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लोक आयुक्त से हुई शिकायत की जांच में उजागर हुई अनियमितता
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लोक आयुक्त से हुई शिकायत की जांच में उजागर हुई अनियमितता
तत्कालीन प्रधान, सचिव और आरईडी के अवर अभियंता पाए गए पूर्ण रूप से दोषी, थुरंडा गांव में कराए गए कार्यों का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। लोक आयुक्त से हुई शिकायत की जांच में विकास खंड सेमरियावां के थुरंडा गांव में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता उजागर हुई है। जांच में तत्कालीन प्रधान, सचिव और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता पूर्ण रूप से दोषी पाए गए हैं। डीएम की ओर से संबंधित लोगों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि सबरून्निशा पत्नी साहेब अली ने ग्राम पंचायत थुरंडा में कराए गए विकास कार्यों मेें अनियमितता की शिकायत लोक आयुक्त से की थी। जांच तीन सदस्यीय टीम ने की। जांच में पाया गया कि वीपत के घर से उमर के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य के उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार मेसर्स ओम सांई कं स्ट्रक्शन मुंडेरवा से सामग्री पर 1,86,583.94 रुपये और मस्टररोल पर 21,729 रुपये लगा है। इस कार्य पर कुल 2,08,312 रुपये का भुगतान हुआ है। बिल पर फर्म के हस्ताक्षर नहीं हैं, जो संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। दो प्रतिशत आयकर की 3732 रुपये की कटौती नहीं की गई है। रामशंकर के घर से वीपत के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य पर मेसर्स दिनेश इंटरप्राइजेज भुजैनी का बिल लगा है। इसमें 29,531 रुपये सीमेंट, बालू पर एवं मेसर्स केके ब्रिकफील्ड से 39,600 रुपये की ईंट व ईंट का टुकड़ा तथा मेसर्स पटेल कंस्ट्रक्शन बस्ती के बिल पर सीमेंट, ईंट पर 80,839 रुपये का भुगतान किया गया है। मेसर्स केके ब्रिकफील्ड के बिल पर फर्म के हस्ताक्षर नहीं हैं। मेसर्स केके ब्रिकफील्ड पर 792 रुपये एवं मेसर्स पटेल कंस्ट्रक्शन बस्ती पर 2999 रुपये आयकर की कटौती नहीं की गई है। हैंडपंप रिबोर, चबूतरा एवं मरम्मत कार्य पर मेसर्स ओम सांई कंस्ट्रक्शन मुंडेरवा की ओर से चार हैंडपंप पर 1,58,108 रुपये खर्च दिखाया गया है। जबकि फर्म की ओर से बिल 46332 रुपये का निर्गत था। पुन: बिल के क्रमांक-8 पर हैंडपंप रिबोर चार नंबर 27,944 रुपये की दर से 1,11,776 रुपये बढ़ाकर बिल की धनराशि 1,58,108 रुपये की गई है। न तो बिल पर फर्म के हस्ताक्षर हैं ओर न ही कटिंग पर। इससे बिल संदिग्ध है। 3162 रुपये आयकर की कटौती भी नहीं की गई है। दो हैंडपंप के रिबोर और चबूतरा मरम्मत पर 91,520 रुपये खर्च किया गया है। बिल पर मेसर्स ओम कंस्ट्रक्शन फर्म के हस्ताक्षर नहीं हैं। इससे बिल संदिग्ध है। 1810 रुपये आयकर की कटौती भी नहीं की गई। फारूख के घर से सईद के घर तक 50 मीटर नाली निर्माण का प्राक्कलन 80,500 रुपये का है। मेसर्स ओम सांई कंस्ट्रक्शन मुंडेरवा से 61,639 रुपये का बिल लगाया गया है। बिल पर फर्म के हस्ताक्षर नहीं हैं, जो संदिग्ध प्रतीत होता है। 1233 रुपये की आयकर कटौती भी नहीं की गई। नाली निर्माण पर 21,858 रुपये का कार्य अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा अधिक मापा गया। जबकि सचिव और प्रधान की ओर से 17,616 रुपये का अधिक भुगतान किया गया है। इसकी वसूली उचित होगी। ओम प्रकाश के घर से राम उजागिर के घर तक 94 मीटर भूमिगत नाली के निर्माण का 1,73,510 रुपये का प्राक्कलन बनाया गया। मेसर्स ओम सांई कंस्ट्रक्शन मुंडेरवा का 1,55,062 रुपये का बिल लगाया गया। जिस पर फर्म के हस्ताक्षर नहीं हैं, जो संदिग्ध प्रतीत होता है। अवर अभियंता की ओर से की गई माप पुस्तिका में सामग्री आपूर्ति एवं फर्म द्वारा आपूर्ति बिल के अनुसार आपूर्ति सामग्री एवं धनराशि में 7044 रुपये का अंतर है। इसके लिए अवर अभियंता दोषी हैं।
इन कार्यों में भी मिली गड़बड़ी
