैं दिशा निर्देश
बस और छोटे वाहन 15 वर्ष से ज्यादा पुराने न हों।
बस और छोटे वाहन में बच्चों की सूची, जन्म, पता व ब्लड ग्रुप लिखा हो।
बस की खिड़कियों पर रॉड लगा होना चाहिए।
बस का रूट चार्ट अवश्य लिखा जाए।
बस में एक पुरुष और महिला सहायक तैनात हों।
चालक व सहायक का ड्रेस पहनना जरूरी है।
बस का रंग गोल्डन यलो विथ ब्राउन हो।
अग्निशमन यंत्र व फर्स्ट एंड बॉक्स हो।
बस पर आन ड्यूटी लिखा होना चाहिए।
बस के पीछे प्रबंधक और प्रधानाचार्य का नंबर होना चाहिए।
कोट
जो नियम है, उसी के अनुसार स्कूल बसें संचालित की जाएंगी। अगर कोई विद्यालय मानकों की अनदेखी करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। कोरोना के चलते स्कूल बंद थे। अब स्कूल खुले हैं। 120 बसों की फिटनेस चेकिंग के लिए संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही बिना पंजीकरण के जो भी छोटे स्कूली वाहन चलते पाए जाएंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कराया जाएगा।
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-आंजनेय सिंह, एआरटीओ
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