मेन सड़क से अरविंद के घर तक 100 मीटर खड़ंजा निर्माण का प्राक्कलन 1,11,556 रुपये है। बिल पर फर्म के हस्ताक्षर नहीं हैं। 1564 रुपये आयकर की कटौती नहीं की गई। अवर अभियंता ने 14,250 ईंट की आपूर्ति का मापांकन किया है। जबकि फर्म द्वारा 13,540 ईंट की आपूर्ति की गई है। बिना 710 ईंट की आपूर्ति के ही मापांकन किया गया है। इसके लिए अवर अभियंता एसए सिद्दीकी पूर्ण रूप से उत्तरदायी हैं। इसी तरह सोमई के घर से निरहू के घर तक 72 मीटर सीसीरोड कार्य और राजबहादुर के घर से फूलचंद के घर तक 90 मीटर सीसी रोड कार्य में भी गड़बड़ी मिली है। मेन रोड से तालाब तक 780 वर्ग मीटर खड़ंजा कार्य, मेन सड़क से राम कृपाल के घर तक 120 वर्ग मीटर खड़ंजा कार्य में गड़बड़ी पाई गई। प्राथमिक विद्यालय पचपेड़वा में शौचालय निर्माण का प्राक्कलन 1,47,000 रुपये का है। 2052 रुपये आयकर कटौती नहीं की गई। अवर अभियंता के जरिए की गई माप पुस्तिका में सामग्री की आपूर्ति एवं फर्म के जरिए की गई आपूर्ति सामग्री व धनराशि में 11,384 रुपये का अंतर है। इसके लिए अवर अभियंता दोषी हैं।
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कोट
जांच में पाया गया है कि बिलों पर बिना फर्म के हस्ताक्षर के बिल का भुगतान किया गया है। जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। इसके लिए सचिव आनंद कुमार एवं अश्वनी कुमार गौतम पूर्ण रूप से दोषी हैं। बिल पर बिना फर्म के हस्ताक्षर के भुगतान किया जाना एवं बिल में धनराशि बढ़ाया जाना कूटरचित प्रतीत होता है। 28,596 रुपये आयकर की कटौती नहीं की गई। इससे शासकीय क्षति हुई। नाली निर्माण पर 17,616 रुपये अधिक भुगतान के लिए तत्कालीन प्रधान रामचेत और सचिव आनंद कुमार व अश्वनी कुमार गौतम दोषी हैं। फर्म से आपूर्तित सामग्री अधिक व कम का मापांकन किए जाने के लिए अवर अभियंता ग्रामीण एसए सिद्दीकी पूर्ण रूप से दोषी पाए गए हैं। इस मामले में संबधितों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं होने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डीएम, दिव्या मित्तल
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तत्कालीन प्रधान, सचिव और आरईडी के अवर अभियंता पाए गए पूर्ण रूप से दोषी, थुरंडा गांव में कराए गए कार्यों का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। लोक आयुक्त से हुई शिकायत की जांच में विकास खंड सेमरियावां के थुरंडा गांव में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता उजागर हुई है। जांच में तत्कालीन प्रधान, सचिव और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता पूर्ण रूप से दोषी पाए गए हैं। डीएम की ओर से संबंधित लोगों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि सबरून्निशा पत्नी साहेब अली ने ग्राम पंचायत थुरंडा में कराए गए विकास कार्यों मेें अनियमितता की शिकायत लोक आयुक्त से की थी। जांच तीन सदस्यीय टीम ने की। जांच में पाया गया कि वीपत के घर से उमर के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य के उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार मेसर्स ओम सांई कं स्ट्रक्शन मुंडेरवा से सामग्री पर 1,86,583.94 रुपये और मस्टररोल पर 21,729 रुपये लगा है। इस कार्य पर कुल 2,08,312 रुपये का भुगतान हुआ है। बिल पर फर्म के हस्ताक्षर नहीं हैं, जो संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। दो प्रतिशत आयकर की 3732 रुपये की कटौती नहीं की गई है। रामशंकर के घर से वीपत के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य पर मेसर्स दिनेश इंटरप्राइजेज भुजैनी का बिल लगा है। इसमें 29,531 रुपये सीमेंट, बालू पर एवं मेसर्स केके ब्रिकफील्ड से 39,600 रुपये की ईंट व ईंट का टुकड़ा तथा मेसर्स पटेल कंस्ट्रक्शन बस्ती के बिल पर सीमेंट, ईंट पर 80,839 रुपये का भुगतान किया गया है। मेसर्स केके ब्रिकफील्ड के बिल पर फर्म के हस्ताक्षर नहीं हैं। मेसर्स केके ब्रिकफील्ड पर 792 रुपये एवं मेसर्स पटेल कंस्ट्रक्शन बस्ती पर 2999 रुपये आयकर की कटौती नहीं की गई है। हैंडपंप रिबोर, चबूतरा एवं मरम्मत कार्य पर मेसर्स ओम सांई कंस्ट्रक्शन मुंडेरवा की ओर से चार हैंडपंप पर 1,58,108 रुपये खर्च दिखाया गया है। जबकि फर्म की ओर से बिल 46332 रुपये का निर्गत था। पुन: बिल के क्रमांक-8 पर हैंडपंप रिबोर चार नंबर 27,944 रुपये की दर से 1,11,776 रुपये बढ़ाकर बिल की धनराशि 1,58,108 रुपये की गई है। न तो बिल पर फर्म के हस्ताक्षर हैं ओर न ही कटिंग पर। इससे बिल संदिग्ध है। 3162 रुपये आयकर की कटौती भी नहीं की गई है। दो हैंडपंप के रिबोर और चबूतरा मरम्मत पर 91,520 रुपये खर्च किया गया है। बिल पर मेसर्स ओम कंस्ट्रक्शन फर्म के हस्ताक्षर नहीं हैं। इससे बिल संदिग्ध है। 1810 रुपये आयकर की कटौती भी नहीं की गई। फारूख के घर से सईद के घर तक 50 मीटर नाली निर्माण का प्राक्कलन 80,500 रुपये का है। मेसर्स ओम सांई कंस्ट्रक्शन मुंडेरवा से 61,639 रुपये का बिल लगाया गया है। बिल पर फर्म के हस्ताक्षर नहीं हैं, जो संदिग्ध प्रतीत होता है। 1233 रुपये की आयकर कटौती भी नहीं की गई। नाली निर्माण पर 21,858 रुपये का कार्य अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा अधिक मापा गया। जबकि सचिव और प्रधान की ओर से 17,616 रुपये का अधिक भुगतान किया गया है। इसकी वसूली उचित होगी। ओम प्रकाश के घर से राम उजागिर के घर तक 94 मीटर भूमिगत नाली के निर्माण का 1,73,510 रुपये का प्राक्कलन बनाया गया। मेसर्स ओम सांई कंस्ट्रक्शन मुंडेरवा का 1,55,062 रुपये का बिल लगाया गया। जिस पर फर्म के हस्ताक्षर नहीं हैं, जो संदिग्ध प्रतीत होता है। अवर अभियंता की ओर से की गई माप पुस्तिका में सामग्री आपूर्ति एवं फर्म द्वारा आपूर्ति बिल के अनुसार आपूर्ति सामग्री एवं धनराशि में 7044 रुपये का अंतर है। इसके लिए अवर अभियंता दोषी हैं।
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इन कार्यों में भी मिली गड़बड़ी
मेन सड़क से अरविंद के घर तक 100 मीटर खड़ंजा निर्माण का प्राक्कलन 1,11,556 रुपये है। बिल पर फर्म के हस्ताक्षर नहीं हैं। 1564 रुपये आयकर की कटौती नहीं की गई। अवर अभियंता ने 14,250 ईंट की आपूर्ति का मापांकन किया है। जबकि फर्म द्वारा 13,540 ईंट की आपूर्ति की गई है। बिना 710 ईंट की आपूर्ति के ही मापांकन किया गया है। इसके लिए अवर अभियंता एसए सिद्दीकी पूर्ण रूप से उत्तरदायी हैं। इसी तरह सोमई के घर से निरहू के घर तक 72 मीटर सीसीरोड कार्य और राजबहादुर के घर से फूलचंद के घर तक 90 मीटर सीसी रोड कार्य में भी गड़बड़ी मिली है। मेन रोड से तालाब तक 780 वर्ग मीटर खड़ंजा कार्य, मेन सड़क से राम कृपाल के घर तक 120 वर्ग मीटर खड़ंजा कार्य में गड़बड़ी पाई गई। प्राथमिक विद्यालय पचपेड़वा में शौचालय निर्माण का प्राक्कलन 1,47,000 रुपये का है। 2052 रुपये आयकर कटौती नहीं की गई। अवर अभियंता के जरिए की गई माप पुस्तिका में सामग्री की आपूर्ति एवं फर्म के जरिए की गई आपूर्ति सामग्री व धनराशि में 11,384 रुपये का अंतर है। इसके लिए अवर अभियंता दोषी हैं।
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जांच में पाया गया है कि बिलों पर बिना फर्म के हस्ताक्षर के बिल का भुगतान किया गया है। जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। इसके लिए सचिव आनंद कुमार एवं अश्वनी कुमार गौतम पूर्ण रूप से दोषी हैं। बिल पर बिना फर्म के हस्ताक्षर के भुगतान किया जाना एवं बिल में धनराशि बढ़ाया जाना कूटरचित प्रतीत होता है। 28,596 रुपये आयकर की कटौती नहीं की गई। इससे शासकीय क्षति हुई। नाली निर्माण पर 17,616 रुपये अधिक भुगतान के लिए तत्कालीन प्रधान रामचेत और सचिव आनंद कुमार व अश्वनी कुमार गौतम दोषी हैं। फर्म से आपूर्तित सामग्री अधिक व कम का मापांकन किए जाने के लिए अवर अभियंता ग्रामीण एसए सिद्दीकी पूर्ण रूप से दोषी पाए गए हैं। इस मामले में संबधितों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं होने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डीएम, दिव्या मित्तल